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घरों में हुई ईद की नमाज
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ईदगाह पर मौजूद पुलिस बल
- फोटो : LALITPUR
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तालबेहट। नगर और आसपास के गांवों में ईद- उल- फितर का त्योहार उत्साह से मनाया गया। इस बार घरों में नमाज होने से बच्चों में उत्साह रहा। लोगों ने एक- दूसरे को सोशल मीडिया के माध्यम से मुबारकबाद दी।
मुस्लिम धर्म के अनुसार पवित्र रमजान में रोजे रखकर लोग खुदा की इबादत करते हैं। इस दिन रमजान की समाप्ति होती है और मुस्लिम धर्म का दसवां माह शुरू हो जाता है। ईद में अल्लाह को प्रसन्न किया जाता है। इस बार कोरोना वैश्विक बीमारी के चलते देश में लॉकडाउन के कारण धार्मिक स्थलों पर लोगों के जुटने पर पाबंदी लगी है। इसके चलते पहली बार लोगों को अपने- अपने घरों में ईद मनानी पड़ी। इस त्योहार को यादगार बनाने के लिए बच्चों ने काफी मेहनत की। उन्होंने घरों को सुंदर तरीके से सजाया। सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर नए कपड़े पहनकर एक साथ अपने - अपने घरों में ईद की नमाज अदा की। बाद में सोशल मीडिया एवं फोन के माध्यम से एक- दूसरे को मुबारकबाद दी।
ईदगाह के आसपास रहा सन्नाटा पहली बार ईदगाह में ईद की नमाज अदा न होने से सन्नाटा पसरा रहा। न ईदगाह के आसपास राजनीतिक दलों के नेताओं के पंडाल दिखे। न किसी पार्टी का कोई नेता या अधिकारी रहा। पुलिस अवश्य मौके पर खड़ी रही।
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नए कपड़ न पहन पाने का रहा मलाल
पहली बार लॉकडाऊन में पचास दिन तक बाजार बंद रहने से इस बार अधिकतर लोगों में नए कपड़े नहीं पहन पाने का मलाल दिखा। उनके अनुसार वह न तो कपड़े खरीद सके और टेलरों की दुकानें बंद रहने से न ही उन्हें सिलवा सके।
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मुस्लिम धर्म के अनुसार पवित्र रमजान में रोजे रखकर लोग खुदा की इबादत करते हैं। इस दिन रमजान की समाप्ति होती है और मुस्लिम धर्म का दसवां माह शुरू हो जाता है। ईद में अल्लाह को प्रसन्न किया जाता है। इस बार कोरोना वैश्विक बीमारी के चलते देश में लॉकडाउन के कारण धार्मिक स्थलों पर लोगों के जुटने पर पाबंदी लगी है। इसके चलते पहली बार लोगों को अपने- अपने घरों में ईद मनानी पड़ी। इस त्योहार को यादगार बनाने के लिए बच्चों ने काफी मेहनत की। उन्होंने घरों को सुंदर तरीके से सजाया। सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर नए कपड़े पहनकर एक साथ अपने - अपने घरों में ईद की नमाज अदा की। बाद में सोशल मीडिया एवं फोन के माध्यम से एक- दूसरे को मुबारकबाद दी।
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ईदगाह के आसपास रहा सन्नाटा पहली बार ईदगाह में ईद की नमाज अदा न होने से सन्नाटा पसरा रहा। न ईदगाह के आसपास राजनीतिक दलों के नेताओं के पंडाल दिखे। न किसी पार्टी का कोई नेता या अधिकारी रहा। पुलिस अवश्य मौके पर खड़ी रही।
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नए कपड़ न पहन पाने का रहा मलाल
पहली बार लॉकडाऊन में पचास दिन तक बाजार बंद रहने से इस बार अधिकतर लोगों में नए कपड़े नहीं पहन पाने का मलाल दिखा। उनके अनुसार वह न तो कपड़े खरीद सके और टेलरों की दुकानें बंद रहने से न ही उन्हें सिलवा सके।

कैप्सन - घर में नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग- फोटो : TALDEHATE