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जिलाधिकारी ने लौटाई दिव्यांग प्रसूता की मौत के मामले की जांच
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ललितपुर। तीन माह पहले जिला महिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के मामले में बैठाई गई मजिस्ट्रीयल जांच से डीएम संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने एसडीएम सदर की जांच को लौटा दिया है। इससे नए सिरे से जांच होने के आसार बन गए हैं।
जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं से पैसे मांगने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसा ही एक प्रकरण तीन माह पहले आठ सितंबर को उजागर हुुआ था, तब शहर कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला पिसनारी निवासी दिव्यांग प्रसूता माया को प्रसव पीड़ा होने पर रात्रि में लगभग आठ बजे जिला महिला चिकित्सालय लाया गया था। जहां ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया। हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई थी। इस पर मृतका की सास व पति ने चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। मृतका की सास गिरजा ने आरोप लगाते हुए बताया था कि वार्ड में शिफ्ट होने के काफी देर बाद तैनात स्टाफ ने ड्रिप लगाई थी। ड्रिप धीमी होने की सूचना देने पर दुत्कार कर भगा दिया गया था। इसी दौरान सांसें रुकने लगीं थी, जिस पर प्रसूता को रेफर के लिए कह दिया और जब वह बाहर से फोन कर वापस आई तो बहू अपने पलंग पर नहीं थी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बहू का शव मिल सका था। मृतका के पति प्रताप ने आरोप लगाते हुए बताया था कि ऑपरेशन से प्रसव होने के एवज में दस हजार रुपयों की मांग की थी। आठ हजार रुपए की व्यवस्था कर दी थी। प्रसव होने के बाद बताया कि पत्नी का इलाज चल रहा है। बाद में बताया कि मौत हो चुकी है। इसके बाद शव को छिपा दिया था।
जिलाधिकारी ने प्रसव के एवज में पैसे लेने व प्रसव के बाद लापरवाही बरतने से प्रसूता के मौत होने के मामले की मजिस्ट्रीयल जांच बैठा दी थी। उपजिलाधिकारी सदर ने जांच पूरी होने पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी थी, लेकिन जिलाधिकारी जांच से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने जांच सदर उपजिलाधिकारी को लौटा दी है। अब जांच नये सिरे से होने की संभावना है।
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जिला महिला अस्पताल में दिव्यांग प्रसूता की मौत होने के मामले की जांच जिलाधिकारी को भेजी गई थी, जो वापस आ गई है। अब इस जांच का अध्ययन किया जाएगा।
- गजल भारद्वाज, उपजिलाधिकारी सदर
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जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं से पैसे मांगने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसा ही एक प्रकरण तीन माह पहले आठ सितंबर को उजागर हुुआ था, तब शहर कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला पिसनारी निवासी दिव्यांग प्रसूता माया को प्रसव पीड़ा होने पर रात्रि में लगभग आठ बजे जिला महिला चिकित्सालय लाया गया था। जहां ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया। हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई थी। इस पर मृतका की सास व पति ने चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। मृतका की सास गिरजा ने आरोप लगाते हुए बताया था कि वार्ड में शिफ्ट होने के काफी देर बाद तैनात स्टाफ ने ड्रिप लगाई थी। ड्रिप धीमी होने की सूचना देने पर दुत्कार कर भगा दिया गया था। इसी दौरान सांसें रुकने लगीं थी, जिस पर प्रसूता को रेफर के लिए कह दिया और जब वह बाहर से फोन कर वापस आई तो बहू अपने पलंग पर नहीं थी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बहू का शव मिल सका था। मृतका के पति प्रताप ने आरोप लगाते हुए बताया था कि ऑपरेशन से प्रसव होने के एवज में दस हजार रुपयों की मांग की थी। आठ हजार रुपए की व्यवस्था कर दी थी। प्रसव होने के बाद बताया कि पत्नी का इलाज चल रहा है। बाद में बताया कि मौत हो चुकी है। इसके बाद शव को छिपा दिया था।
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जिलाधिकारी ने प्रसव के एवज में पैसे लेने व प्रसव के बाद लापरवाही बरतने से प्रसूता के मौत होने के मामले की मजिस्ट्रीयल जांच बैठा दी थी। उपजिलाधिकारी सदर ने जांच पूरी होने पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी थी, लेकिन जिलाधिकारी जांच से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने जांच सदर उपजिलाधिकारी को लौटा दी है। अब जांच नये सिरे से होने की संभावना है।
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जिला महिला अस्पताल में दिव्यांग प्रसूता की मौत होने के मामले की जांच जिलाधिकारी को भेजी गई थी, जो वापस आ गई है। अब इस जांच का अध्ययन किया जाएगा।
- गजल भारद्वाज, उपजिलाधिकारी सदर