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पांच माह से नहीं जोड़े टूटे तार, दे दिया हजारों का बिल
lalitpur
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:23 AM IST
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बिजली मीटर
- फोटो : demo pic
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बिजली विभाग की लापरवाही के चलते घरों के मीटर सही होने के बाद भी लोगों को बिना रीडिंग के बिजली के बिल थमाए जा रहे हैं। जबकि कई क्षेत्रों में हफ्तों या फिर कई महीनों तक विद्युत लाइनों में फाल्ट को नहीं सुधारा जाता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है और हजारों रुपये के बिलों का भुगतान भी करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला तालबेहट के ग्राम खांदी के मजरा बिंद्रावबाग निवासी पीड़ित ग्रामीण उपभोक्ताओं ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भेजकर टूटी विद्युत लाइन जुड़वाने और रीडिंग से विद्युत खपत का बिल मुहैया कराने की मांग की है।
ग्राम खांदी के मजरा बिंद्रावनबाग निवासी ग्रामीणों ने प्रबंध निदेशक को भेजे ज्ञापन में बताया गया कि उनके घरों में विद्युत संयोजन और विद्युत मीटर लगे हुए हैं, जो सही स्थिति में चल रहे हैं। लेकिन उन्हें रीडिंग के अनुसार कभी बिल नहीं दिया जाता है। बिना रीडिंग के ही हजारों रुपये के बिल हर माह थमा दिए जा रहे हैं। वहीं इसके साथ ही पांच माह पूर्व गांव के मजरा बिंद्रावनबाग की विद्युत लाइन भी टूट गई थी, जो अब तक नहीं सुधरी जा सकी है। ग्रामीणों को अंधकार में रहकर किसी प्रकार रातें गुजारनी पड़ रही हैं। कई बार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन बिजली विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पांच माह से बिजली भी नहीं है, इसके बाद भी ग्रामीणों को विभाग द्वारा हजारों रुपए के विद्युत बिल जारी कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रबंध निदेशक से लाइन टूटने के समय से अब तक बिल माफ करने और रीडिंग से सही विद्युत खपत का बिल उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि उक्त मामले के संज्ञान में आने पर विद्युत अधिशासी अभियंता ने अधीनस्थ खंड अभियंता से जांच कर लाइन सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं मीटर रीडिंग से हर माह ग्रामीणों को बिल मुहैया कराने के निर्देेश भी दिए। ज्ञापन पर रामकिशन, कोमल, हरी, रंजीत, रामलाल आदि के हस्ताक्षर अंकित हैं।
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ग्राम खांदी के मजरा बिंद्रावनबाग निवासी ग्रामीणों ने प्रबंध निदेशक को भेजे ज्ञापन में बताया गया कि उनके घरों में विद्युत संयोजन और विद्युत मीटर लगे हुए हैं, जो सही स्थिति में चल रहे हैं। लेकिन उन्हें रीडिंग के अनुसार कभी बिल नहीं दिया जाता है। बिना रीडिंग के ही हजारों रुपये के बिल हर माह थमा दिए जा रहे हैं। वहीं इसके साथ ही पांच माह पूर्व गांव के मजरा बिंद्रावनबाग की विद्युत लाइन भी टूट गई थी, जो अब तक नहीं सुधरी जा सकी है। ग्रामीणों को अंधकार में रहकर किसी प्रकार रातें गुजारनी पड़ रही हैं। कई बार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन बिजली विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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पांच माह से बिजली भी नहीं है, इसके बाद भी ग्रामीणों को विभाग द्वारा हजारों रुपए के विद्युत बिल जारी कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रबंध निदेशक से लाइन टूटने के समय से अब तक बिल माफ करने और रीडिंग से सही विद्युत खपत का बिल उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि उक्त मामले के संज्ञान में आने पर विद्युत अधिशासी अभियंता ने अधीनस्थ खंड अभियंता से जांच कर लाइन सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं मीटर रीडिंग से हर माह ग्रामीणों को बिल मुहैया कराने के निर्देेश भी दिए। ज्ञापन पर रामकिशन, कोमल, हरी, रंजीत, रामलाल आदि के हस्ताक्षर अंकित हैं।
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