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नदी किनारे लटक रहे बिजली के खंभे, हो सकता है हादसा
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शहजाद नदी के पुल किनारे टेढ़ा हुआ बिजली का खंभा
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिले में बिजली विभाग की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर में नदीपुरा में बीते दिनों नदी के उफान पर आने से पुल किनारे ट्रांसफार्मर समेत लटके दो खंभों को ठीक नहीं किया गया है। यह खंभे मुख्य सड़क की ओर लटक रहे हैं, जिससे किसी भी दिन राहगीरों के साथ दुर्घटना घट सकती है।
शहर में सागर की ओर आवाजाही के लिए प्रमुख मार्ग में ढुराबाजार, नदीपुरा होकर गुजरता है। इस मार्ग से टीकमगढ़, महरौनी व पाली की ओर लोग आवाजाही करते हैं। वहीं प्रमुख उच्च शिक्षा के कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों का आवागमन इस मार्ग से होता है।
बीते दिनों बारिश से गोविंद सागर बांध से पानी निकासी होने पर शहजाद नदी उफान पर आ गई थी। नदी की जलकुंभी पुल में फंसने से रैलिंग टूट गई थी। नगर पालिका ने जलकुंभी हटाकर आवाजाही शुरु कराई। वहीं जलसंस्थान ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर दुरुस्त कर दिया। लेकिन बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर से लदे दो तिरछे खंभों को ठीक तरह से व्यवस्थित नहीं किया है। यह खंभे मुख्य मार्ग में आड़े होकर लटक रहे हैं। इनमें ट्रांसफार्मर होने के साथ ही बिजली के तार भी हैं। ऐसे में खंभा गिरने की स्थिति में किसी भी समय भीषण दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान करंट होने की स्थिति में बड़ी दुर्घटना होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। हद तो तब हो गई जब कि मुख्य मार्ग होने के बाद भी विभागीय अधिकारी मौन बने हुए हैं।
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रैलिंग क्षतिग्रस्त से वाहन नदी में गिरने का खतरा
शहजाद नदी के उफान पर आने के समय जलकुंभी पुल में फंसने से रैलिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं एक ओर जलकुंभी पड़ी हुई है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही में साइड देने या सामने के वाहन को क्रॉस करने के दौरान किनारे आने पर वाहनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं जलकुंभी नहीं हटाए जाने से किनारे की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
नदी के पुल के किनारे से जलकुंभी हटाई जाएगी। कचरा का उठान कराया जाएगा।
- निहालचंद, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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शहर में सागर की ओर आवाजाही के लिए प्रमुख मार्ग में ढुराबाजार, नदीपुरा होकर गुजरता है। इस मार्ग से टीकमगढ़, महरौनी व पाली की ओर लोग आवाजाही करते हैं। वहीं प्रमुख उच्च शिक्षा के कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों का आवागमन इस मार्ग से होता है।
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बीते दिनों बारिश से गोविंद सागर बांध से पानी निकासी होने पर शहजाद नदी उफान पर आ गई थी। नदी की जलकुंभी पुल में फंसने से रैलिंग टूट गई थी। नगर पालिका ने जलकुंभी हटाकर आवाजाही शुरु कराई। वहीं जलसंस्थान ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर दुरुस्त कर दिया। लेकिन बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर से लदे दो तिरछे खंभों को ठीक तरह से व्यवस्थित नहीं किया है। यह खंभे मुख्य मार्ग में आड़े होकर लटक रहे हैं। इनमें ट्रांसफार्मर होने के साथ ही बिजली के तार भी हैं। ऐसे में खंभा गिरने की स्थिति में किसी भी समय भीषण दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान करंट होने की स्थिति में बड़ी दुर्घटना होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। हद तो तब हो गई जब कि मुख्य मार्ग होने के बाद भी विभागीय अधिकारी मौन बने हुए हैं।
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रैलिंग क्षतिग्रस्त से वाहन नदी में गिरने का खतरा
शहजाद नदी के उफान पर आने के समय जलकुंभी पुल में फंसने से रैलिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं एक ओर जलकुंभी पड़ी हुई है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही में साइड देने या सामने के वाहन को क्रॉस करने के दौरान किनारे आने पर वाहनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं जलकुंभी नहीं हटाए जाने से किनारे की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
नदी के पुल के किनारे से जलकुंभी हटाई जाएगी। कचरा का उठान कराया जाएगा।
- निहालचंद, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद