फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Facilities for treatment of heart patients are far away.

Lalitpur News: हृदय रोगियों के उपचार की सुविधा कोसों दूर

Sun, 29 Sep 2024 02:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2024 02:19 AM IST
विज्ञापन
Facilities for treatment of heart patients are far away.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से यहां रोगियों को मात्र प्राथमिक उपचार ही मिल पा रहा है। इसके बाद उन्हें झांसी व अन्य महानगरों में जाना पड़ रहा है। प्रतिदिन औसतन दो मरीज रेफर किए जा रहे हैं। निर्धन तबके के कई मरीज उपचार तक नहीं कर पा रहे हैं।
आज विश्व हृदय दिवस है। कभी बुढ़ापे की बीमारी कही जाने वाली हृदय संबंधी बीमारी अब बच्चों तक को अपनी चपेट में ले रही है। शहरी आबादी तो दूर ग्रामीण भी इससे अछूते नहीं हैं। इसे देखते हुए कुछ वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज में गहन हृदय चिकित्सा इकाई (सीसीयू) स्थापित की गई थी। आठ बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर समेत वॉल्व की गति की जांच के लिए ईको जांच मशीन भी उपलब्ध कराई गई। लेकिन, विशेषज्ञ की कमी से यह सुविधाएं किसी काम की नहीं हैं। वर्तमान में सीसीयू को वरिष्ठ फिजिशियन के सहारे संचालित किया जा रहा है। संसाधन भी अनदेखी के चलते बदहाल हो गए हैं। सीसीयू में ऑक्सीजन तक पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं हो पा रही है। वेंटिलेटर भी खराब पड़े हैं।
विज्ञापन

वर्तमान में हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार ही मिल पा रहा है। हार्ट के मरीज आने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। कई मरीजों को समय पर इलाज न मिल पाने से उनकी हालत खराब हो जाती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन हार्ट के दो मरीज आते हैं और उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
सीसीयू में हार्ट रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। अब तो हार्ट अटैक की पुष्टि के लिए ट्रॉप-टी जांच सुविधा शुरू हो गई है।
- डॉ. आशीष अग्निहोत्री, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed