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दहेज हत्या में पति को आठ साल की सजा
ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2015 01:47 AM IST
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ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश हरकेश कुमार की अदालत ने तीन वर्ष पुराने दहेज हत्या के एक मामले में पति को आठ वर्ष की सजा सुनाई है। जबकि, ससुर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
नाराहाट थाना क्षेत्र के ग्राम गौना निवासी नारायण सिंह ने 03 मार्च 2011 को ग्राम ककड़ारी निवासी कृष्ण पाल सिंह व भवानी सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी बेटी प्रीति की शादी ग्राम ककड़ारी निवासी भवानी सिंह के पुत्र कृष्ण पाल सिंह के साथ हुई थी।
शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर पुत्री को परेशान करने लगे। ससुराल पक्ष के लोग प्रीति पर मोटरसाइकिल व अन्य सामान लाने का दबाव बनाते थे। तीन मार्च को उन्हें जानकारी मिली कि प्रीति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंचने पर घटनाक्रम संदिग्ध लगा।
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उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति कृष्ण पाल सिंह व ससुर भवानी सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पति कृष्ण पाल सिंह को दोषी पाया। जबकि, ससुर भवानी सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। कृष्ण पाल सिंह को आठ वर्ष का कारावास व बीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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नाराहाट थाना क्षेत्र के ग्राम गौना निवासी नारायण सिंह ने 03 मार्च 2011 को ग्राम ककड़ारी निवासी कृष्ण पाल सिंह व भवानी सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी बेटी प्रीति की शादी ग्राम ककड़ारी निवासी भवानी सिंह के पुत्र कृष्ण पाल सिंह के साथ हुई थी।
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शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर पुत्री को परेशान करने लगे। ससुराल पक्ष के लोग प्रीति पर मोटरसाइकिल व अन्य सामान लाने का दबाव बनाते थे। तीन मार्च को उन्हें जानकारी मिली कि प्रीति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंचने पर घटनाक्रम संदिग्ध लगा।
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उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति कृष्ण पाल सिंह व ससुर भवानी सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पति कृष्ण पाल सिंह को दोषी पाया। जबकि, ससुर भवानी सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। कृष्ण पाल सिंह को आठ वर्ष का कारावास व बीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।