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Lalitpur News: परीक्षा का डर न पालें, मेहनत और लगन से पढ़ें, मिलेगी सफलता
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। परीक्षा को लेकर डर न पालें। क्योंकि, कोई परीक्षा आखिरी नहीं होती है और जिंदगी में खुद को साबित करने के कई मौके मिलते हैं। हार हमें मजबूत बनाती है। बस जरूरी है तो एकाग्रता से पढ़ने की। अगर मेहनत और लगन से पढ़ाई की है तो सफलता जरूर मिलेगी। असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है। बल्कि कमियों को पहचानकर फिर से प्रयास करना चाहिए। मोबाइल से दूरी बनाएं और एकाग्रता से पढ़ाई करें।
बोर्ड परीक्षा से पहले बुधवार को दीनदयाल सभागार में हुए अमर उजाला के तनाव मुक्त परीक्षा कार्यक्रम में आईएएस और आईपीएस अफसरों ने कुछ ऐसे ही टिप्स छात्र-छात्राओं को देकर उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में अलग-अलग बोर्ड के छात्र-छात्राओं ने अफसरों से सवाल भी पूछे, जिनके अफसरों ने बखूबी जवाब दिए।
अफसरों ने कहा कि मेहनत, लगन और समय का प्रबंधन, ये हर परीक्षा में सफलता पाने के मूलमंत्र हैं। असफलता का डर और निराशा कमजोर बना देती है। परीक्षा को चुनौती नहीं बल्कि एक उत्सव की तरह मानते हुए अपनी तैयारी करें। कार्यक्रम का संचालन सूरज प्रसाद इंटर कॉलेज की प्रवक्ता आसमा खान ने किया। इस दौरान कारोबारी वीरेंद्र राय, डीआईओएस राजेश कुमार सिंह, बीएसए नीलम यादव मौजूद रहीं।
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जो काम करें, पूरी एकाग्रता से करें : डीआईजी
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा को लेकर किसी भी तरह का डर या डिप्रेशन परीक्षार्थियों को नहीं होना चाहिए। डिप्रेशन तब होता है, जब चीजें अनुकूल नहीं होती हैं। जीवन में काफी चीजें आशा अनुरूप नहीं होती हैं। ऐसे में कठिन समय का मजबूती से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बीत गया, उसके बारे में न सोचें। वर्तमान में जितनी मेहनत कर सकते हैं, उतनी करें। शरीर स्वस्थ रखेंगें और समय का सदुपयोग करेंगे, तो निश्चित ही विजेता बनेंगे। बस जो काम करें, वो पूरी एकाग्रता से करें। क्योंकि, मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। उन्होंने कहा कि 99 फीसदी अंक लाने वाला भी पास होता है 35 फीसदी वाला भी। यूपीएससी में तो 35 फीसदी अंक लाने वाला छात्र टॉप 100 में आ जाता है।
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अंक बहुत कुछ होते हैं, लेकिन सब कुछ नहीं : जेडीए उपाध्यक्ष
जेडीए उपाध्यक्ष आलोक यादव ने कहा कि अंक बहुत कुछ होते हैं मगर अंक सबकुछ नहीं होते हैं। जिसकी जितना क्षमता है, उसी अनुरूप प्रदर्शन कर पाएगा। मगर ये ध्यान रखें कि परीक्षा से पहले जितना ज्ञान है और पढ़ा है, कहीं तनाव के चक्कर में परीक्षा के दौरान उसे भूल न जाएं। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से पहले ये सोचें कि आज श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। परीक्षा की तैयारी करते समय परिणाम के बारे में भी न सोचें। अगर कोई विषय समझ नहीं आ रहा है, तो जल्दी समझ आने वाले विषयों को पढ़ें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। फिर कठिन विषय को बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ पढ़ेंगे तो वो भी समझ आ जाएगा। अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम बोर्ड परीक्षार्थियों के तनाव को कम करने में अहम साबित होगा।
