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Lalitpur News: बिजली विभाग को 2.03 करोड़ का झटका, विजिलेंस जांच की सिफारिश
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ललितपुर। तालबेहट के बिजरौठा फीडर में बिजली चोरी और करोड़ों रुपये की राजस्व हानि का मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा है। वर्ष 2025-26 की समीक्षा में फीडर पर 77 फीसदी बिजली चोरी और 2.03 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सामने आई थी। मामले में चार अधिशासी अभियंता, तीन उपखंड अधिकारी और एक अवर अभियंता के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए गए हैं। अब मुख्यालय स्तर से मामले की विजिलेंस जांच की सिफारिश की गई है। जांच में बिजली चोरी, लाइन लॉस और राजस्व हानि के कारणों के साथ उस अवधि में तैनात अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाएगी।
बीते दिनों मुख्यमंत्री स्तर पर बिजली चोरी और राजस्व वसूली की समीक्षा की गई थी। इसमें डिस्कॉम के सबसे अधिक राजस्व हानि वाले टॉप-10 फीडरों का चयन किया गया। तालबेहट विद्युत सब स्टेशन से पोषित बिजरौठा फीडर राजस्व हानि के मामले में प्रदेश में नौवें स्थान पर रहा। समीक्षा में वर्ष 2025-26 के दौरान फीडर पर 77 फीसदी बिजली चोरी और 2.03 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सामने आई।
इसके बाद बिजली विभाग ने फीडर पर तैनात रहे तत्कालीन और वर्तमान चार अधिशासी अभियंताओं गोविंद जायसवाल, रमेश कुमार, वीरभद्र सत्यार्थी और पवन कुमार, तीन उपखंड अधिकारियों रमेश कुमार, संजय सागर और मनोज कुमार सोनी तथा अवर अभियंता कृष्ण कुमार शुक्ला के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए हैं। अधिकारियों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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विजिलेंस जांच की सिफारिश से बढ़ी हलचल
करोड़ों रुपये की राजस्व हानि और बिजली चोरी के मामले में अब मुख्यालय स्तर से विजिलेंस जांच की सिफारिश की गई है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों में हलचल बढ़ गई है। बिजली विभाग वर्ष 2025-26 के साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक की स्थिति का भी ब्योरा तैयार कर रहा है। इसमें राजस्व हानि, लाइन लॉस, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि, थ्रू रेट और चोरी हुई बिजली की यूनिट समेत अन्य आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। यह जानकारी जांच समिति को उपलब्ध कराई जाएगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 6.73 करोड़ की राजस्व हानि
वर्ष 2025-26 की समीक्षा में बिजरौठा फीडर पर लाइन लॉस 69.06 फीसदी और एटी एंड सी यानी तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि 86.60 फीसदी रही। थ्रू रेट भी 1.03 रहा। इस दौरान फीडर पर कुल राजस्व हानि 6.73 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक चार महीने में राजस्व हानि 2.03 करोड़ रुपये रही। फीडर से करीब 2,800 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन जुड़े हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा में 50 फीसदी से अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित किया गया था। इसमें तालबेहट का बिजरौठा फीडर भी शामिल रहा। इसी आधार पर उस अवधि में फीडर पर तैनात रहे अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए गए हैं।
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संबंधित अधिकारियों को आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच के लिए आवश्यक अभिलेख और आंकड़े उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हनुमान प्रसाद मिश्रा, प्रभारी अधीक्षण अभियंता।
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बीते दिनों मुख्यमंत्री स्तर पर बिजली चोरी और राजस्व वसूली की समीक्षा की गई थी। इसमें डिस्कॉम के सबसे अधिक राजस्व हानि वाले टॉप-10 फीडरों का चयन किया गया। तालबेहट विद्युत सब स्टेशन से पोषित बिजरौठा फीडर राजस्व हानि के मामले में प्रदेश में नौवें स्थान पर रहा। समीक्षा में वर्ष 2025-26 के दौरान फीडर पर 77 फीसदी बिजली चोरी और 2.03 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सामने आई।
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इसके बाद बिजली विभाग ने फीडर पर तैनात रहे तत्कालीन और वर्तमान चार अधिशासी अभियंताओं गोविंद जायसवाल, रमेश कुमार, वीरभद्र सत्यार्थी और पवन कुमार, तीन उपखंड अधिकारियों रमेश कुमार, संजय सागर और मनोज कुमार सोनी तथा अवर अभियंता कृष्ण कुमार शुक्ला के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए हैं। अधिकारियों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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विजिलेंस जांच की सिफारिश से बढ़ी हलचल
करोड़ों रुपये की राजस्व हानि और बिजली चोरी के मामले में अब मुख्यालय स्तर से विजिलेंस जांच की सिफारिश की गई है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों में हलचल बढ़ गई है। बिजली विभाग वर्ष 2025-26 के साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक की स्थिति का भी ब्योरा तैयार कर रहा है। इसमें राजस्व हानि, लाइन लॉस, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि, थ्रू रेट और चोरी हुई बिजली की यूनिट समेत अन्य आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। यह जानकारी जांच समिति को उपलब्ध कराई जाएगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 6.73 करोड़ की राजस्व हानि
वर्ष 2025-26 की समीक्षा में बिजरौठा फीडर पर लाइन लॉस 69.06 फीसदी और एटी एंड सी यानी तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि 86.60 फीसदी रही। थ्रू रेट भी 1.03 रहा। इस दौरान फीडर पर कुल राजस्व हानि 6.73 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक चार महीने में राजस्व हानि 2.03 करोड़ रुपये रही। फीडर से करीब 2,800 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन जुड़े हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा में 50 फीसदी से अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित किया गया था। इसमें तालबेहट का बिजरौठा फीडर भी शामिल रहा। इसी आधार पर उस अवधि में फीडर पर तैनात रहे अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए गए हैं।
संबंधित अधिकारियों को आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच के लिए आवश्यक अभिलेख और आंकड़े उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हनुमान प्रसाद मिश्रा, प्रभारी अधीक्षण अभियंता।