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बिजली दे रही दगा, कई गांवों को मिल रही छह से आठ घंटे बिजली
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कई गांवों को मिल रही छह से आठ घंटे बिजली
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन भर में 12 से 15 घंटे बिजली मिलना बड़ी बात होती जा रही है। सप्ताह के अधिकांश दिनों में अघोषित कटौती से बिरधा, नाराहट, पाली, महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। कहीं फाल्ट, तो कहीं इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर और डिस्क खराब होने की समस्या आ रही है। कई बार तो सब स्टेशनों की मशीनें भी दगा दे जा रही है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को छह से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
जनपद का बिजली ढांचा सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की लागत से बंच केबल, सब स्टेशनों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए सब स्टेशनों व फीडरों का निर्माण और उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर रखने का कार्य किया गया। लेकिन, अब भी बिजली आपूर्ति की स्थिति में बहुत अधिक बदलाव नहीं आ सका है। इससे आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल रहती है।
ऐसा नहीं है कि बिजली सब स्टेशनों को बिजली नहीं मिल रही हो। सब स्टेशनों पर अधिकांशत: 18 से बीस घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। लेकिन, सब स्टेशनों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों तक पर्याप्त बिजली नहीं पहुंच रही है। एक सप्ताह से अधिक समय से बिरधा, नाराहट व पाली सब सटेशनों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय तो मुश्किल से तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। महरौनी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की काफी बदहाल स्थिति है। इस कारण उपभोक्ताओं को रात-रात भर बिजली गुल रहने से जगराता करना पड़ रहा है।
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हालांकि, जानकारी मिलने पर बिजली विभाग की टीमें कस्बा क्षेत्र में बिजली फाल्ट या फिर अन्य तकनीकी खराबी दूर करने के लिए सुधार कार्य में जुट जाती हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई बार बिजली अधिकारियों को उपभोक्ता की नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। नाराहट, बालाबेहट, पाली, बंट आदि क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने और हाइटेंशन लाइनों के इंसुलेटर व डिस्क खराब होने के कारण चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। खासतौर पर रात्रि में यदि ऐसे फाल्ट हो जाते हैं तो अगले दिन सुबह ही ग्रामीणों को बिजली नसीब हो पाती है।
जहां भी फाल्ट हो रहे हैं या ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी मिल रही है, अवर अभियंता को तत्काल सुधरवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं अधिक समय से बिजली समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो उपभोक्ता 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय।
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ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन भर में 12 से 15 घंटे बिजली मिलना बड़ी बात होती जा रही है। सप्ताह के अधिकांश दिनों में अघोषित कटौती से बिरधा, नाराहट, पाली, महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। कहीं फाल्ट, तो कहीं इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर और डिस्क खराब होने की समस्या आ रही है। कई बार तो सब स्टेशनों की मशीनें भी दगा दे जा रही है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को छह से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
जनपद का बिजली ढांचा सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की लागत से बंच केबल, सब स्टेशनों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए सब स्टेशनों व फीडरों का निर्माण और उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर रखने का कार्य किया गया। लेकिन, अब भी बिजली आपूर्ति की स्थिति में बहुत अधिक बदलाव नहीं आ सका है। इससे आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल रहती है।
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ऐसा नहीं है कि बिजली सब स्टेशनों को बिजली नहीं मिल रही हो। सब स्टेशनों पर अधिकांशत: 18 से बीस घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। लेकिन, सब स्टेशनों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों तक पर्याप्त बिजली नहीं पहुंच रही है। एक सप्ताह से अधिक समय से बिरधा, नाराहट व पाली सब सटेशनों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय तो मुश्किल से तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। महरौनी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की काफी बदहाल स्थिति है। इस कारण उपभोक्ताओं को रात-रात भर बिजली गुल रहने से जगराता करना पड़ रहा है।
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हालांकि, जानकारी मिलने पर बिजली विभाग की टीमें कस्बा क्षेत्र में बिजली फाल्ट या फिर अन्य तकनीकी खराबी दूर करने के लिए सुधार कार्य में जुट जाती हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई बार बिजली अधिकारियों को उपभोक्ता की नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। नाराहट, बालाबेहट, पाली, बंट आदि क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने और हाइटेंशन लाइनों के इंसुलेटर व डिस्क खराब होने के कारण चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। खासतौर पर रात्रि में यदि ऐसे फाल्ट हो जाते हैं तो अगले दिन सुबह ही ग्रामीणों को बिजली नसीब हो पाती है।
जहां भी फाल्ट हो रहे हैं या ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी मिल रही है, अवर अभियंता को तत्काल सुधरवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं अधिक समय से बिजली समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो उपभोक्ता 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय।