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अयोध्या से लौट रहे बुजुर्ग की ट्रेन में हालत बिगड़ने से की मौत
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ललितपुर। अयोध्या से तीर्थ करके मध्य प्रदेश के मंदसौर में अपने घर लौट रहे एक वृद्ध की साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में हालत बिगड़ गई थी। रेलवे स्टेशन पर उतारकर उसके साथी उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के साथियों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और उसके शव को गांव वापस ले गए।
मध्य प्रदेश के जिला मंदसौर अंतर्गत ग्राम बालौद निवासी जवरलाल (76) पुत्र रामलाल अपने ही गांव के पांच अन्य वृद्ध साथियों के साथ तीन जून को अयोध्या तीर्थ करने के लिए गए थे। उन सभी ने वहां चल रही भागवत कथा को प्रतिदिन सुना। भागवत कथा के बाद वह सोमवार को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर अपने गांव के लिए रवाना हुए। जब जवरलाल लखनऊ में रेेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो उसकी अचानक से तबियत खराब होने लगी और उसे उबकाई, दस्त होने लगे। जिसके चलते साथियों ने उसे एक चिकित्सक को दिखाकर दवाई भी दिलाई। फिर वह सभी साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव के लिए रवाना हो गए। अगले दिन मंगलवार सुबह जब ट्रेन झांसी से चली तो उसकी रास्ते में फिर से हालत बिगड़ गई और ललितपुर के पास उसकी हालत अधिक बिगड़ने से अचेत हो गया। जिस पर उसके साथी उसे ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक के साथियों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को फोन पर दी और परिजनों से बात के बाद साथियों ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। मृतक के चार बेटे और चार बेटियां हैं।
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मध्य प्रदेश के जिला मंदसौर अंतर्गत ग्राम बालौद निवासी जवरलाल (76) पुत्र रामलाल अपने ही गांव के पांच अन्य वृद्ध साथियों के साथ तीन जून को अयोध्या तीर्थ करने के लिए गए थे। उन सभी ने वहां चल रही भागवत कथा को प्रतिदिन सुना। भागवत कथा के बाद वह सोमवार को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर अपने गांव के लिए रवाना हुए। जब जवरलाल लखनऊ में रेेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो उसकी अचानक से तबियत खराब होने लगी और उसे उबकाई, दस्त होने लगे। जिसके चलते साथियों ने उसे एक चिकित्सक को दिखाकर दवाई भी दिलाई। फिर वह सभी साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव के लिए रवाना हो गए। अगले दिन मंगलवार सुबह जब ट्रेन झांसी से चली तो उसकी रास्ते में फिर से हालत बिगड़ गई और ललितपुर के पास उसकी हालत अधिक बिगड़ने से अचेत हो गया। जिस पर उसके साथी उसे ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक के साथियों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को फोन पर दी और परिजनों से बात के बाद साथियों ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। मृतक के चार बेटे और चार बेटियां हैं।
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