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स्ट्रेस मैनेजमेंट बेहद जरूरी : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने कहा कि स्ट्रेस मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। आजकल युवा मैदान पर खेलने की जगह मोबाइल पर समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं। जबकि, लगातार मोबाइल देखने से आंख और दिमाग दोनों पर तनाव पड़ता है। छात्र-छात्राओं को सफलता से ज्यादा असफलता का तनाव होता है। अगर अच्छे से पढ़ाई की है तो निश्चित तौर पर परिणाम बेहतर आएगा। उन्होंने कहा कि एक कक्षा का परिणाम जीवन तय नहीं करता है। ऐसे में कभी अपेक्षा अनुरूप परीक्षा परिणाम न आए तो निराश और हताश न हों। कॅरिअर बनाने के लिए कई रास्ते हमें मिलते हैं। मगर बचपन से ही स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखना चाहिए।
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अफसरों ने ये टिप्स भी दिए
- परीक्षा के समय तनाव न लें, वरना पढ़ा हुआ भूल सकते हैं।
- परीक्षा देने से पहले पर्याप्त नींद लें। खाली पेट परीक्षा देने न जाएं।
- अगले महीने से बोर्ड परीक्षाएं हैं, इसलिए टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें।
- स्कूल की परीक्षा की तरह ही बोर्ड परीक्षा होती है। इसलिए घबराएं नहीं।
- परीक्षा के अंतिम सप्ताह में तीन घंटे का सैंपल पेपर जरूर हल करें।
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इन स्कूलों के छात्र-छात्राएं रहे शामिल
कार्यक्रम में महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल,ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल, माउंट लिट्रा जी स्कूल, कैथेडि्रल कॉलेज, शीयरवुड कॉलेज, सीकेसी, सेंट उमर स्कूल, जीआईसी, ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल, गुरुकुल, हाफिज सिद्दीक इंटर कॉलेज, एसपीआई, एमएनपीआईसी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल, अफसरों ने दिया जवाब
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सवाल: पढ़ाई के दौरान एकाग्रता कैसे बढ़ाएं। ताकि, पढ़ा हुआ याद रहे। - माही चौबे, छात्रा।
जवाब: पढ़ते समय मोबाइल से सबसे ज्यादा बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में पढ़ाई करते समय मोबाइल कतई न देखें। न ही ये सोचें कि किसी का मेसेज तो नहीं आया है। - नगर आयुक्त।
सवाल: परीक्षा शुरू होने से पहले कई चीजें दिमाग में चलती हैं। इससे कैसे बचें। - प्राची भटनागर, छात्रा।
जवाब: परीक्षा देते समय कभी परिणाम के बारे में न सोचें। सिर्फ परीक्षा में आए सवालों को हल करें। न ही ये सोचें कि नंबर कम आए तो क्या होगा। तब अच्छे से परीक्षा दे सकेंगे। - नगर आयुक्त।
सवाल: केमिस्ट्री और बायोलॉजी का अच्छा ज्ञान है। मगर फिजिक्स ज्यादा समझ नहीं आती। - अपूर्वा, छात्रा।
जवाब: अगर गणित में अच्छे नहीं हैं तो ये कतई न समझें कि फिजिक्स समझ नहीं आएगी। अगर थीम समझ लें तो पढ़ाई में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। - जेडीए उपाध्यक्ष।
सवाल: क्या अच्छे नंबर लाने के लिए स्कूल के साथ-साथ कोचिंग पढ़ना जरूरी है। - गर्विता, छात्रा।
जवाब: ऐसा नहीं है। बिना कोचिंग किए यूपीएससी की परीक्षा तक पास की जा सकती है। मैंने खुद बिना कोचिंग के सिविल सर्विस की तैयारी करते हुए यूपीएससी परीक्षा पास की है। - डीआईजी।
सवाल: क्या इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही कॅरिअर की शुरुआत हो जाती है। - पलक यादव, छात्र।
जवाब: कॅरिअर की शुरुआत कहां से करनी है, ये काफी हद तक खुद पर निर्भर करता है। बोर्ड परीक्षा में 99 फीसदी अंक लाने वाला भी पास है और 35 फीसदी अंक वाला भी। - डीआईजी।
सवाल: आईसीएसई, सीबीएसई बोर्ड में से कौन सा बेहतर है। - निर्मल कुशवाहा, छात्र
जवाब: किसी भी बोर्ड से पढ़ाई करें, इससे मतलब नहीं रहता। मगर जिस भी बोर्ड से पढ़ रहे हैं, वो पूरी लगन से पढ़ें। ये ज्यादा जरूरी होता है। - नगर आयुक्त।
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झांसी। परीक्षा को लेकर डर न पालें। क्योंकि, कोई परीक्षा आखिरी नहीं होती है और जिंदगी में खुद को साबित करने के कई मौके मिलते हैं। हार हमें मजबूत बनाती है। बस जरूरी है तो एकाग्रता से पढ़ने की। अगर मेहनत और लगन से पढ़ाई की है तो सफलता जरूर मिलेगी। असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है। बल्कि कमियों को पहचानकर फिर से प्रयास करना चाहिए। मोबाइल से दूरी बनाएं और एकाग्रता से पढ़ाई करें।
बोर्ड परीक्षा से पहले बुधवार को दीनदयाल सभागार में हुए अमर उजाला के तनाव मुक्त परीक्षा कार्यक्रम में आईएएस और आईपीएस अफसरों ने कुछ ऐसे ही टिप्स छात्र-छात्राओं को देकर उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में अलग-अलग बोर्ड के छात्र-छात्राओं ने अफसरों से सवाल भी पूछे, जिनके अफसरों ने बखूबी जवाब दिए।
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अफसरों ने कहा कि मेहनत, लगन और समय का प्रबंधन, ये हर परीक्षा में सफलता पाने के मूलमंत्र हैं। असफलता का डर और निराशा कमजोर बना देती है। परीक्षा को चुनौती नहीं बल्कि एक उत्सव की तरह मानते हुए अपनी तैयारी करें। कार्यक्रम का संचालन सूरज प्रसाद इंटर कॉलेज की प्रवक्ता आसमा खान ने किया। इस दौरान कारोबारी वीरेंद्र राय, डीआईओएस राजेश कुमार सिंह, बीएसए नीलम यादव मौजूद रहीं।
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जो काम करें, पूरी एकाग्रता से करें : डीआईजी
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा को लेकर किसी भी तरह का डर या डिप्रेशन परीक्षार्थियों को नहीं होना चाहिए। डिप्रेशन तब होता है, जब चीजें अनुकूल नहीं होती हैं। जीवन में काफी चीजें आशा अनुरूप नहीं होती हैं। ऐसे में कठिन समय का मजबूती से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बीत गया, उसके बारे में न सोचें। वर्तमान में जितनी मेहनत कर सकते हैं, उतनी करें। शरीर स्वस्थ रखेंगें और समय का सदुपयोग करेंगे, तो निश्चित ही विजेता बनेंगे। बस जो काम करें, वो पूरी एकाग्रता से करें। क्योंकि, मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। उन्होंने कहा कि 99 फीसदी अंक लाने वाला भी पास होता है 35 फीसदी वाला भी। यूपीएससी में तो 35 फीसदी अंक लाने वाला छात्र टॉप 100 में आ जाता है।
अंक बहुत कुछ होते हैं, लेकिन सब कुछ नहीं : जेडीए उपाध्यक्ष
जेडीए उपाध्यक्ष आलोक यादव ने कहा कि अंक बहुत कुछ होते हैं मगर अंक सबकुछ नहीं होते हैं। जिसकी जितना क्षमता है, उसी अनुरूप प्रदर्शन कर पाएगा। मगर ये ध्यान रखें कि परीक्षा से पहले जितना ज्ञान है और पढ़ा है, कहीं तनाव के चक्कर में परीक्षा के दौरान उसे भूल न जाएं। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से पहले ये सोचें कि आज श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। परीक्षा की तैयारी करते समय परिणाम के बारे में भी न सोचें। अगर कोई विषय समझ नहीं आ रहा है, तो जल्दी समझ आने वाले विषयों को पढ़ें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। फिर कठिन विषय को बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ पढ़ेंगे तो वो भी समझ आ जाएगा। अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम बोर्ड परीक्षार्थियों के तनाव को कम करने में अहम साबित होगा।
