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गांव में कनेक्शन तो दे दिए, लेकिन मीटरों में नहीं जोड़ी विद्युत केबिल

Tue, 08 Sep 2020 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2020 01:00 AM IST
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electric connection, no meter
कारीटोरन में घरों के बाहर शोपीस बने मीटर - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। बिजली विभाग द्वारा शासन की सौभाग्य योजना के तहत ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन व आसपास के गांवों में बिजली कनेक्शन तो कर दिए गए, लेकिन मीटरों में बिजली केबल नहीं जोड़ी है, जिसके चलते उपभोक्ता विभाग द्वारा भेजे गए मनमाने बिल से परेशान हैं। इसे लेकर गांव के लोग परेशान हैं।
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बिजली विभाग द्वारा जनपद में शासन की सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इस योजना में कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को विद्युत केबल, मीटर, बल्ब, निशुल्क दिया गया। इसी के तहत ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन व आसपास के गांवों में भी बिजली कनेक्शन दिए गए, जिसके तहत घरों के बाहर बिजली मीटर और केबल भी लगाई गई। लेकिन मीटरों से अब तक बिजली केबल से कनेक्शन को नहीं जोड़ा गया। ऐसे में यहां के ग्रामीणों द्वारा मात्र केबल जोड़कर बिजली तो जलाई जा रही है, लेकिन मीटर से कनेक्शन नहीं होने के कारण बिना रीडिंग के ही बिल उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं, ऐसे में जिन उपभोक्ताओं द्वारा कम बिजली खर्च की जा रही है, उन्हें फिक्स चार्ज से बिल आने की वजह से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं जो उपभोक्ता अधिक बिजली का उपभोग कर रहे हैं, वह भी कम खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के समान ही बिजली का भुगतान कर रहे हैं, जिससे बिजली विभाग को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों ने भी गांव में सभी मीटरों से बिजली कनेक्शन करने की मांग की है ताकि सभी को रीडिंग के अनुसार बिल मिल सके
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सील भी नहीं किए गए मीटर
जो मीटर लगाए गए हैं, उनको सील भी नहीं किया गया है और कई मीटरों के तो ऊपर का ढक्कन भी नहीं लगाया गया है। ऐसे में बाद भी यदि कोई मीटरों से केबल जोड़ भी लेता है तो विभागीय चेकिंग में सील या ढक्कन नहीं होने की स्थिति में बिजली चोरी के आरोपों से भी उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है।
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मीटर में बिजली नहीं पहुंचने से मीटर शोपीस बनेे हैं। यहां मीटर देखने भी कोई कर्मचारी कभी नहीं पहुंच रहा है और न ही कभी बिल ही दिया जा रहा है। बाद में एक साथ बिल देंगे तो भरने में भी दिक्कत आएगी।
सिरनाम बंशकार।
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यहां कभी भी बिल समय से नहीं आता है। जब से मीटर लगा है, तब से अबतक बिल नहीं मिला है। मीटर सही करके मीटर में रीडिंग से ही सही बिल दिया जाए, जिससे जो जितनी बिजली जलाता है, उसका उतना ही बिल आए।
मनीराम।
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गांव में मीटर और बिल की समस्या तो है ही। यहां बिजली आने-जाने का भी कोई रोस्टर नहीं है। हर पंद्रह से बीस मिनट में बिजली कभी भी चली जाती है और कभी भी आ जाती है। कई बार तो आठ से दस घंटे बिजली नहीं आती है।

अनुराग विश्वकर्मा।
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यहां मीटर जब से लगे हैं, तब से कई घरों के मीटरों में बिजली ही नहीं जोड़ी गई है। इसकी वजह से बिना रीडिंग के ही बिल तो मिलता है, लेकिन पांच छह महीनों का बिल एक साथ ही मिलता है या फिर कई बार साल में ही मिलता है।
प्रकाश, नागरिक।
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