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डॉक्टरों को देना होगा शपथ पत्र
Lalitpur
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:03 AM IST
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डॉक्टरों को देना होगा शपथ पत्र
- फोटो : demo
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ललितपुर। सरकारी चिकित्सकों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने की खबर को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सकों से सात दिन के अंदर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करने का शपथ पत्र मांगा है।
रविवार 10 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने सरकारी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस शीर्षक से पेज नंबर दो पर खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मुुकेश चंद्र दुबे को सभी सरकारी चिकित्सकों से सात दिन के अंदर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करने का शपथ जमा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जनपद में बड़ी संख्या में सरकारी चिकित्सकों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस की जा रही है। कुछ चिकित्सकों ने सरकारी अस्पताल को ही प्राइवेट प्रैक्टिस करने का अड्डा बना लिया है। वहीं, जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने अपने घरों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साथ ही निजी मेडिकल स्टोर खोलकर आमजन को मनमानी दवाएं बेचकर कारोबार कर रहे हैं। एक चिकित्सक के घर में तो दलाल बैठते हैं। जब मरीज आता है तो दलाल उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर चिकित्सक के पास दिखाने ले जाता है। यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है।
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रविवार 10 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने सरकारी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस शीर्षक से पेज नंबर दो पर खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मुुकेश चंद्र दुबे को सभी सरकारी चिकित्सकों से सात दिन के अंदर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करने का शपथ जमा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जनपद में बड़ी संख्या में सरकारी चिकित्सकों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस की जा रही है। कुछ चिकित्सकों ने सरकारी अस्पताल को ही प्राइवेट प्रैक्टिस करने का अड्डा बना लिया है। वहीं, जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने अपने घरों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साथ ही निजी मेडिकल स्टोर खोलकर आमजन को मनमानी दवाएं बेचकर कारोबार कर रहे हैं। एक चिकित्सक के घर में तो दलाल बैठते हैं। जब मरीज आता है तो दलाल उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर चिकित्सक के पास दिखाने ले जाता है। यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है।
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