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खेतों में खड़ी फसल को पानी का इंतजार, लेकिन जिम्मेदार बने बेपरवाह
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खेत में खड़ी चना की फसल।
- फोटो : LALITPUR
महरौनी। तहसील महरौनी के सात गांव के किसान जामनी बांध से निकली टीकमगढ़-रजबहा नहर से सिंचाई को निर्भर हैं। लेकिन वर्तमान में नहर न खुलने से चना की फसल को पानी देने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। ग्राम बम्हौरी बहादुरसिंह निवासी किसानों ने एक नवंबर से नहर खोले जाने की मांग की है।
तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम जखौरा, कुम्हैड़ी, बम्हौरी बहादुरसिंह, अगौरा, अशौरा, पाली मौजा के किसान जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर से सिंचाई करते हैं। वर्तमान में इन गांवों के किसानों द्वारा खेतों में बोई चना की फसल को पानी की आवश्यकता है। लेकिन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते एक नवंबर से नहीं खोली जा रही है। इससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। विभाग ने एक नवंबर की जगह 24 नवंबर को नहर खोलने का रोस्टर जारी किया है। किसानों ने एक नवंबर को ही खोले जाने की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि महरौनी रजबहा का रोस्टर प्रभावशाली किसानों के चलते मनमाफिक बनाया दिया जाता है। जबकि टीकमगढ़ रजबहा नहर के रोस्टर में देर से चलाई जा रही है। उन्होंने एक नवंबर से ही चालू कराए जाने की मांग की है।
किसानों द्वारा रबी की फसलों की बुवाई 15 अक्टूबर से प्रारंभ कर दी, अब पानी आवश्यकता है। जिलाधिकारी से टीकमगढ़ रजबहा नहर एक नवंबर से चालू कराए जाने की मांग की है।
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-सुम्मेर सिंह बुंदेला ग्राम प्रधान
खरीफ की फसल अतिवृष्टि से खराब हो गई थी। अब जैसे तैसे रबी की फसल में मटर, मसूर, चना बोया है। पानी के अभाव में टिड्डी फसल को खाने लगीं हैं।
- कांशीराम कुशवाहा
तीन एकड़ जमीन में रबी फसल की बुवाई कर दी है। अब फसल को पानी समय पर नहीं मिलने पर नष्ट हो जाएगी। शीघ्र ही नहर को खोला जाए।
- शंकर रजक
महरौनी रजबहा नहर के साथ हमारी टीकमगढ़ रजबहा नहर को भी एक नवंबर से चालू कराया जाए। इससे फसल नष्ट होने से बच जाएगी।
- बंदू रजक
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तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम जखौरा, कुम्हैड़ी, बम्हौरी बहादुरसिंह, अगौरा, अशौरा, पाली मौजा के किसान जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर से सिंचाई करते हैं। वर्तमान में इन गांवों के किसानों द्वारा खेतों में बोई चना की फसल को पानी की आवश्यकता है। लेकिन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते एक नवंबर से नहीं खोली जा रही है। इससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। विभाग ने एक नवंबर की जगह 24 नवंबर को नहर खोलने का रोस्टर जारी किया है। किसानों ने एक नवंबर को ही खोले जाने की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि महरौनी रजबहा का रोस्टर प्रभावशाली किसानों के चलते मनमाफिक बनाया दिया जाता है। जबकि टीकमगढ़ रजबहा नहर के रोस्टर में देर से चलाई जा रही है। उन्होंने एक नवंबर से ही चालू कराए जाने की मांग की है।
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किसानों द्वारा रबी की फसलों की बुवाई 15 अक्टूबर से प्रारंभ कर दी, अब पानी आवश्यकता है। जिलाधिकारी से टीकमगढ़ रजबहा नहर एक नवंबर से चालू कराए जाने की मांग की है।
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-सुम्मेर सिंह बुंदेला ग्राम प्रधान
खरीफ की फसल अतिवृष्टि से खराब हो गई थी। अब जैसे तैसे रबी की फसल में मटर, मसूर, चना बोया है। पानी के अभाव में टिड्डी फसल को खाने लगीं हैं।
- कांशीराम कुशवाहा
तीन एकड़ जमीन में रबी फसल की बुवाई कर दी है। अब फसल को पानी समय पर नहीं मिलने पर नष्ट हो जाएगी। शीघ्र ही नहर को खोला जाए।
- शंकर रजक
महरौनी रजबहा नहर के साथ हमारी टीकमगढ़ रजबहा नहर को भी एक नवंबर से चालू कराया जाए। इससे फसल नष्ट होने से बच जाएगी।
- बंदू रजक