{"_id":"8f7b61f33eea7b2b918851a558499420","slug":"drinking-water-problem-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल: हैंडपंप दे गए जवाब, जल संस्थान बना उदासीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल: हैंडपंप दे गए जवाब, जल संस्थान बना उदासीन
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 15 Jun 2015 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तालबेहट (ललितपुर)। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों की लचरता के चलते
विज्ञापन
वार्ड क्रमांक पांच के वाशिंदों को इस समय पेयजल के गंभीर संकट का सामना
करना पड़ रहा है। जल निगम द्वारा डाली गई पाइप लाइन से लोगों को कोई राहत
नहीं मिल पा रही है। इससे वार्ड के लोगाें में काफी असंतोष है।
इस समय नगर के ऊंचाई पर बने मुहल्ले ढ़ीमरयाना, वाल्मीक बस्ती, मलियाना आदि में पेयजल का गंभीर संकट है। मोहल्ले में लगे अधिकांश हैंडपंपों ने जलस्तर गिरने के कारण पानी देना बंद कर दिया है। कुछ हैंडपंपाें में हत्थे नहीं है। वही जल संस्थान पानी की आपूर्ति कराने में फिसडडी साबित हो रहा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार इस समय इस क्षेत्र में कभी-कभी 10-15 मिनट को नल आ जाते है। अधिकांश परिवार हैंडपंपों पर आश्रित है। हैंडपंपों से पानी लेने के लिए उसे काफी देर तक चलाना पड़ता है। लोगों के अनुसार जल निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से डाली गई पाइप लाइन सफेद हाथी साबित हो रही है। जो कुछ दिनों पूर्व हई टेस्टिंग में कई स्थानाें से फट गई थी। लोगों ने पेयजल संकट दूर करने के लिए अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
इस समय नगर के ऊंचाई पर बने मुहल्ले ढ़ीमरयाना, वाल्मीक बस्ती, मलियाना आदि में पेयजल का गंभीर संकट है। मोहल्ले में लगे अधिकांश हैंडपंपों ने जलस्तर गिरने के कारण पानी देना बंद कर दिया है। कुछ हैंडपंपाें में हत्थे नहीं है। वही जल संस्थान पानी की आपूर्ति कराने में फिसडडी साबित हो रहा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार इस समय इस क्षेत्र में कभी-कभी 10-15 मिनट को नल आ जाते है। अधिकांश परिवार हैंडपंपों पर आश्रित है। हैंडपंपों से पानी लेने के लिए उसे काफी देर तक चलाना पड़ता है। लोगों के अनुसार जल निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से डाली गई पाइप लाइन सफेद हाथी साबित हो रही है। जो कुछ दिनों पूर्व हई टेस्टिंग में कई स्थानाें से फट गई थी। लोगों ने पेयजल संकट दूर करने के लिए अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।