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Lalitpur News: मनरेगा में सवा लाख का गबन, एफआईआर दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मनरेगा के जॉबकार्डों में गलत तरीके से अन्य लोगों के बैंक खातों का प्रयोग और गांव में अल्पसंख्यक परिवार न होने के बाद भी जॉबकार्ड जारी कर 1.21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह खुलासा ग्रामीण की शिकायत पर हुई जांच में हुआ। ग्राम विकास अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व रोजगार सेवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ब्लॉक बिरधा के ग्राम पंचायत महोली में तैनात ग्राम विकास अधिकारी शरद यादव ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि कुछ माह पूर्व दो शिकायतें आई थीं। महोली में गलत बैंक खातों का प्रयोग कर भ्रष्टाचार करने और दूसरी शिकायत में अल्पसंख्यक समुदाय का कोई परिवार गांव में न होने के बाद भी जॉबकार्ड बनाकर मनरेगा की धनराशि में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए थे। इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी बिरधा व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी बिरधा ने की। पहली जांच में पाया गया कि महोली में जॉबकार्डों में अनुचित तरीके से अन्य लोगों के बैंक खाते फीड करवाकर मनरेगा की धनराशि 101174 रुपये का भुगतान कराया गया।
दूसरी शिकायत की जांच में पाया गया कि महोली में अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति निवास नहीं करते। बावजूद इसके जॉबकार्ड संख्या 246 बसीर खां (मुखिया), अक्तरी के अलावा दो अन्य सदस्य बैजनाथ व शिवम को भी जोड़ा गया था, जिनका उक्त परिवार से कोई संबंध नहीं है। शिवम के नाम से कुल 20658 रुपये का भुगतान किया गया। दोनों शिकायतों की जांच में कुल 1,21,832 रुपये का दुरुपयोग किया गया। जांच में तत्कालीन रोजगार सेवक सुरेश श्रीवास्तव और ग्राम विकास अधिकारी अमित जैन को दोषी पाया गया। पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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ललितपुर। मनरेगा के जॉबकार्डों में गलत तरीके से अन्य लोगों के बैंक खातों का प्रयोग और गांव में अल्पसंख्यक परिवार न होने के बाद भी जॉबकार्ड जारी कर 1.21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह खुलासा ग्रामीण की शिकायत पर हुई जांच में हुआ। ग्राम विकास अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व रोजगार सेवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ब्लॉक बिरधा के ग्राम पंचायत महोली में तैनात ग्राम विकास अधिकारी शरद यादव ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि कुछ माह पूर्व दो शिकायतें आई थीं। महोली में गलत बैंक खातों का प्रयोग कर भ्रष्टाचार करने और दूसरी शिकायत में अल्पसंख्यक समुदाय का कोई परिवार गांव में न होने के बाद भी जॉबकार्ड बनाकर मनरेगा की धनराशि में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए थे। इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी बिरधा व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी बिरधा ने की। पहली जांच में पाया गया कि महोली में जॉबकार्डों में अनुचित तरीके से अन्य लोगों के बैंक खाते फीड करवाकर मनरेगा की धनराशि 101174 रुपये का भुगतान कराया गया।
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दूसरी शिकायत की जांच में पाया गया कि महोली में अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति निवास नहीं करते। बावजूद इसके जॉबकार्ड संख्या 246 बसीर खां (मुखिया), अक्तरी के अलावा दो अन्य सदस्य बैजनाथ व शिवम को भी जोड़ा गया था, जिनका उक्त परिवार से कोई संबंध नहीं है। शिवम के नाम से कुल 20658 रुपये का भुगतान किया गया। दोनों शिकायतों की जांच में कुल 1,21,832 रुपये का दुरुपयोग किया गया। जांच में तत्कालीन रोजगार सेवक सुरेश श्रीवास्तव और ग्राम विकास अधिकारी अमित जैन को दोषी पाया गया। पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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