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ललितपुर में हरित पट्टी को लगा ग्रहण
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 19 Aug 2015 01:20 AM IST
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ललितपुर। ललितपुर के जंगली क्षेत्र को हरित पट्टी के रूप में विकसित करने
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की शासन की मंशा पूरी होती नहीं दिखाई दे रही है। गौना वन रेंज की ग्राम
रिछा महोली वन बीट के बाद अब अतिक्रमित क्षेत्र ग्राम फौजपुरा से पीछे हटने
की तैयारी है। स्थानीय वनाधिकारियों ने तो अतिक्रमणकारियों के सामने घुटने
ही टेक दिए हैं।
जिले में 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जंगली इलाका है, जिसमें कई स्थानों पर पौधरोपण के लिए स्थान खाली है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जंगल को और घना बनाने के लिए उद्देश्य से एक हजार एकड़ में हरित पट्टी बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वीके जैन ने कई अतिक्रमित क्षेत्र को हरित पट्टी की कार्ययोजना में शामिल कर लिया। इनमें प्रमुख रूप से ग्राम फौजपुरा, रिछा महोली व दूधई शामिल हैं। शुरुआत में ही वनाधिकारियों को रिछा-महोली में गच्चा खाना पड़ा, जब एक रेंजर सहित कई वन दारोगाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गए। इसका वन कर्मियों ने कार्य बहिष्कार विरोध किया। लेकिन, पुलिस के सामने एक नहीं चली। आखिरकार, मांग पूरे हुए बिना ही वन कर्मियों को काम पर वापस लौटना पड़ा।
वर्तमान में ग्राम फौजपुरा का मामला फंस गया है। यहां अतिक्रमणकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे विभागीय अफसर सर्वे का काम भी पूरा नहीं कर पाए हैं। अब वन अफसरों को बात बनती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने उच्चस्थ अधिकारियों से फौजपुरा क्षेत्र को हरित पट्टी से हटाने की सिफारिश की है। लेकिन, उच्चस्थ अधिकारी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। बीते दिनों उच्चस्थ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह बात स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाए। इन हालात में विभागीय कर्मियों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इतनी ली गई फौजपुरा की भूमि
ललितपुर रेंज के फौजपुरा में करीब 100 हेक्टेयर भूमि ली गई है, जिसमें 62 हजार 500 पौधे रोपित किए जाने है। कुल एक हजार एकड़ क्षेत्र में हरित पट्टी बनाई जानी है, लेकिन रिछा महोली को पृथक कर देने से अब हरित पट्टी का क्षेत्र साढ़े सात सौ एकड़ रह गया है।
हरित पट्टी में ढाई लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में साढ़े सात सौ एकड़ भूमि में एक लाख 75 हजार पौधे रोपित कर दिए गए हैं। फौजपुरा में पौधरोपण के प्रयास किए जा रहे हैं, इसे कार्ययोजना से नहीं हटाया गया है।
- वी के जैन प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, ललितपुर।
जिले में 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जंगली इलाका है, जिसमें कई स्थानों पर पौधरोपण के लिए स्थान खाली है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जंगल को और घना बनाने के लिए उद्देश्य से एक हजार एकड़ में हरित पट्टी बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वीके जैन ने कई अतिक्रमित क्षेत्र को हरित पट्टी की कार्ययोजना में शामिल कर लिया। इनमें प्रमुख रूप से ग्राम फौजपुरा, रिछा महोली व दूधई शामिल हैं। शुरुआत में ही वनाधिकारियों को रिछा-महोली में गच्चा खाना पड़ा, जब एक रेंजर सहित कई वन दारोगाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गए। इसका वन कर्मियों ने कार्य बहिष्कार विरोध किया। लेकिन, पुलिस के सामने एक नहीं चली। आखिरकार, मांग पूरे हुए बिना ही वन कर्मियों को काम पर वापस लौटना पड़ा।
वर्तमान में ग्राम फौजपुरा का मामला फंस गया है। यहां अतिक्रमणकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे विभागीय अफसर सर्वे का काम भी पूरा नहीं कर पाए हैं। अब वन अफसरों को बात बनती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने उच्चस्थ अधिकारियों से फौजपुरा क्षेत्र को हरित पट्टी से हटाने की सिफारिश की है। लेकिन, उच्चस्थ अधिकारी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। बीते दिनों उच्चस्थ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह बात स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाए। इन हालात में विभागीय कर्मियों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इतनी ली गई फौजपुरा की भूमि
ललितपुर रेंज के फौजपुरा में करीब 100 हेक्टेयर भूमि ली गई है, जिसमें 62 हजार 500 पौधे रोपित किए जाने है। कुल एक हजार एकड़ क्षेत्र में हरित पट्टी बनाई जानी है, लेकिन रिछा महोली को पृथक कर देने से अब हरित पट्टी का क्षेत्र साढ़े सात सौ एकड़ रह गया है।
हरित पट्टी में ढाई लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में साढ़े सात सौ एकड़ भूमि में एक लाख 75 हजार पौधे रोपित कर दिए गए हैं। फौजपुरा में पौधरोपण के प्रयास किए जा रहे हैं, इसे कार्ययोजना से नहीं हटाया गया है।
- वी के जैन प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, ललितपुर।