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अस्पताल के डस्टबिन में बीयर की बोतल

lalitpur Updated Mon, 22 May 2017 12:31 AM IST
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प्रशासन
प्रशासन - फोटो : amar ujala

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ललितपुर। नवागंतुक जिलाधिकारी ने पदभार संभालने के बाद पहले ही दिन रविवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। यहां उन्हें हर ओर गंदगी मिली। डस्टबिन में बीयर की बोतल देख जिलाधिकारी भड़क गए। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। डीएम के कड़क तेवर देख स्टाफ और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सुबह की जगह कई घंटे बाद सफाई होते देख उन्होंने सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा।
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जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने रविवार को सबसे पहले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सुबह साढ़े दस बजे वह एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम रमेश चंद्र तिवारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंच गए। यहां गेट पर सिविल लाइन चौकी के बाहर गंदगी देख उनका पारा चढ़ने लगा। इमरजेंसी बार्ड की ओर जाते समय चिकित्सक रूम के पास पान, गुटखे के निशान मिले। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड के सामने ही फिर से गंदगी मिली। वार्ड में मरीजों के चादरें गंदी मिली। उन्होंने मरीजों से हालचाल पूछा और सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सक डॉ. दत्त से मरीजों के बेड व अन्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। बुजुर्ग जरा चिकित्सालय वार्ड में महिला व पुरुष शौचालय की स्थिति देख उनका गुस्सा बाहर आ गया।  टायलेट सीट टूटी मिलने और गंदगी मिलने पर अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई। अभी वह यहां से बाहर निकल ही रहे थे कि एक डस्टबिन में बीयर की बोतल देख वह भड़क गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से स्पष्टीकरण तलब किया है। गैलरी के पास लगा आरओ प्लांट से दुर्गंध आने पर उन्होंने सफाई के निर्देश दिए।



अफसरों को देख कर्मचारी सफाई कार्य में जुट गए। अस्पताल के स्टाफ में अफरातफरी की स्थिति देख उन्होंने कहा कि वह यहां हड़कंप मचाने नहीं बल्कि व्यवस्था सुधारने आए हैं। इसके बाद वह पहली मंजिल पर बने प्राइवेट वार्डों को देखने पहुंचे। यहां हर वार्ड के किचिन में ताला मिला। कई मरीजों ने अव्यवस्थाओं की शिकायत की। उन्होंने अस्पताल में जमा कबाड़ को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लिफ्ट बंद होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसके शीघ्र संचालन को कहा। वार्ड निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति ने पुलिस द्वारा उसकी शिकायत का निस्तारण नहीं करने का आरोप भी लगाया, जिस पर उन्होंने उक्त व्यक्ति को दूसरे दिन कार्यालय में मिलने का समय दिया।

जवाब नहीं दे पाए प्रभारी सीएमएस
जिलाधिकारी ने अव्यवस्थाओं पर पूछताछ के लिए सीएमएस को बुलवाया। लेकिन, काफी देर तक वह नहीं आए। कुछ देर बाद प्रभारी सीएमएस एमसी गुप्ता पहुंचे। डीएम ने प्रभारी सीएमएस से अव्यवस्थाओं पर जवाब मांगा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने कहा कि अगर वह यहां नहीं आते तो शायद आज सफाई होती ही नहीं। कहा कि अगले निरीक्षण में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलनी चाहिए। इस तरह के औचक निरीक्षण होते रहेंगे।

100 मरीजों को किचिन में एक किलो दाल मिली      
जिलाधिकारी जब महिला चिकित्सालय में पहुंचे तो किचिन में रसोइया द्वारा लौकी बनाई जा रही थी। उन्होंने कुकर खुलवाकर देखा तो आधे में कुकर लौकी बनी थी, जो 25 मरीजों में बांटी जानी थी। उन्होंने महिला सीएमएस से मेन्यू की जानकारी ली, लेकिन वह स्पष्ट कुछ नहीं बता सकीं। उन्होंने लौकी के अलावा दाल बनाने की बात कही, लेकिन बनाई नहीं गई थी। उन्हें एक स्टील के डिब्बे में 100 मरीजों के लिए एक किलो से भी कम दाल पाई गई। जिलाधिकारी ने यहां डाक्टरों से मरीजों के नाश्ते की जानकारी भी ली।

अस्पताल की लाइन से निजी कनेक्शन की शिकायत
जिलाधिकारी के निरीक्षण में अस्पताल के स्वतंत्र फीडर से लाइनमैन द्वारा अस्पताल से इतर निजी कनेक्शन देने की शिकायत की गई। इस पर जिलाधिकारी संज्ञान लेकर मामले की जांच कराने की बात कही।

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