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जिला अस्पताल : इमरजेंसी में 24 घंटे लगेंगे एंटी रेबीज इंजेक्शन
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ललितपुर। जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने वाले मरीजों को सुविधाएं बढ़ गईं हैं, उन्हें एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए कतार व दस ओपीडी खुलने का इंतजार नहीं करना होगा। इमरजेंसी में 24 घंटे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवा सकेंगे। यह सुविधा प्राचार्य डॉ. डीनाथ ने शुरू कर दी है। इसके अन्य डोज भी इमरजेंसी वार्ड में पीछे वाले कक्ष में लगाए जाएंगे।
जिला अस्पताल में अब तक कुत्ते के काटने पर व्यक्ति को एंटी रेबीज का डोज लगवाने के लिए ओपीडी खुलने का इंतजार करना पड़ता था। यदि रविवार या अन्य अवकाश का दिन है तो अस्पताल खुलने तक रुकना पड़ता था। अस्पताल खुलने के बाद पर्चा बनवाकर एंटी रेबीज डोज लगने वाले कक्ष में बैठना पड़ता था। ऐसे में मरीजों को रेबीज के संक्रमण फैलने का खतरा रहता था।
लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। प्राचार्य ने एंटी रेबीज कक्ष को अस्पताल के मुख्य भवन से हटाकर इमरजेंसी वार्ड में स्थापित करवा दिया है। साथ ही पहला डोज 24 घंटे लगाने की सुविधा शुरू कर दी है। अब व्यक्ति को पहला डोज इमरजेंसी में जाकर 24 घंटे लगवा सकेंगे। इसके लिए पर्चा भी नहीं बनवाना होगा। इसके बाद दूसरा डोज इमरजेंसी के अंदर के कक्ष में ओपीडी समय में लगाया जाएगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 50 नए मरीज एंटी रेबीज डोज लगवाने आते हैं।
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यह है प्रतिदिन एंटी रेबीज लगने वाले मरीजों की संख्या
इकाई का नाम - संख्या
जिला अस्पताल - 50
सीएसी तालबेहट - 12
सीएचसी महरौनी - 10
सीएचसी बार - 09
सीएचसी बिरधा - 08
जखौरा - 07
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पहले डोज के बाद इस तरह लगती वैक्सीन एंटी रेबीज
पहले डोज के बाद दूसरा डोज - 03 वें दिन
तीसरा डोज - 07 वें दिन
चौथा डोज - 14 वें दिन
पांचवा डोज - 28 वें दिन
जिला अस्पताल परिसर के मुख्य भवन से हटाकर इमरजेंसी वार्ड के कक्ष में एंटी रेबीज डोज लगाए जाएंगे। पहला डोज इमरजेंसी में 24 घंटे लगाया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्रचार्य, स्वाशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय
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जिला अस्पताल में अब तक कुत्ते के काटने पर व्यक्ति को एंटी रेबीज का डोज लगवाने के लिए ओपीडी खुलने का इंतजार करना पड़ता था। यदि रविवार या अन्य अवकाश का दिन है तो अस्पताल खुलने तक रुकना पड़ता था। अस्पताल खुलने के बाद पर्चा बनवाकर एंटी रेबीज डोज लगने वाले कक्ष में बैठना पड़ता था। ऐसे में मरीजों को रेबीज के संक्रमण फैलने का खतरा रहता था।
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लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। प्राचार्य ने एंटी रेबीज कक्ष को अस्पताल के मुख्य भवन से हटाकर इमरजेंसी वार्ड में स्थापित करवा दिया है। साथ ही पहला डोज 24 घंटे लगाने की सुविधा शुरू कर दी है। अब व्यक्ति को पहला डोज इमरजेंसी में जाकर 24 घंटे लगवा सकेंगे। इसके लिए पर्चा भी नहीं बनवाना होगा। इसके बाद दूसरा डोज इमरजेंसी के अंदर के कक्ष में ओपीडी समय में लगाया जाएगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 50 नए मरीज एंटी रेबीज डोज लगवाने आते हैं।
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यह है प्रतिदिन एंटी रेबीज लगने वाले मरीजों की संख्या
इकाई का नाम - संख्या
जिला अस्पताल - 50
सीएसी तालबेहट - 12
सीएचसी महरौनी - 10
सीएचसी बार - 09
सीएचसी बिरधा - 08
जखौरा - 07
पहले डोज के बाद इस तरह लगती वैक्सीन एंटी रेबीज
पहले डोज के बाद दूसरा डोज - 03 वें दिन
तीसरा डोज - 07 वें दिन
चौथा डोज - 14 वें दिन
पांचवा डोज - 28 वें दिन
जिला अस्पताल परिसर के मुख्य भवन से हटाकर इमरजेंसी वार्ड के कक्ष में एंटी रेबीज डोज लगाए जाएंगे। पहला डोज इमरजेंसी में 24 घंटे लगाया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्रचार्य, स्वाशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय