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छब्बीस लाख के बकाए पर मंडी का कनेक्शन काटा
lalitpur
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:18 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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बिजली बिल अदा नहीं करना मंडी प्रशासन के लिए भारी पड़ गया। बिजली अधिकारियों के नोटिस के बाद भी 26 लाख रुपये की बकाएदारी अदा नहीं करने पर बुधवार की सुबह गल्ला मंडी का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली बकाए का भुगतान करने में सरकारी तंत्र फिसड्डी साबित हो रहा है। नोटिस के बाद सरकारी विभागों द्वारा मार्च माह में 3.16 करोड़ के सापेक्ष 10 फीसदी विद्युत बकाया भी नहीं चुकाया जा सका है। वहीं, बिजली विभाग के सामने बकाएदारी व नोटिस प्रक्रिया के बाद भी सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने की चुनौती बनी हुई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों पर मार्च माह में विद्युत बकाएदारी वसूलने के लिए 16 करोड़ रुपये का लक्ष्य आला अधिकारियों द्वारा दिया गया है, जिसके चलते विद्युत विभाग आम उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर विद्युत वसूली के लिए अभियान चला रहा है। पांच हजार रुपये से अधिक की बकाएदारी होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी मुहल्लों व ग्रामीण क्षेत्रों में खूब चल रही है। लेकिन वहीं जनपद के करीब 30 विभाग ऐसे हैं, जन पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी आज भी चल रही है। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सात विद्युत कनेक्शनों पर 10.88 लाख रुपये, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ललितपुर के छह कनेक्शनों पर 11 लाख 78 हजार रुपये, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के कनेक्शन पर एक लाख 33 हजार रुपये, कृषि उत्पादन मंडी समिति के कनेक्शन पर 26.95 लाख रुपये, वर्क सुप.डिपार्टमेंटल फील्ड हॉस्टल पर 30 लाख 66 हजार रुपये, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, पुलिस लाइन पर 48 लाख 30 हजार रुपये की बकाएदारी चल रही है। इन सभी विभागों के अलावा करीब दो दर्जन विभागों को नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन नोटिस को दरकिनार करते हुए मात्र 10 फीसदी विभागों ने भी विद्युत बकाएदारी अदा नहीं किया है।
अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि कृषि उत्पादन मंडी समिति का कनेक्शन बुधवार को सुबह काट दिया गया है। हालांकि मंडी प्रशासन द्वारा तीन दिन में भुगतान के आश्वासन पर देर शाम तक कनेक्शन जुड़वाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, इसके अलावा अन्य सरकारी विभागों की बात करें तो नोटिस देने के बाद करीब 20 लाख रुपये तक का ही भुगतान होना बताया जा रहा है। जो सभी सरकारी विभागों पर बकाएदारी को 10 फीसदी भी नहीं है। जबकि गत दिनों शासन की सख्ती के बाद जिलाधिकारी द्वारा भी विद्युत विभाग से सरकारी कार्यालयों पर बकाएदारी को सख्ती से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन अब बिजली विभाग को भी नोटिस देने के बाद भी बकाएदारी का भुगतान नहीं करने वाले विभागों के कनेक्शन काटना बड़ी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि विभाग बकाएदारी वाले कितने विभागों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई करता है।
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बिजली विभाग के अधिकारियों पर मार्च माह में विद्युत बकाएदारी वसूलने के लिए 16 करोड़ रुपये का लक्ष्य आला अधिकारियों द्वारा दिया गया है, जिसके चलते विद्युत विभाग आम उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर विद्युत वसूली के लिए अभियान चला रहा है। पांच हजार रुपये से अधिक की बकाएदारी होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी मुहल्लों व ग्रामीण क्षेत्रों में खूब चल रही है। लेकिन वहीं जनपद के करीब 30 विभाग ऐसे हैं, जन पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी आज भी चल रही है। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सात विद्युत कनेक्शनों पर 10.88 लाख रुपये, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ललितपुर के छह कनेक्शनों पर 11 लाख 78 हजार रुपये, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के कनेक्शन पर एक लाख 33 हजार रुपये, कृषि उत्पादन मंडी समिति के कनेक्शन पर 26.95 लाख रुपये, वर्क सुप.डिपार्टमेंटल फील्ड हॉस्टल पर 30 लाख 66 हजार रुपये, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, पुलिस लाइन पर 48 लाख 30 हजार रुपये की बकाएदारी चल रही है। इन सभी विभागों के अलावा करीब दो दर्जन विभागों को नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन नोटिस को दरकिनार करते हुए मात्र 10 फीसदी विभागों ने भी विद्युत बकाएदारी अदा नहीं किया है।
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अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि कृषि उत्पादन मंडी समिति का कनेक्शन बुधवार को सुबह काट दिया गया है। हालांकि मंडी प्रशासन द्वारा तीन दिन में भुगतान के आश्वासन पर देर शाम तक कनेक्शन जुड़वाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, इसके अलावा अन्य सरकारी विभागों की बात करें तो नोटिस देने के बाद करीब 20 लाख रुपये तक का ही भुगतान होना बताया जा रहा है। जो सभी सरकारी विभागों पर बकाएदारी को 10 फीसदी भी नहीं है। जबकि गत दिनों शासन की सख्ती के बाद जिलाधिकारी द्वारा भी विद्युत विभाग से सरकारी कार्यालयों पर बकाएदारी को सख्ती से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन अब बिजली विभाग को भी नोटिस देने के बाद भी बकाएदारी का भुगतान नहीं करने वाले विभागों के कनेक्शन काटना बड़ी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि विभाग बकाएदारी वाले कितने विभागों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई करता है।
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