{"_id":"65d65b824d94a7712e06eb19","slug":"explanation-sought-from-supervisor-on-negligence-in-treatment-of-tuberculosis-patients-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-110722-2024-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: क्षय रोगियों के उपचार में लापरवाही पर सुपरवाइजर से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: क्षय रोगियों के उपचार में लापरवाही पर सुपरवाइजर से मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग क्षय रोगियों को चिह्नित कर भले ही समय से उनके उपचार का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत इसके उलट है। 12 क्षय रोगी ऐसे मिले, जिनका चिह्नीकरण होने के बाद उपचार शुरू नहीं हो सका। 12 में 10 मरीज ब्लॉक जखौरा के पाए गए, जिन्हें दवा नहीं मिल रही है। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने जांच के निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी ने संबंधित सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रधानमंत्री ने देश को वर्ष 2025 तक टीबी से मुक्त करने की योजना तैयार की है। अभियान चलाकर क्षय रोगियों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नीकरण के 24 घंटे में उपचार शुरू किया जाता है। पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए मरीजों को पैसों का भुगतान भी किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को समय से उपचार कराने का दावा कर रहा है, लेकिन जिम्मेदार अभियान को लेकर उदासीन बने हैं। ऐसा ही मामला अपर निदेशक स्वास्थ्य के सामने आया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 12 क्षय रोगी ऐसे मिले हैं, जिनकी दवा चिह्नित होने के बाद भी शुरू नहीं की गई है। अधिकारियों को कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित क्षय रोगी दवा लेने से इन्कार कर रहे हैं। इसमें गड़बड़झाला तब प्रतीत हुआ जब 12 मरीजों में दस मरीज ब्लॉक जखौरा के पाए गए। एडी हेल्थ ने माना कि सुपरवाइजर ने मरीजों को बीमारी के बारे में समझाया नहीं, न ही स्वस्थ रहने के लिए दवा लेने को जागरूक किया। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. आरएन सोनी ने संबंधित सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग क्षय रोगियों को चिह्नित कर भले ही समय से उनके उपचार का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत इसके उलट है। 12 क्षय रोगी ऐसे मिले, जिनका चिह्नीकरण होने के बाद उपचार शुरू नहीं हो सका। 12 में 10 मरीज ब्लॉक जखौरा के पाए गए, जिन्हें दवा नहीं मिल रही है। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने जांच के निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी ने संबंधित सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रधानमंत्री ने देश को वर्ष 2025 तक टीबी से मुक्त करने की योजना तैयार की है। अभियान चलाकर क्षय रोगियों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नीकरण के 24 घंटे में उपचार शुरू किया जाता है। पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए मरीजों को पैसों का भुगतान भी किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को समय से उपचार कराने का दावा कर रहा है, लेकिन जिम्मेदार अभियान को लेकर उदासीन बने हैं। ऐसा ही मामला अपर निदेशक स्वास्थ्य के सामने आया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 12 क्षय रोगी ऐसे मिले हैं, जिनकी दवा चिह्नित होने के बाद भी शुरू नहीं की गई है। अधिकारियों को कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित क्षय रोगी दवा लेने से इन्कार कर रहे हैं। इसमें गड़बड़झाला तब प्रतीत हुआ जब 12 मरीजों में दस मरीज ब्लॉक जखौरा के पाए गए। एडी हेल्थ ने माना कि सुपरवाइजर ने मरीजों को बीमारी के बारे में समझाया नहीं, न ही स्वस्थ रहने के लिए दवा लेने को जागरूक किया। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. आरएन सोनी ने संबंधित सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन