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मध्य प्रदेश की कंपनियां निकालेंगीं रॉक फास्फेट का भंडार
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ललितपुर। जिले की मड़ावरा तहसील में मिले रॉक फास्फेट के भंडार को मध्यप्रदेश की दो कंपनियां निकालेंगीं। ई-ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया के तहत दो ब्लॉकों की नीलामी हो गई है। एक ब्लॉक का कोरम पूरा न होने के चलते इसे निरस्त कर दिया गया।
तहसील मड़ावरा अंतर्गत गांव सोंरई क्षेत्र में रॉक फास्फेट का भंडार मिला था। जोकि 221 हेक्टेयर क्षेत्र में है और यहां पर 16 लाख मिलियन टन रॉक फास्फेट है। इस क्षेत्र को भूतत्व खनिकर्म विभाग ने पांच खंडों में बांटकर तीन ब्लॉक बनाए थे। जिसमें ब्लॉक एक और तीन को एक-एक खंड और ब्लॉक दो में तीन खंडों को शामिल किया गया था। तीनों ब्लॉकों से रॉक फास्फेट निकालने के लिए शासन ने ई-ग्लोबल टेंडर प्रकिया अपनाई।
हाल ही में इस निविदा को खोला गया, जिसमें ब्लॉक एक व तीन का ठेका मध्य प्रदेश की आरएमएचएसएम और एचएसएम प्राइवेट लिमिटेड होशंगाबाद को मिला है। जबकि ब्लॉक नंबर दो का कोरम पूरा न होने के चलते इसकी निविदा को निरस्त कर दिया गया है। अब इस ब्लॉक के लिए अक्तूबर माह में शासन पुन: ई-ग्लोबल टेंडर जारी करने की तैयारी कर रहा है। दोनों कंपनियां कागजी कवायद में जुट गई हैं। अब जल्द ही इन क्षेत्रों पर काम शुरू हो जाएगा। रॉक फास्फेट निकालने के लिए अधिगृहित हुई कंपनियों के मड़ावरा क्षेत्र में पहुंचने से यहां के लोगों के लिए रोजगार की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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पहले निविदा प्रक्रिया की जा चुकी है निरस्त
शासन ने पहले रॉक फॉस्फेट निकालने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई थी। जिसमें ब्लॉक एक का ग्लोबल टेंडर कंपोजिटिव लाइसेंस पर हुआ था। जबकि दो व तीन पर माइनिंग लाइसेंस कर्नाटक की नर्मदा शुगर कंपनी के नाम से हुआ था। लेकिन शासन की मंशानुरूप टेंडर न होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद पुन: ग्लोबल टेंडर जारी किए थे।
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सोना, प्लेटिनम व आयरन की प्रक्रिया चल रही
तहसील मड़ावरा के ही गिरार व इकौना क्षेत्र में सोना, प्लेटिनम और आयरन को निकालने के लिए शासन स्तर पर ई-ग्लोबल टेंडर जुलाई माह से चल रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रक्रिया भी जल्द ही पूर्ण कर ली जाएगी और यहां से इन बेशकीमती धातुओं को निकालने का काम शुरू हो जाएगा। जिससे शासन के राजस्व में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।
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चार वर्ष पूर्व मिले थे रॉक फास्फेट के सुराग
ललितपुर। करीब चार वर्ष पूर्व तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई, टोरी व पिसनारी में रॉक फास्फेट होने के सुराग मिले थे। जिस पर वर्ष 2021 में शासन ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग को इस वन क्षेत्र जोकि करीब 145 हेक्टेयर था, में बहुमूल्य खनिज रॉक फास्फेट की खोज करने की सशर्त मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद भूतत्व विभाग ने इस क्षेत्र में सर्वे व रॉक फास्फेट की खोज शुरू कर दी थी। कुछ माह के बाद ही उनके हाथ सफलता भी लग गई थी। इसके बाद इस क्षेत्र से रॉक फास्फेट निकालने के लिए शासन ने ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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शासन स्तर पर रॉक फास्फेट के दो ब्लॉकों की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अभी अनुबंध नहीं हुआ है। एक ब्लॉक का कोरम पूरा न होने के कारण इसे निरस्त करते हुए, इसकी निविदा प्रक्रिया पुन: अपनाई जाएगी। - शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी
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तहसील मड़ावरा अंतर्गत गांव सोंरई क्षेत्र में रॉक फास्फेट का भंडार मिला था। जोकि 221 हेक्टेयर क्षेत्र में है और यहां पर 16 लाख मिलियन टन रॉक फास्फेट है। इस क्षेत्र को भूतत्व खनिकर्म विभाग ने पांच खंडों में बांटकर तीन ब्लॉक बनाए थे। जिसमें ब्लॉक एक और तीन को एक-एक खंड और ब्लॉक दो में तीन खंडों को शामिल किया गया था। तीनों ब्लॉकों से रॉक फास्फेट निकालने के लिए शासन ने ई-ग्लोबल टेंडर प्रकिया अपनाई।
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हाल ही में इस निविदा को खोला गया, जिसमें ब्लॉक एक व तीन का ठेका मध्य प्रदेश की आरएमएचएसएम और एचएसएम प्राइवेट लिमिटेड होशंगाबाद को मिला है। जबकि ब्लॉक नंबर दो का कोरम पूरा न होने के चलते इसकी निविदा को निरस्त कर दिया गया है। अब इस ब्लॉक के लिए अक्तूबर माह में शासन पुन: ई-ग्लोबल टेंडर जारी करने की तैयारी कर रहा है। दोनों कंपनियां कागजी कवायद में जुट गई हैं। अब जल्द ही इन क्षेत्रों पर काम शुरू हो जाएगा। रॉक फास्फेट निकालने के लिए अधिगृहित हुई कंपनियों के मड़ावरा क्षेत्र में पहुंचने से यहां के लोगों के लिए रोजगार की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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पहले निविदा प्रक्रिया की जा चुकी है निरस्त
शासन ने पहले रॉक फॉस्फेट निकालने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई थी। जिसमें ब्लॉक एक का ग्लोबल टेंडर कंपोजिटिव लाइसेंस पर हुआ था। जबकि दो व तीन पर माइनिंग लाइसेंस कर्नाटक की नर्मदा शुगर कंपनी के नाम से हुआ था। लेकिन शासन की मंशानुरूप टेंडर न होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद पुन: ग्लोबल टेंडर जारी किए थे।
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सोना, प्लेटिनम व आयरन की प्रक्रिया चल रही
तहसील मड़ावरा के ही गिरार व इकौना क्षेत्र में सोना, प्लेटिनम और आयरन को निकालने के लिए शासन स्तर पर ई-ग्लोबल टेंडर जुलाई माह से चल रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रक्रिया भी जल्द ही पूर्ण कर ली जाएगी और यहां से इन बेशकीमती धातुओं को निकालने का काम शुरू हो जाएगा। जिससे शासन के राजस्व में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।
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चार वर्ष पूर्व मिले थे रॉक फास्फेट के सुराग
ललितपुर। करीब चार वर्ष पूर्व तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई, टोरी व पिसनारी में रॉक फास्फेट होने के सुराग मिले थे। जिस पर वर्ष 2021 में शासन ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग को इस वन क्षेत्र जोकि करीब 145 हेक्टेयर था, में बहुमूल्य खनिज रॉक फास्फेट की खोज करने की सशर्त मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद भूतत्व विभाग ने इस क्षेत्र में सर्वे व रॉक फास्फेट की खोज शुरू कर दी थी। कुछ माह के बाद ही उनके हाथ सफलता भी लग गई थी। इसके बाद इस क्षेत्र से रॉक फास्फेट निकालने के लिए शासन ने ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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शासन स्तर पर रॉक फास्फेट के दो ब्लॉकों की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अभी अनुबंध नहीं हुआ है। एक ब्लॉक का कोरम पूरा न होने के कारण इसे निरस्त करते हुए, इसकी निविदा प्रक्रिया पुन: अपनाई जाएगी। - शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी