फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Dozens of villages cent percent tubewell bills outstanding

दर्जनों गांवों पर नलकूप बिलों का शत-प्रतिशत बकाया

Sat, 24 Dec 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 24 Dec 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
 Dozens of villages cent percent tubewell bills outstanding
bitut bibhag, lalitpur news - फोटो : demo
जनपद में दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप संयोजनों पर शत-प्रतिशत बकाएदारी चल रही है। फसलों की सिंचाई ओटीएस योजना से भी बिजली विभाग किसानों से बिलों का भुगतान अदा नहीं करवा सका है। इससे नलकूप कनेक्शनों को बिजली विभाग पर करोड़ों रुपया बकाया हो गया है। ऐसे हर गांव में 40 हजार से ढाई लाख रुपये तक के बकाएदारों द्वारा बकाया जमा नहीं किया गया है।। 
विज्ञापन


जनपद में विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को खेतों की सिंचाई के लिए करीब पांच हजार से अधिक नलकूप विद्युत कनेक्शन जारी किए गए हैं। हर नलकूप कनेक्शन पर विभाग द्वारा फिक्स चार्ज के रुपये में करीब 1200 रुपये हर माह बिजली का बिल जारी होता है। ऐसे में एक वर्ष में एक उपभोक्ता पर करीब 15 हजार रुपये के बिल का भुगतान करना होता है। जनपद में अब तक 3540 नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते ऐसे सभी उपभोक्ताओं पर 25.78 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं द्वारा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है और उन गांवों में लगभग सभी उपभोक्ताओं पर कम से कम 40 हजार रुपये और अधिकतम ढाई लाख रुपये तक बकाएदारी चल रही है। विद्युत उपखंड कार्यालय तृतीय महरौनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सुनवाहा, पठा, बुदनी, गढ़ौली, मुढ़िया, लरगन, पचौड़ा, धवारी, पड़वा आदि समेत दर्जनों गांव शामिल हैं, जिनमें विभाग द्वारा किसी भी उपभोक्ता द्वारा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।  
विज्ञापन


इन गांव में करीबन 70 से 80 उपभोक्ताओं द्वारा नलकूप विद्युत कनेक्शन लिए हैं। वहीं, उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत मड़ावरा क्षेत्र में भी दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं पर बकाएदारी बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा ऐसे किसान उपभोक्ताओं से वसूली के लिए एक मुश्त समाधान योजना भी लागू की गई है। बिजली विभाग में ओटीएस योजना भी दो दिसंबर से लागू कर दी गई, लेकिन अभी तक आधा दर्जन किसान उपभोक्ताओं द्वारा ही ओटीएस योजना में पंजीकरण कराया जा सका है। जबकि अभी तक किसी भी ऐसे उपभोक्ताओं द्वारा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। हालांकि इसका कारण वर्तमान में किसानों के फसल की सिंचाई में व्यस्त होना है। विभागीय जानकारों के अनुसार ओटीएस का सही लाभ किसानों को मार्च के बाद ही मिलता है, जबकि विभाग को भी उसी समय अच्छा राजस्व प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed