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जिला पंचायत : राज्यमंत्री की मौजूदगी की अनदेखी कर बोर्ड बैठक में गैरहाजिर रहे 36 अधिकारी
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- लगातार तीसरी बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारी, सदस्यों ने पारित किया निंदा प्रस्ताव, मनरेगा मजदूरों का बजट नहीं हो सका पास, जिला पंचायत ने अपने बजट का किया अनुमोदन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में राज्यमंत्री सहित सदर विधायक की मौजूदगी के बावजूद 36 अधिकारी गैरहाजिर रहे। सदस्यों ने इन अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। बैठक में केवल तीन अधिकारी ही उपस्थित रहे। हैरत की बात तो यह है कि बैठक में सिंचाई विभाग के स्टेनो आए। इस पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारियों की अनदेखी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारी बैठक से लगातार तीसरी बार गैरहाजिर रहे थे।
जिला पंचायत की बोर्ड के अधीन 39 विभाग आते हैं। इनमें बृहस्पतिवार को हुई बोर्ड बैठक में उपकृषि निदेशक प्रसार बसंत कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल व उपायुक्त मनरेगा रविंद्रवीर के अलावा अन्य कोई विभागीय अधिकारी शामिल नहीं हुआ। इससे जिला पंचायत सदस्य भड़क गए और मनरेगा मजदूरों का बजट नहीं पास हो सका। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन, राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, ब्रजेंद्र सिंह, बेनीबाई, सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, भवानी, अमर सिंह, धनंजय सिंह, वीर सिंह बुंदेला, प्रेमबाई, जनक, राजकुमार खटीक, आशीष रावत, नरेंद्र झा, लीलाधर दुबे आदि मौजूद रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने किया।
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ये रहे अनुपस्थित
बैठक में अनुपस्थित विभागाध्यक्षों में परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, परियोजना अधिकारी नेडा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला खादी व ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहायक निदेशक मत्यस्य, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी। जिला विकास अधिकारी, जिला विकलांग अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, अधिशाषी अभियंता जल संस्थान, सिंचाई निर्माण विभाग के तीनों खंडों की अभियंता, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी शामिल रहे।
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फोटो-18
एक पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि रहे बैठक में मौजूद
बैठक में जिला पंचायत सदस्य कृष्णा कुमारी की जगह उनके पति मानसिंह मौजूद रहे। 21 में से छह सदस्य अनुपस्थित रहे। बैठक में राज्यमंत्री व सदर विधायक दोनों स्वयं मौजूद रहे। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि का मौजूद होना चर्चा का विषय बना रहा।
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28 करोड़ का अनुमानित बजट पास
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जिला पंचायत ने 28.32 करोड़ रुपये का अनुमानित आय का बजट पास किया है। इसमें निजी श्रोतों से आय, शासन से अनुदान व कांजी हाउसों से आय शामिल हैं। इसके सापेक्ष विकास कार्यों व वेतन में 27 करोड़ 67 लाख खर्च करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ 45 लाख अनुमानित आय का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। साथ ही 24 करोड़ 73 लाख रुपये का व्यय आंका गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में राज्यमंत्री सहित सदर विधायक की मौजूदगी के बावजूद 36 अधिकारी गैरहाजिर रहे। सदस्यों ने इन अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। बैठक में केवल तीन अधिकारी ही उपस्थित रहे। हैरत की बात तो यह है कि बैठक में सिंचाई विभाग के स्टेनो आए। इस पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारियों की अनदेखी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारी बैठक से लगातार तीसरी बार गैरहाजिर रहे थे।
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जिला पंचायत की बोर्ड के अधीन 39 विभाग आते हैं। इनमें बृहस्पतिवार को हुई बोर्ड बैठक में उपकृषि निदेशक प्रसार बसंत कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल व उपायुक्त मनरेगा रविंद्रवीर के अलावा अन्य कोई विभागीय अधिकारी शामिल नहीं हुआ। इससे जिला पंचायत सदस्य भड़क गए और मनरेगा मजदूरों का बजट नहीं पास हो सका। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन, राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, ब्रजेंद्र सिंह, बेनीबाई, सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, भवानी, अमर सिंह, धनंजय सिंह, वीर सिंह बुंदेला, प्रेमबाई, जनक, राजकुमार खटीक, आशीष रावत, नरेंद्र झा, लीलाधर दुबे आदि मौजूद रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने किया।
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ये रहे अनुपस्थित
बैठक में अनुपस्थित विभागाध्यक्षों में परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, परियोजना अधिकारी नेडा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला खादी व ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहायक निदेशक मत्यस्य, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी। जिला विकास अधिकारी, जिला विकलांग अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, अधिशाषी अभियंता जल संस्थान, सिंचाई निर्माण विभाग के तीनों खंडों की अभियंता, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी शामिल रहे।
फोटो-18
एक पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि रहे बैठक में मौजूद
बैठक में जिला पंचायत सदस्य कृष्णा कुमारी की जगह उनके पति मानसिंह मौजूद रहे। 21 में से छह सदस्य अनुपस्थित रहे। बैठक में राज्यमंत्री व सदर विधायक दोनों स्वयं मौजूद रहे। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि का मौजूद होना चर्चा का विषय बना रहा।
28 करोड़ का अनुमानित बजट पास
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जिला पंचायत ने 28.32 करोड़ रुपये का अनुमानित आय का बजट पास किया है। इसमें निजी श्रोतों से आय, शासन से अनुदान व कांजी हाउसों से आय शामिल हैं। इसके सापेक्ष विकास कार्यों व वेतन में 27 करोड़ 67 लाख खर्च करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ 45 लाख अनुमानित आय का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। साथ ही 24 करोड़ 73 लाख रुपये का व्यय आंका गया है।