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खाली पड़े अग्नि शमन यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:07 AM IST
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Empty extinguishers, lalitpur news
- फोटो : amarujala
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ललितपुर। गर्मी के मौसम में लगने वाली आग से बचाव के लिए विद्युत विभाग तैयार नहीं है। विद्युत विभाग के पास स्टोर में काफी अग्नि शमन यंत्र रखे हैं, लेकिन सब स्टेशनों पर इनका अभाव है। जिन सब स्टेशनों के पास अग्नि शमन यंत्र हैं, तो वह खाली पड़े हैं। वर्षों से खाली रखे इन अग्निशमन यंत्रों को भरवाने की सुध विद्युत विभाग ने नहीं ली है।
गल्ला मंडी स्थित 66 केवीए विद्युत सब स्टेशन पर स्थापित पांच एमवीए के तीन और आठ एमवीए के एक ट्रांसफार्मरों में 66 व 33 केवीए हाईटेंशन लाइन पहुंचती है। उच्च क्षमता के इन ट्रांसफार्मरों से ग्यारह हजार केवीए लाइनों के माध्यम से यहां स्थापित फीडर नंबर एक, तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, राजघाट, देवगढ़ व चंदेरा के माध्यम से आधे शहर समेत 84 गांव को बिजली आपूर्ति प्रदान की जाती है। सब स्टेशन में स्थित हाईटेंशन लाइनों, उच्च क्षमता ट्रांसफार्मरों एवं ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) व वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनों में आए दिन विद्युत फाल्ट होने के कारण आग की घटनाएं होती रहती हैं।
ओसीबी और वीसीबी मशीनों में आग लगने की घटनाएं आम हैं। तीन वर्ष पूर्व 66 केवी सब स्टेशन के नजदीक स्थित वर्कशॉप में भीषण आगजनी हो गई थी, जिसमें लाखों रुपये का तेल, ट्रांसफार्मर व अन्य विद्युत सामग्री जलकर नष्ट हो गई थी। यह आग कई घंटों बाद फायर ब्रिगेड और विद्युत कर्मियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई जा सकी थी। हालांकि, यहां पास में ही स्थापित अन्य उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों में आग नहीं लग सकी थी, अन्यथा बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। उस समय सब स्टेशन व विद्युत स्टोर में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्यूसर यंत्र आग बुझाने के दौरान खाली हो गए थे।
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वर्तमान में विद्युत स्टोर में 30 से 40 रीफिल किए हुए अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता दर्शाई जा रही है, लेकिन गल्ला मंडी सब स्टेशन पर तब से न तो अग्निशमन यंत्रों को रीफिल कराया गया है और न ही नए यंत्रों को मंगाकर रखा गया है। जबकि, सब स्टेशन पर आए दिन कभी हाईटेंशन लाइनों में फाल्ट तो कभी ओसीबी या वीसीबी मशीनों में, तो कभी ट्रांसफार्मरों में फाल्ट होने से आग का खतरा बना रहता है।
शुक्रवार को यहां स्थापित फीडर नंबर तीन, चार व नेहरू नगर की इनकमिंग वीसीबी मशीन में आग लग गई थी, लेकिन सब स्टेशन पर खाली रखे अग्निशमन यंत्र मात्र शोपीस बने हुए हैं। ऐसे में विद्युत कर्मियों को सब स्टेशन में बालू फेंककर आग बुझानी पड़ी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब सब स्टेशन में विद्युत फाल्ट की वजह से आग लगी हो, ऐसा होना यहां आम बात है।
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गल्ला मंडी स्थित 66 केवीए विद्युत सब स्टेशन पर स्थापित पांच एमवीए के तीन और आठ एमवीए के एक ट्रांसफार्मरों में 66 व 33 केवीए हाईटेंशन लाइन पहुंचती है। उच्च क्षमता के इन ट्रांसफार्मरों से ग्यारह हजार केवीए लाइनों के माध्यम से यहां स्थापित फीडर नंबर एक, तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, राजघाट, देवगढ़ व चंदेरा के माध्यम से आधे शहर समेत 84 गांव को बिजली आपूर्ति प्रदान की जाती है। सब स्टेशन में स्थित हाईटेंशन लाइनों, उच्च क्षमता ट्रांसफार्मरों एवं ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) व वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनों में आए दिन विद्युत फाल्ट होने के कारण आग की घटनाएं होती रहती हैं।
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ओसीबी और वीसीबी मशीनों में आग लगने की घटनाएं आम हैं। तीन वर्ष पूर्व 66 केवी सब स्टेशन के नजदीक स्थित वर्कशॉप में भीषण आगजनी हो गई थी, जिसमें लाखों रुपये का तेल, ट्रांसफार्मर व अन्य विद्युत सामग्री जलकर नष्ट हो गई थी। यह आग कई घंटों बाद फायर ब्रिगेड और विद्युत कर्मियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई जा सकी थी। हालांकि, यहां पास में ही स्थापित अन्य उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों में आग नहीं लग सकी थी, अन्यथा बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। उस समय सब स्टेशन व विद्युत स्टोर में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्यूसर यंत्र आग बुझाने के दौरान खाली हो गए थे।
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वर्तमान में विद्युत स्टोर में 30 से 40 रीफिल किए हुए अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता दर्शाई जा रही है, लेकिन गल्ला मंडी सब स्टेशन पर तब से न तो अग्निशमन यंत्रों को रीफिल कराया गया है और न ही नए यंत्रों को मंगाकर रखा गया है। जबकि, सब स्टेशन पर आए दिन कभी हाईटेंशन लाइनों में फाल्ट तो कभी ओसीबी या वीसीबी मशीनों में, तो कभी ट्रांसफार्मरों में फाल्ट होने से आग का खतरा बना रहता है।
शुक्रवार को यहां स्थापित फीडर नंबर तीन, चार व नेहरू नगर की इनकमिंग वीसीबी मशीन में आग लग गई थी, लेकिन सब स्टेशन पर खाली रखे अग्निशमन यंत्र मात्र शोपीस बने हुए हैं। ऐसे में विद्युत कर्मियों को सब स्टेशन में बालू फेंककर आग बुझानी पड़ी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब सब स्टेशन में विद्युत फाल्ट की वजह से आग लगी हो, ऐसा होना यहां आम बात है।