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सूखा राहत: टेंडर प्रक्रिया की होगी जांच
lalitpur
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:56 AM IST
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किसान
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। सूखा राहत सामग्री बांटने के लिए डाले गए टेंडर प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। इसके निर्देश डीएम ने संबंधित विभागों को दे दिए हैं। जांच के बाद ही टेंडर फाइनल होंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटी जा रही है। यह सामग्री सितंबर माह तक बांटी जानी है। इसके लिए प्रत्येक माह ठेकेदार से सामग्री की आपूर्ति कराई जा रही है।
मई और जून में राहत सामग्री वितरण के बाद ठेकेदारों से जुलाई माह की आपूर्ति के लिए टेंडर मांगे गए थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमें बताया गया कि किस तरह माह दर माह महंगाई बढ़ती जा रही है और टेंडर की दरें बढ़ती जा रही हैं। मई माह में 1,887 रुपये और जून माह में 2,721 रुपये प्रति किट के हिसाब से आपूर्ति की गई थी, जबकि जुलाई माह के लिए डाले गए टेंडर में न्यूनतम रेट 2,843 रुपये प्रति किट के आए थे।
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इस पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने टेंडर प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लेने से पहले जांच कराने का निर्णय लिया है। ठेेकेदार पंजीकृत हैं या नहीं, इसके लिए व्यापार कर विभाग को पंजीकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग को सामग्री की दरों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जांच के बाद ही टेंडर स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटी जा रही है। यह सामग्री सितंबर माह तक बांटी जानी है। इसके लिए प्रत्येक माह ठेकेदार से सामग्री की आपूर्ति कराई जा रही है।
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मई और जून में राहत सामग्री वितरण के बाद ठेकेदारों से जुलाई माह की आपूर्ति के लिए टेंडर मांगे गए थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमें बताया गया कि किस तरह माह दर माह महंगाई बढ़ती जा रही है और टेंडर की दरें बढ़ती जा रही हैं। मई माह में 1,887 रुपये और जून माह में 2,721 रुपये प्रति किट के हिसाब से आपूर्ति की गई थी, जबकि जुलाई माह के लिए डाले गए टेंडर में न्यूनतम रेट 2,843 रुपये प्रति किट के आए थे।
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इस पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने टेंडर प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लेने से पहले जांच कराने का निर्णय लिया है। ठेेकेदार पंजीकृत हैं या नहीं, इसके लिए व्यापार कर विभाग को पंजीकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग को सामग्री की दरों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जांच के बाद ही टेंडर स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किए जाएंगे।