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कल खुलेगी गल्ला मंडी, कैशलेस होगा भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2016 12:35 AM IST
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mandi news lalitpur
- फोटो : demo
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एक महीने चार दिन बाद बुधवार को गल्ला मंडी का ठप व्यापार फिर से चल पड़ेगा। इस बार गल्ला व्यापार में जिंस का भुगतान किसानों को पूर्ण रूप से कैैशलेस किया जाएगा। हालांकि प्रशासन की बैठक में चेक से भुगतान पर कच्चा आढ़तिया संघ तैयार जरूर हो गया है, लेकिन अधिकांश कच्चे आढ़तियों में चक से भुगतान की इस नई प्रणाली से असमंजस है। इससे बुधवार को गल्ला मंडी खुलने के बाद भी बंद जैसे आसार रहने की संभावना जताई जा रही है।
गत माह नोटबंदी के बाद नौ नबंवर से गल्लामंडी पूर्ण रूप से बंद चल रही है। नोटबंदी के बाद गल्ला व्यापार में भुगतान को लेकर पक्के आढ़तियों ने कच्चे आढ़तियों के सामने जिंस की खरीद पर चेक से भुगतान, टैक्स पेड बिल लेने और आढ़त का व्यापार सवा प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने की शर्त पर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। जिसके चलते गल्ला मंडी लगातार एक माह से बंद चल रही है। मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आने पर अपर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गत दिवस बृहस्पतिवार को बैठक में कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों में जिंस खरीद के भुगतान पर सहमति बनाई गई। जिसमें अब कच्चे आढ़तिया जिंस खरीद के भुगतान चेक से लेने और एक प्रतिशत कमीशन पर व्यापार करने को तैयार हो गए हैं।
हालांकि टैक्स पेड बिल का मामला अब भी नहीं सुलझ सका है, जिस पर निर्णय होना बाकी है। वहीं, एडीएम के हस्तक्षेप के बाद कच्चे आढ़तिया संघ और पक्के आढ़तियों के पदाधिकारियों द्वारा 14 दिसंबर यानी कल बुुधवार से गल्ला मंडी खोलने पर राजी हो गए थे। कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों के पदाधिकारियों के बीच व्यापार में भुगतान प्रणाली को लेकर सहमति जरूर बन गई है, लेकिन अब भी कई गल्ला व्यापारी उक्त शर्तों से सहमत नहीं है। वहीं, गल्ला बेचने के बाद किसान चेक से भुगतान लेने में कितना तैयार होता है, यह भी दिलचस्प रहेगा। बुधवार से गल्ला मंडी खुलने का इंतजार व्यापारियों के साथ-साथ किसानों को भी है, जो अब भुगतान की नई प्रणाली से अपना गल्ला बेचेंगे।
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गत माह नोटबंदी के बाद नौ नबंवर से गल्लामंडी पूर्ण रूप से बंद चल रही है। नोटबंदी के बाद गल्ला व्यापार में भुगतान को लेकर पक्के आढ़तियों ने कच्चे आढ़तियों के सामने जिंस की खरीद पर चेक से भुगतान, टैक्स पेड बिल लेने और आढ़त का व्यापार सवा प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने की शर्त पर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। जिसके चलते गल्ला मंडी लगातार एक माह से बंद चल रही है। मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आने पर अपर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गत दिवस बृहस्पतिवार को बैठक में कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों में जिंस खरीद के भुगतान पर सहमति बनाई गई। जिसमें अब कच्चे आढ़तिया जिंस खरीद के भुगतान चेक से लेने और एक प्रतिशत कमीशन पर व्यापार करने को तैयार हो गए हैं।
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हालांकि टैक्स पेड बिल का मामला अब भी नहीं सुलझ सका है, जिस पर निर्णय होना बाकी है। वहीं, एडीएम के हस्तक्षेप के बाद कच्चे आढ़तिया संघ और पक्के आढ़तियों के पदाधिकारियों द्वारा 14 दिसंबर यानी कल बुुधवार से गल्ला मंडी खोलने पर राजी हो गए थे। कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों के पदाधिकारियों के बीच व्यापार में भुगतान प्रणाली को लेकर सहमति जरूर बन गई है, लेकिन अब भी कई गल्ला व्यापारी उक्त शर्तों से सहमत नहीं है। वहीं, गल्ला बेचने के बाद किसान चेक से भुगतान लेने में कितना तैयार होता है, यह भी दिलचस्प रहेगा। बुधवार से गल्ला मंडी खुलने का इंतजार व्यापारियों के साथ-साथ किसानों को भी है, जो अब भुगतान की नई प्रणाली से अपना गल्ला बेचेंगे।
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