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वार्डवासियों को रुला रही पेयजल व सफाई

Wed, 03 May 2017 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 May 2017 01:34 AM IST
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Drinking water and sanitation main prblomes of wards
sanitation - फोटो : demo
वार्ड नंबर पांच (पुरानी बजरिया, वंशीपुरा, श्रद्धानंदपुरा, अजीतापुरा, बसंत बिहार) का समुचित विकास नहीं हो सका है। यहां पेयजल, सड़क और सफाई की समस्या बनी हुई है, तब जब इस वार्ड में पूर्व विधायक, भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित कई दिग्गज निवास करते हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों का जनप्रतिनिधियों से भरोसा डगमगाने लगा है।     
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वार्ड की शुुरुआत पुरानी बजरिया से होती है। इसी मुहल्ले में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे का निवास है। उनके घर की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल में है। मरई माता मंदिर के पास लगा हैंडपंप खराब है। पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा के घर के पीछे मुहल्ला चिरइया में पाइप लाइन का अभाव बना हुआ है। इससे यहां पानी की समस्या बनी हुई है। इसी मुहल्ले में आधी सीसी सड़क ही डाली गई है। वंशीपुरा में भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है। बिहारी मंदिर के पास स्थित हैंडपंप खराब हो गया है। डेढ़ सौ पुरानी बावड़ी देखरेख के अभाव में कूड़े के ढेर में तब्दील होती जा रही है। बिहारी मंदिर के थोड़े से आगे बावड़ी से वंशीपुरा में पेयजल आपूर्ति का इंतजाम किया गया था जो अब विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। बावड़ी में कूड़ा जमा हो रहा है। वहीं, बावड़ी से निकली पाइप लाइन अलग-थलग पड़ी है। बसंत बिहार कालोनी में नालियों की सफाई नहीं हो रही है। सतेंद्र नारायण श्रीवास्तव के मकान के पास हैंडपंप में हैंडल नहीं लगाया गया है। वहीं, सामने की नाली क्षतिग्रस्त पड़ी है। इस वजह से नाली का पानी इधर-उधर फैल रहा है। मुहल्ला बड़ापुरा से होकर अजीतापुरा जाने वाली पेवर ब्रिक्स की सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है। बसंत बिहार कालोनी से वंशीपुरा की ओर निकली नाली का बुरा हाल है। एमईएस के पास स्थित ट्रांसफार्मर के बगल में कूड़े का ढेर लगा है, तो गंदा पानी इधर-उधर बह रहा है। यही पास में बनी खुुली पुलिया दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है तो नाली भी बजबजा रही है। बसंत बिहार कालोनी में सफाई कर्मी कभी-कभार ही पहुंच रहे हैं। इससे वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है।     
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श्रद्धानंदपुरा में एक भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया है तो बड़ापुरा में एक ही सीसी रोड का काम हुआ है। बजट के अभाव में करीब 30 प्रस्तावों को काम नहीं कराया जा सका है। वार्ड में सफाई कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है। वर्तमान में 5800 मतदाताओं पर केवल आठ सफाई कर्मी सफाई का जिम्मा उठा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 150 में से 50 शौचालय पूर्ण हो गए हैं। स्कूल की कमी महसूस की जा रही है। वार्ड के दो प्राइमरी स्कूल दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिए गए हैं। जिससे यह समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर संतोष जाहिर किया।     
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रजनी रजक     
 
कैप्सन पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा     
मुहल्ला वंशीपुरा व चिरइया मुहल्ले में पानी की समस्या है। आसपास लगे हैंडपंपों से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। यहां की समस्या के समाधान के लिए काफी प्रयास किया गया। लेकिन, इसका हल नहीं निकल सका। हालांकि घर के आसपास की पेयजल व्यवस्था ठीक है।     
रमेश कुशवाहा     
पूर्व सदर विधायक     
 
अजीतापुरा में पेवर ब्रिक्स की सड़क डाली गई थी जो अब पैदल चलने लायक भी नहीं रही है। इसके बाद भी सड़क के पुनर्निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब कोई वाहन से ऊबड़-खाबड़ सड़क से गुजरता है तो उसे हिचकोले खाना पड़ती हैं। कइयों का पेटदर्द भी होने लगता है।     
आविद खान     
 
कैप्सन कृष्णा विश्वकर्मा     
बसंत बिहार कालोनी में साफ-सफाई की हालत बेहद खराब है। यहां सफाई कर्मी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे कई जगहों पर गलियों की नाली चोक हो रही हैं। घर के आसपास उन्हें ही सफाई करनी पड़ती है। इससे सफाई व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।     

कैप्सन घनश्याम सिंह     
वंशीपुरा मुहल्ले में बावड़ी के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे वह कूड़े के ढेर में तब्दील होती जा रही हैं। उन्होंने बावड़ी की साफ-सफाई कराकर उन्हें पेयजल व्यवस्था से जोड़ने की मांग की है। इस तरह न केवल पेयजल की समस्या का हल हो जाएगा बल्कि बावड़ी का भी अस्तित्व बना रहेगा।     
घनश्याम सिंह     
सेवानिवृत्त शिक्षक     

कैप्सन जमना प्रसाद      
नाले के पास बने सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। नगर पालिका परिषद इनकी देखरेख के लिए या तो कर्मचारी तैनात करे या फिर शुल्क निर्धारित      
कर दे। वरना, शौचालयों को साफ सुथरा रखना कठिन काम है।     
जमना प्रसाद     

करीब दस साल पहले सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सड़क खस्ताहाल हो गई है। यहां सबकुछ उल्टा-पुल्टा हो गया है। सड़क के मुकाबले नाली ऊपर हो गई हैं, साथ ही नाली में ढलान नही है। ऊपर से सफाई कर्मी नहीं आते हैं, जिससे नालियों में गंदा पानी भरा रहता है। आपे जरूर आती है, जिसमें मुहल्ले के लोग कूड़ा डाल देते हैं। वरना, यहां कूड़े के ढेर भी लग जाते।


सड़क व नालियों का हुआ निर्माण
नर्ड नंबर पांच में सड़क नाली, इंटरलोक पेवर ब्रिक्स सड़क व नालियों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास ब्याना नाले के पुल की पैरापिट मरम्मत कराई गई है। ब्याना नाले के पास सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत, कांशीराम आवास पार्क के पीछे राठौर गार्डन से शौचालय तक नाला निर्माण कराया है।
सुभाष जायसवाल
अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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