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जनपद में कुत्ते हुए खूंखार, प्रतिमाह 500 पर कर रहे हमले

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 01:48 AM IST
Dogs become dreadful in the district, attacking 500 per month
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ललितपुर। जिले में कुत्ते खूंखार होने पर कहर बरपा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में 495 लोगों को काटकर जख्मी किया है। वहीं जून माह में एक से 24 जून तक 402 लोगों को काट चुके हैं, जिन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है। वहीं, 882 पुराने मरीजों को एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। इससे कुत्तों के काटने की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ लगी रहती है।

जनपद में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रहीं हैं। ऐसे में बच्चे समेत बड़ों में भी भय का माहौल बना है। स्थिति यह है कि लोग कुत्तों को देखते ही मन में डर पैदा हो गया है। कई स्थानों पर तो रास्तों में पैदल चलने वाले कुछ राहगीर कुत्तों को देेखते ही रास्ता बदल लेते हैं। अधिक कुत्ते घूमने वाले शहरी क्षेत्र में बच्चों को अकेले भेजने में परेशानी होती है।

जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने वाले मरीजों की एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए कतार लगी रहती है। यहां पर प्रतिदिन लगभग 15 से 20 मरीज पंजीयन कराकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं जनपद में अन्य सीएचसी व पीएचसी पर पर भी मरीज लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले में बीते माह मई माह में 495 नए मरीजों ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया था। वहीं इस माह में एक जून से 24 जून तक 402 लोग इंजेक्शन लगवा चुके हैं। वहीं 882 पुराने मरीजों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दिनों के अंतराल पर लगते इंजेक्शन
कुत्ते के काटने वाले मरीजों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाया जाता है। प्रत्येक कुत्ता काटने वाले मरीज को चार-चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन पहले दिन या दूसरे दिन, इसके बाद तीसरे दिन, सातवें और अठ्ठाइसवें दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
कुत्ते ने हमलाकर बुजुर्ग की ले ली थी जान
बानपुर में 27 मई की रात कस्बा निवासी 86 वर्षीय राजेंद्र सिंह के कमरे में घुसकर एक कुत्ते ने हमला कर जगह जगह काट डाला। सुबह परिजनों ने देखा तो उनका शव लहू लुहान मिला। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुत्ते कितने खतरनाक हो रहे हैं।
यह रहा नए मरीजों का आंकड़ा
माह - नए मरीजों की संख्या
अप्रैल - 477
मई - 495
एक जून से 24 तक - 402
जंगली या पालतू जानवर के काटने को हल्के में न लें। साबुन व पानी से साफ करें। तत्काल नजदीकि स्वास्थ्य इकाई पर चिकित्सक से परामर्श लें और पूरा कोर्स लें। डॉ. देशराज सिंह, एपीडेमियोलॉजिस्ट
जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी पर एंटी रैबीज के पर्याप्त इंजेक्शन हैं। मरीजों के आने पर पंजीयन कर क्रम के अनुसार लगाए जा रहे हैं। डॉ. अजय भाले, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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