फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Diwali: The potter's wheel caught the pace

दीपावली: कुम्हारों के चाक ने पकड़ी रफ्तार

Mon, 24 Oct 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 24 Oct 2016 12:20 AM IST
विज्ञापन
 Diwali: The potter's wheel caught the pace
diya, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
ललितपुर। दीपावली आते ही कुम्हारों के चाकों ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन उनकी भी आस इस बार बाजार में बिकने वाले चाइनीज दीयों के बहिष्कार पर टिकी हुई है। देश भर में इस बार मेड इन चाइना के विरोध की लहर है। ऐसे में उन्हें इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
विज्ञापन


विगत कुछ वर्षों से भारतीय बाजार में चाइना में निर्मित उत्पादों की डिमांउ काफी अधिक बड़ी है, इसका सीधा असर भारतीय परम्परागत उद्योगों पर पड़ा है। चायनीज सस्ते उत्पादों ने कुछ वर्षों से देशी दीयों की बिक्री पर खासा असर डाला है। कुम्हारों का आलम यह है कि वह त्यौहार पर अपनी मजदूरी के दाम भी नहीं निकाल पाते हैं। करीब सात-आठ वर्षों से दीपकों के दाम भी स्थाई होकर रह गए हैं, जबकि महंगाई दिन व दिन बढ़ती ही जा रही है। शहर में करीब दो दर्जन परिवार मिट्टी के दीपक बनाने का काम करते हैं, कई लोगों ने तो महंगाई की मार के कारण अपने चाकों को बंद कर दिया है। 
विज्ञापन


वर्तमान में जो कुम्हार बिना मुनाफे के ही हर वर्ष दीए बनाकर बाजार में बेच रहे हैं, उनके लिए यह दीपावली आस लेकर आई है। क्योंकि चाइनीज उपकरणों के बहिष्कार को लेकर सोशल मीडिया पर लहर चल रही है, इस क्रांति से चीन के बाजार पर बुरा असर पड़ा है। जबकि, लेकिन इससे भारत के देशी हस्त कलाकारों व कारीगरों में व्यापार में मुनाफा की आस एक बार फिर जाग गई है। कुम्हारों की पूरी आस शहर के बड़े व्यापारियों पर टिकी हुई है, जो चायनीज दियों का व्यापार करते हैं व बाजारों में उतारते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कड़ी मेहनत के बाद भी मुनाफा नहीं      
मुहल्ला नदीपुरा में रहने वाले जानकी प्रसाद प्रजापति लगभग 30 वर्षों से देशी चाक पर मिट्टी के दीपक, ग्वालन व अन्य मिट्टी के उपकरण बना रहे हैं। वह बताते हैं कि नदी-तालाबों के किनारे से चिकनी मिट्टी लाने के बाद उसको घंटों तक कूटा जाता है और फिर करीब पांच घंटे तक मिट्टी को गलाते हैं और इसके बाद मिट्टी को अच्चे से कूंचते हैं। इसके बाद मिट्टी में से बारीक कणों तक को निकाला जाता है, इसके बाद चाक पर दीपक तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इन्हें पकाया जाता है, जब जाकर पूरे एक दिन की मेहनत के बाद दीपक तैयार होते हैं। विगत सात-आठ वर्षों में महंगाई आसमान छूने लगी है, लेकिन दीपकों के दाम दस रुपये में सोलह दीपक सीमित होकर रह गए हैं। दामों में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण मेहनत के भी दाम नहीं निकल पाते हैं।   

व्यापारियों पर टिकी है आस      
विजय कुम्हार बताते हैं कि वह विगत 10 वर्षों से दीपक बना रहे हैं। उनका कहना है कि देश भर में भले ही चायनीज उपकरणों का बहिष्कार चल रहा हो, लेकिन उनका फायदा तो तभी होता जब शहर में भी चायनीज दीपकों का बहिष्कार हो। यह तभी हो सकता है जब स्थानीय व्यापारी ही चायनीज दीपकों का बहिष्कार कर दें और बाजारों में उन्हें न उतारें।      

आज जलेगी चाइनीज सामानों की होली      
दीपावली त्योहार के अवसर पर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल सोमवार को चाइनीज सामानों की होली जलाएगा और लोगों को इस दीपावली पर चाइनीज सामानों के बहिष्कार करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस संबंध में संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक सुभाषपुरा स्थित संगठन कार्यालय पर आयोजित की गई है। इस दौरान बैठक की अध्यक्षता कर रहे संयोजक सुमित अग्रवाल ने बताया कि हम व्यापारियों को देशहित में आतंकवादी देश पाकिस्तान के समर्थक चीन के सामान की खरीदी व बिक्री बंद करना चाहिए। इससे चीन की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।


बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सोमवार को सुबह 11 बजे स्थानीय सुपर मार्केट में देशहित में चीन के विरोध में चाइनीज सामानों की होली जलाई जाएगी। वहीं, व्यापारियों व लोगों को चाइनीज सामानों का बहिष्कार करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। बैठक में करीम राईन पप्पू, दीपक जैन, कैलाश प्रजापति, मोहित जैन, चरणसिंह, रामगोपाल, मूलचंद्र, नरेद्र तिवारी, डा. प्रबल सक्सेना, पवन कुशवाहा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed