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Lalitpur News: तीन किमी सड़क का 28 वर्ष बाद भी नहीं हो सका डामरीकरण
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बार (ललितपुर)। ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम बम्हौरी खड़ैत से पारौन मार्ग का 28 वर्ष बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। इस तीन किलोमीटर लंबे मार्ग में महज गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, जो अब उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे पांच गांवों की लगभग 20 हजार की आबादी को आवागमन की समस्या बनी हुई है। लोगों को छह किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
बार के समीप ग्राम धमना-पारौन मार्ग की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। इस मार्ग से पांच गांवों के लोग सीधे बार मुख्यालय व जिला मुख्यालय के लिए आवागमन करते हैं। साथ ही झूमरनाथ धाम व ठठोराधाम भी है, जहां पर श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मार्ग प्रमुख माना जाता है। इसमें धमना से बम्हौरीखड़ैत तक तीन किलोमीटर तक पक्का मार्ग है।
लेकिन, बम्हौरीखड़ैत से पारौंन तक तीन किमी कच्चा मार्ग है। तत्कालीन विधायक पूरन सिंह बुंदेला ने वर्ष 1995 में गिट्टी डलवा कर लिंक रोड बनवाया था। तब से अब तक 28 वर्ष बाद भी मार्ग का डामरीकरण नहीं हो सका है। इससे अब गिट्टी उखड़ गई है। मार्ग में जगह-जगह विशाल गड्ढे हो गए हैं। इससे सुरक्षित चलना तक दुश्वार हो गया है। दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
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बार के समीप ग्राम धमना-पारौन मार्ग की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। इस मार्ग से पांच गांवों के लोग सीधे बार मुख्यालय व जिला मुख्यालय के लिए आवागमन करते हैं। साथ ही झूमरनाथ धाम व ठठोराधाम भी है, जहां पर श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मार्ग प्रमुख माना जाता है। इसमें धमना से बम्हौरीखड़ैत तक तीन किलोमीटर तक पक्का मार्ग है।
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लेकिन, बम्हौरीखड़ैत से पारौंन तक तीन किमी कच्चा मार्ग है। तत्कालीन विधायक पूरन सिंह बुंदेला ने वर्ष 1995 में गिट्टी डलवा कर लिंक रोड बनवाया था। तब से अब तक 28 वर्ष बाद भी मार्ग का डामरीकरण नहीं हो सका है। इससे अब गिट्टी उखड़ गई है। मार्ग में जगह-जगह विशाल गड्ढे हो गए हैं। इससे सुरक्षित चलना तक दुश्वार हो गया है। दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
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