स्ट्रेस मैनेजमेंट बेहद जरूरी : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने कहा कि स्ट्रेस मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। आजकल युवा मैदान पर खेलने की जगह मोबाइल पर समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं। जबकि, लगातार मोबाइल देखने से आंख और दिमाग दोनों पर तनाव पड़ता है। छात्र-छात्राओं को सफलता से ज्यादा असफलता का तनाव होता है। अगर अच्छे से पढ़ाई की है तो निश्चित तौर पर परिणाम बेहतर आएगा। उन्होंने कहा कि एक कक्षा का परिणाम जीवन तय नहीं करता है। ऐसे में कभी अपेक्षा अनुरूप परीक्षा परिणाम न आए तो निराश और हताश न हों। कॅरिअर बनाने के लिए कई रास्ते हमें मिलते हैं। मगर बचपन से ही स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखना चाहिए।
अफसरों ने ये टिप्स भी दिए
- परीक्षा के समय तनाव न लें, वरना पढ़ा हुआ भूल सकते हैं।
- परीक्षा देने से पहले पर्याप्त नींद लें। खाली पेट परीक्षा देने न जाएं।
- अगले महीने से बोर्ड परीक्षाएं हैं, इसलिए टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें।
- स्कूल की परीक्षा की तरह ही बोर्ड परीक्षा होती है। इसलिए घबराएं नहीं।
- परीक्षा के अंतिम सप्ताह में तीन घंटे का सैंपल पेपर जरूर हल करें।
इन स्कूलों के छात्र-छात्राएं रहे शामिल
कार्यक्रम में महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल,ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल, माउंट लिट्रा जी स्कूल, कैथेडि्रल कॉलेज, शीयरवुड कॉलेज, सीकेसी, सेंट उमर स्कूल, जीआईसी, ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल, गुरुकुल, हाफिज सिद्दीक इंटर कॉलेज, एसपीआई, एमएनपीआईसी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल, अफसरों ने दिया जवाब
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सवाल: पढ़ाई के दौरान एकाग्रता कैसे बढ़ाएं। ताकि, पढ़ा हुआ याद रहे। - माही चौबे, छात्रा।
जवाब: पढ़ते समय मोबाइल से सबसे ज्यादा बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में पढ़ाई करते समय मोबाइल कतई न देखें। न ही ये सोचें कि किसी का मेसेज तो नहीं आया है। - नगर आयुक्त।
सवाल: परीक्षा शुरू होने से पहले कई चीजें दिमाग में चलती हैं। इससे कैसे बचें। - प्राची भटनागर, छात्रा।
जवाब: परीक्षा देते समय कभी परिणाम के बारे में न सोचें। सिर्फ परीक्षा में आए सवालों को हल करें। न ही ये सोचें कि नंबर कम आए तो क्या होगा। तब अच्छे से परीक्षा दे सकेंगे। - नगर आयुक्त।
सवाल: केमिस्ट्री और बायोलॉजी का अच्छा ज्ञान है। मगर फिजिक्स ज्यादा समझ नहीं आती। - अपूर्वा, छात्रा।
जवाब: अगर गणित में अच्छे नहीं हैं तो ये कतई न समझें कि फिजिक्स समझ नहीं आएगी। अगर थीम समझ लें तो पढ़ाई में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। - जेडीए उपाध्यक्ष।
सवाल: क्या अच्छे नंबर लाने के लिए स्कूल के साथ-साथ कोचिंग पढ़ना जरूरी है। - गर्विता, छात्रा।
जवाब: ऐसा नहीं है। बिना कोचिंग किए यूपीएससी की परीक्षा तक पास की जा सकती है। मैंने खुद बिना कोचिंग के सिविल सर्विस की तैयारी करते हुए यूपीएससी परीक्षा पास की है। - डीआईजी।
सवाल: क्या इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही कॅरिअर की शुरुआत हो जाती है। - पलक यादव, छात्र।
जवाब: कॅरिअर की शुरुआत कहां से करनी है, ये काफी हद तक खुद पर निर्भर करता है। बोर्ड परीक्षा में 99 फीसदी अंक लाने वाला भी पास है और 35 फीसदी अंक वाला भी। - डीआईजी।
सवाल: आईसीएसई, सीबीएसई बोर्ड में से कौन सा बेहतर है। - निर्मल कुशवाहा, छात्र
जवाब: किसी भी बोर्ड से पढ़ाई करें, इससे मतलब नहीं रहता। मगर जिस भी बोर्ड से पढ़ रहे हैं, वो पूरी लगन से पढ़ें। ये ज्यादा जरूरी होता है। - नगर आयुक्त।