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सप्ताह भर में बन जाएगा विद्युत कंट्रोल रूम
lalitpur
Updated Thu, 20 Apr 2017 11:55 PM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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जनपद में कहीं भी बिजली समस्या दूर करने के लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। विद्युत अधिकारियों का दावा है कि यह एक सप्ताह में काम करना शुरू कर देगा। इसके लिए विद्युत विभाग ने बीएसएनएल में फोन नंबर के लिए आवेदन कर दिया है। यहां शिकायत करने पर तत्काल एक्शन होगा। उपभोक्ताओं की शिकायतों की रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। समय से समस्या हल नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में 13 विद्युुत सब स्टेेशनों के माध्यम से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। आए दिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग आदि से लाइनों में फाल्ट, तो कभी गली मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर जलने पर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। जानकारी न होने का बहाना बनाकर कई बार विद्युत कर्मियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है और उपभोक्ताओं को घंटों बिजली के अभाव में परेशान होना पड़ता है। कई बार शिफ्ट शुरू होने के एक घंटे पूर्व और एक घंटे बाद के दौरान विद्युत कर्मचारी फाल्ट सुधारने में ही आनाकानी करते हैं। शिफ्ट शुरू होने के यदि एक से डेढ़ घंटे पूर्व कहीं फाल्ट आ जाता है, तो यह कर्मचारी अगली शिफ्ट वाले कर्मचारी के आने तक काम नहीं करतेे हैं और शिफ्ट खत्म होने के बाद तो काम का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में कई बार डेढ़ से दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
इससे भी बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है, जब कई बार रात-रात भर बिजली फाल्ट में सुधार नहीं किया जाता है और सुबह होने पर ही फाल्ट सुधारा जाता है। ऐसी समस्याओं को देखते हुए और शासन द्वारा बिजली आपूर्ति भरपूर देने के आदेेश के चलते अब बिजली विभाग ने जनपद मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने बीएसएनएल में कंट्रोल रूम के फोन के लिए आवेदन भी कर दिया है।
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अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में बीएसएनएल नंबर मिलते ही कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी जाएगी। इसमें एक विद्युत कर्मचारी हर समय तैनात रहेगा और कंट्रोल रू म के फोन पर आने वाली हर कॉल की रिकॉर्डिंग की जाएगी। ताकि कोई भी उपभोक्ता या कर्मचारी अपनी बात से मुकर न पाए और उक्त शिकायत के आधार पर समय से फाल्ट का निस्तारण किया जा सके।
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जनपद में 13 विद्युुत सब स्टेेशनों के माध्यम से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। आए दिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग आदि से लाइनों में फाल्ट, तो कभी गली मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर जलने पर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। जानकारी न होने का बहाना बनाकर कई बार विद्युत कर्मियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है और उपभोक्ताओं को घंटों बिजली के अभाव में परेशान होना पड़ता है। कई बार शिफ्ट शुरू होने के एक घंटे पूर्व और एक घंटे बाद के दौरान विद्युत कर्मचारी फाल्ट सुधारने में ही आनाकानी करते हैं। शिफ्ट शुरू होने के यदि एक से डेढ़ घंटे पूर्व कहीं फाल्ट आ जाता है, तो यह कर्मचारी अगली शिफ्ट वाले कर्मचारी के आने तक काम नहीं करतेे हैं और शिफ्ट खत्म होने के बाद तो काम का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में कई बार डेढ़ से दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
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इससे भी बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है, जब कई बार रात-रात भर बिजली फाल्ट में सुधार नहीं किया जाता है और सुबह होने पर ही फाल्ट सुधारा जाता है। ऐसी समस्याओं को देखते हुए और शासन द्वारा बिजली आपूर्ति भरपूर देने के आदेेश के चलते अब बिजली विभाग ने जनपद मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने बीएसएनएल में कंट्रोल रूम के फोन के लिए आवेदन भी कर दिया है।
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अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में बीएसएनएल नंबर मिलते ही कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी जाएगी। इसमें एक विद्युत कर्मचारी हर समय तैनात रहेगा और कंट्रोल रू म के फोन पर आने वाली हर कॉल की रिकॉर्डिंग की जाएगी। ताकि कोई भी उपभोक्ता या कर्मचारी अपनी बात से मुकर न पाए और उक्त शिकायत के आधार पर समय से फाल्ट का निस्तारण किया जा सके।