फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   electricity null

हजारों घरों में नहीं है बिजली

Tue, 31 May 2016 01:43 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Tue, 31 May 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
electricity null
इलैक्‍ट्रीस‌िटी - फोटो : demo pic
ललितपुर। शहर में हर रोज हजारों उपभोक्ता बिना कनेक्शन लिए मुफ्त की बिजली जला रहे हैं। इस बात का खुलासा हाल में नगर पालिका द्वारा कराए गए मकानों के सर्वे से हुआ है। सर्वे में दर्ज मकानों के सापेक्ष लगभग 11 हजार कम उपभोक्ता बिजली विभाग में दर्ज हैं, जबकि विद्युत विभाग द्वारा लगभग प्रत्येक माह चेकिंग की जा रही है। ऐसे में विद्युत विभाग को विद्युत खपत के सापेक्ष काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


शहर में बिजली का उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या करीब 26 हजार है, यह लोग वैध रूप से अलग- अलग किलोवाट के हिसाब से बिजली कनेक्शन लिए हैं। विभाग में दर्ज ऐसे सभी उपभोक्ताओं से बिजली की खपत के सापेक्ष  हर माह रीडिंग के अनुसार या फिर मीटर में खराबी होने की दशा में फिक्स  यूूनिट के हिसाब से विद्युत बकाया की वसूली की जाती है। वहीं, वाणिज्यिक व पावर कनेक्शनों की संख्या भी लगभग 3,600 है। बिजली विभाग  द्वारा तीन महीने पूर्व विद्युत महाचेकिंग अभियान चलाकर कनेक्शनों की संख्या बढ़ाई थी, जबकि हर माह सवा से अधिक लोगों द्वारा नए कनेक्शन लिए जा रहे हैं। हालांकि हर माह लगभग आधा दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं द्वारा बिजली की जरूरत नहीं होने पर बिजली कनेक्शन कटवाए भी  जा रहे हैं, लेकिन यह संख्या काफी कम है। इस प्रकार शहर में अब तक घरेलू कनेक्शनधारी बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 26 हजार तक पहुंच सकी है। इसमें से लगभग 25 हजार बिजली कनेक्शनों को ऑनलाइन फीड कर दिया गया है और बाकी कनेक्शनों की फीडिंग का कार्य जारी है।
विज्ञापन


चेकिंग के दौरान बिजली विभाग के कर्मियों ने पाया था कि लगभग हर घर में बिजली का उपभोग किया जा रहा है। लेकिन, नगर पालिका द्वारा कराए गये मकानों के सर्वे और बिजली विभाग के विद्युत कनेक्शन में भारी अंतर है। शहर में हाल ही में कराए गए सर्वे के अनुसार 37,059 मकान हैं। इसमें कुछ खाली प्लाट भी जुड़े हुए हैं। लेकिन, इसके सापेक्ष बिजली विभाग में 26 हजार कनेक्शन हैं। यदि खाली प्लाटों को अलग कर भी दिया जाए, तो भी मकानों का आंकड़ा बिजली कनेक्शन से हजारों की संख्या में अधिक है। नगर पालिका के सर्वे के आंकड़ों को यदि सही मान लिया जाए तो विद्युत विभाग में कम से कम 10 से 11 हजार तक ऐसे उपभोक्ता हैं, जो चोरी से बिजली जला रहे हैं। इससे विद्युत विभाग को हर माह लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है, जो जांच का विषय है। यदि विभाग द्वारा मकानों की संख्या के सापेक्ष बिजली खपत का सही सर्वे कराया जाए तो कनेक्शनों की संख्या में काफी इजाफा होगा और लाखों रुपये के राजस्व की वृद्धि भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed