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उदयपुरा स्टेशन तक इलेक्ट्रिक इंजन दस दिन में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:28 AM IST
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train, lalitpur news
- फोटो : demo
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उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद जोन के महाप्रबंधक एमसी चौहान ने रविवार को निरीक्षण के दौरान ललितपुर समेत उदयपुरा, टीकमगढ़ व छतरपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ललितपुर में प्लेटफार्म पर कोयले की रैक घंटों खड़ी रहने की समस्या से निजात दिलाने के लिए दो क्रॉस ओवर बनाए जाएंगे और सीआरएस की कमियों को दूर करते हुए दस दिनों में इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की संभावना व्यक्त की।
महाप्रबंधक ने जोनल और मंडलीय अधिकारियों के साथ रविवार की देर शाम को ललितपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। वह स्पेशल ट्रेन से रविवार की शाम 7.50 बजे ललितपुर आए। यहां उन्होंने सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर एक पर बने पुरुष और महिला यात्री प्रतीक्षालयों में यात्री सुविधाएं परखीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतीक्षालय के आसपास के पर्यटन संबंधी तस्वीरें लगाई जाएं, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को यहां के पर्यटन के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि ललितपुर में प्लेटफार्म नंबर एक पर उदयपुरा जाने वाली कोयले की ट्रेन घंटों खड़ी रहती है, जिससे प्लेटफार्म एक पर स्टॉपेज वाली ट्रेनों को दो नंबर प्लेटफार्म पर लेना पड़ता और यात्रियों को असुविधा होती है।
इसके लिए उन्होंने बताया कि ललितपुर में दो क्रॉस ओवर बनाए जाएंगे, इससे प्लेटफार्म एक पर कोयले की रैक खड़े होने से निजात मिल सकेगी। यहां मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि गत दिनों सीआरएस निरीक्षण में जो ऑब्जर्वेशन बताए गए थे, उन्हें शीघ्र दूर कर लिया जाएगा और करीब दस दिनों में ललितपुर से उदयपुरा तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने लगेगी। उन्होंने बताया कि देवगढ़ रेलवे ओवरब्रिज के लिए स्वाइल टेस्टिंग हो चुकी है। शीघ्र ही ओवरब्रिज बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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इससे पूर्व उन्होंने खजुराहो, छतरपुर और टीकमगढ़ में भी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। दुरियागंज रेलवे स्टेशन पर भी वह उतरे और वहां आए ग्रामीणों की रेल संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य परिचालन प्रबंधक इलाहाबाद डीके सिंह, वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक शशिभूषण सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार, वाणिज्य मंडल प्रबंध नीरज भटनागर, वरिष्ठ यातायात निरीक्षक संदीप तिवारी, संचालन निरीक्षक एसके राय, अनूप बाजपेयी, परिचालन निरीक्षक एके सिंह, स्टेशन अधीक्षक श्रेयांश जैन, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
सुरक्षित संचालन के लिए सराहा
उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान उपस्टेशन अधीक्षक कार्यालय में पैनल सिस्टम पर पॉइंट पर सुरक्षित रेल संचालन के लिए लगाई गई पट्टिकाएं लगाए जाने पर रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी के कार्य की सराहना की। उन्होंने ऐसी पट्टिकाएं पूरे झांसी मंडल के साथ ही अन्य मंडलों में लगाए जाने के निर्देश दिए।
पावर प्लांट अधिकारियों ने मांगे सात रैक
उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर रेल महाप्रबंधक ने पौधरोपण किया। यहां पावर प्लांट अधिकारियों ने उदयपुरा तक के लिए प्रतिदिन सात रैक चलाने की मांग रखी, ताकि पूर्ण क्षमता के साथ तीनों यूनिट से1980 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा सके। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही सात रैक की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। बता दें कि अभी रोजाना पांच रैक कोयला की ही उदयपुरा होते हुए पावर प्लांट भेजे जा रहे हैं।
ललितपुर से चले झांसी-लखनऊ इंटरसिटी
बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने महाप्रबंधक को एक ज्ञापन देकर झांसी-लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर से चलाने की मांग की। हरीश कपूर ने कहा कि ललितपुर स्टेशन आदर्श स्टेशन होने के बाद भी मानकों के अनुरूप मुख्य सुविधाएं विकसित कराने की जरुरत है। ज्ञापन पर राजकुमार कुशवाहा, अमर सिंह, राजेंद्र गुप्ता, दीपा ठाकुुर, बृजेंद्र पारासर, नंदराम आदि के हस्ताक्षर हैं।
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महाप्रबंधक ने जोनल और मंडलीय अधिकारियों के साथ रविवार की देर शाम को ललितपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। वह स्पेशल ट्रेन से रविवार की शाम 7.50 बजे ललितपुर आए। यहां उन्होंने सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर एक पर बने पुरुष और महिला यात्री प्रतीक्षालयों में यात्री सुविधाएं परखीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतीक्षालय के आसपास के पर्यटन संबंधी तस्वीरें लगाई जाएं, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को यहां के पर्यटन के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि ललितपुर में प्लेटफार्म नंबर एक पर उदयपुरा जाने वाली कोयले की ट्रेन घंटों खड़ी रहती है, जिससे प्लेटफार्म एक पर स्टॉपेज वाली ट्रेनों को दो नंबर प्लेटफार्म पर लेना पड़ता और यात्रियों को असुविधा होती है।
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इसके लिए उन्होंने बताया कि ललितपुर में दो क्रॉस ओवर बनाए जाएंगे, इससे प्लेटफार्म एक पर कोयले की रैक खड़े होने से निजात मिल सकेगी। यहां मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि गत दिनों सीआरएस निरीक्षण में जो ऑब्जर्वेशन बताए गए थे, उन्हें शीघ्र दूर कर लिया जाएगा और करीब दस दिनों में ललितपुर से उदयपुरा तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने लगेगी। उन्होंने बताया कि देवगढ़ रेलवे ओवरब्रिज के लिए स्वाइल टेस्टिंग हो चुकी है। शीघ्र ही ओवरब्रिज बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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इससे पूर्व उन्होंने खजुराहो, छतरपुर और टीकमगढ़ में भी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। दुरियागंज रेलवे स्टेशन पर भी वह उतरे और वहां आए ग्रामीणों की रेल संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य परिचालन प्रबंधक इलाहाबाद डीके सिंह, वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक शशिभूषण सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार, वाणिज्य मंडल प्रबंध नीरज भटनागर, वरिष्ठ यातायात निरीक्षक संदीप तिवारी, संचालन निरीक्षक एसके राय, अनूप बाजपेयी, परिचालन निरीक्षक एके सिंह, स्टेशन अधीक्षक श्रेयांश जैन, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
सुरक्षित संचालन के लिए सराहा
उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान उपस्टेशन अधीक्षक कार्यालय में पैनल सिस्टम पर पॉइंट पर सुरक्षित रेल संचालन के लिए लगाई गई पट्टिकाएं लगाए जाने पर रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी के कार्य की सराहना की। उन्होंने ऐसी पट्टिकाएं पूरे झांसी मंडल के साथ ही अन्य मंडलों में लगाए जाने के निर्देश दिए।
पावर प्लांट अधिकारियों ने मांगे सात रैक
उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर रेल महाप्रबंधक ने पौधरोपण किया। यहां पावर प्लांट अधिकारियों ने उदयपुरा तक के लिए प्रतिदिन सात रैक चलाने की मांग रखी, ताकि पूर्ण क्षमता के साथ तीनों यूनिट से1980 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा सके। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही सात रैक की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। बता दें कि अभी रोजाना पांच रैक कोयला की ही उदयपुरा होते हुए पावर प्लांट भेजे जा रहे हैं।
ललितपुर से चले झांसी-लखनऊ इंटरसिटी
बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने महाप्रबंधक को एक ज्ञापन देकर झांसी-लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर से चलाने की मांग की। हरीश कपूर ने कहा कि ललितपुर स्टेशन आदर्श स्टेशन होने के बाद भी मानकों के अनुरूप मुख्य सुविधाएं विकसित कराने की जरुरत है। ज्ञापन पर राजकुमार कुशवाहा, अमर सिंह, राजेंद्र गुप्ता, दीपा ठाकुुर, बृजेंद्र पारासर, नंदराम आदि के हस्ताक्षर हैं।