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ईश्वरीय साधना का आधार हैं ध्यान व यज्ञ
ललितपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2015 12:45 AM IST
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ललितपुर। श्री मुरलीधर महाराज मंदिर रावरपुरा में इस्कान मंदिर झांसी के महात्मा बृजभूमि दास ने कहा कि ध्यान, यज्ञ और पूजन वर्तमान कलियुग में ईश्वरीय साधना का आधार है।
सबसे पहले भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन शोभायात्रा निकाली। इसमें हरेराम, हरे कृष्णा और हरिनाम के भजन प्राचीन वाद्य यंत्र, मृदंग, करताल आदि से नगर गुुंजायमान हो उठा। यात्रा कटरा बाजार, घंटाघर और महावीर पुरा से होती हुई वापस मुरलीधर मंदिर पहुंची, जहां भक्तों द्वारा विधिविधान के साथ आरती की गई।
कथा सुनाते हुए बृजभूमि दास महाराज ने कहा कि भगवत गीता ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन जीने का सरल सार और जीवन को ईश्वरीय साधना के अनुरूप भगवान के स्मरण का उल्लेख है। सुबह संकीर्तन और महामंत्र का जाप, प्रवचन एवं प्रभु आरती के बाद गीता प्रवचन एवं प्रसादी वितरण किया गया। क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कैलाश नारायण ड्योडिय़ा, नर्मदा प्रसाद जड़िया, अजय कुमार ड्योड़िया, अशोक कुमार, बृजेश कुमार, चंद्रविनोद हुंडैत, चंद्रशेखर, संतोष, राजू, कमल, ओमप्रकाश, दिनेश मुखिया, कैलाश, कल्लू, बृजेश, रामरतन, रज्जू जड़िया, सोनू राठौर, भगवत साहू, बद्री, केदार हुंडैत, राजकुमार राठौर, जगदीश नामदेव, कमलेश श्रीवास्तव, चंदू रावत आदि मौजूद रहे।
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सबसे पहले भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन शोभायात्रा निकाली। इसमें हरेराम, हरे कृष्णा और हरिनाम के भजन प्राचीन वाद्य यंत्र, मृदंग, करताल आदि से नगर गुुंजायमान हो उठा। यात्रा कटरा बाजार, घंटाघर और महावीर पुरा से होती हुई वापस मुरलीधर मंदिर पहुंची, जहां भक्तों द्वारा विधिविधान के साथ आरती की गई।
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कथा सुनाते हुए बृजभूमि दास महाराज ने कहा कि भगवत गीता ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन जीने का सरल सार और जीवन को ईश्वरीय साधना के अनुरूप भगवान के स्मरण का उल्लेख है। सुबह संकीर्तन और महामंत्र का जाप, प्रवचन एवं प्रभु आरती के बाद गीता प्रवचन एवं प्रसादी वितरण किया गया। क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कैलाश नारायण ड्योडिय़ा, नर्मदा प्रसाद जड़िया, अजय कुमार ड्योड़िया, अशोक कुमार, बृजेश कुमार, चंद्रविनोद हुंडैत, चंद्रशेखर, संतोष, राजू, कमल, ओमप्रकाश, दिनेश मुखिया, कैलाश, कल्लू, बृजेश, रामरतन, रज्जू जड़िया, सोनू राठौर, भगवत साहू, बद्री, केदार हुंडैत, राजकुमार राठौर, जगदीश नामदेव, कमलेश श्रीवास्तव, चंदू रावत आदि मौजूद रहे।
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