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Lalitpur News: पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए उमड़े श्रद्धालु
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ललितपुर। सावन के दूसरे दिन शनिवार को भी विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। चंडीधाम और रामराजा मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
श्रीसिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण व श्री रुद्रमहायज्ञ आयोजन में शनिवार को श्रद्धालुओं ने पांच लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। प्रातःकालीन बेला में श्रीरुद्रमहायज्ञ में पीठ पूजन किया गया। दोपहर के समय पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक आचार्य द्वारा कराया गया। तत्पश्चात अनंतविभूषित चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि शिव नाम और गुणों की महिमा अनंत, अपार है। सरल शब्दों में समझें तो शिव ऐसे अव्यक्त, अनंत स्वरूप देवता हैं, उनके गुण व शक्तियों की गिनती साधारण इंसान के लिए संभव नहीं। शास्त्रों में लिखी एक बात शिव के गुणातीत स्वरूप को उजागर भी करती है, जिसके मुताबिक अगर पर्वत जितना काजल लेकर उसे समुद्र जैसी दवात में भरकर कल्पवृक्ष रूपी कलम से पृथ्वी रूपी कागज पर स्वयं ज्ञान की देवी सरस्वती शिव के गुणों को लिखना शुरू करें तो शिव के गुण व शक्तियों का वर्णन खत्म नहीं होगा।
भगवान शिव के ऐसे ही गुण व शक्तियों से जुड़ा है एक नाम, जिसे खासतौर पर सावन में हर शिव भक्त की कंठ में बसता है। यह नाम है हर। खासतौर पर हर-हर महादेव का जयकारा हर शिव भक्त बोलता है। शिव नाम की दिव्य शक्ति से ही शिव अन्य देवों से सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं और वह महादेव भी पुकारे जाते हैं। शिवभक्तों द्वारा भी पापनाश और शिव की प्रसन्नता के लिए ही हर-हर महादेव का जयकारा लगाया जाता है।
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वहीं, रामराजा मंदिर में भी असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण चल रहे हैं, जिसकी शुरुआत सावन माह के पहले दिन शुक्रवार को की गई। शनिवार को दूसरे दिन भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पार्थिव शिवलिंग निर्माण बनाना शुरू किया, जो शाम पांच बजे तक किया गया। इसके बनाए गए पार्थिव शिवलिंग का विधि विधान के साथ पूजन अर्चन और आरती का आयोजन किया गया। फिर पार्थिव शिवलिंग विसर्जन के लिए ले जाए गए। शनिवार को वृंदावन से भी संत पधारे, जिन्होंने पार्थिव शिवलिंग निर्माण में मंत्रोच्चार किया।
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श्रीसिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण व श्री रुद्रमहायज्ञ आयोजन में शनिवार को श्रद्धालुओं ने पांच लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। प्रातःकालीन बेला में श्रीरुद्रमहायज्ञ में पीठ पूजन किया गया। दोपहर के समय पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक आचार्य द्वारा कराया गया। तत्पश्चात अनंतविभूषित चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि शिव नाम और गुणों की महिमा अनंत, अपार है। सरल शब्दों में समझें तो शिव ऐसे अव्यक्त, अनंत स्वरूप देवता हैं, उनके गुण व शक्तियों की गिनती साधारण इंसान के लिए संभव नहीं। शास्त्रों में लिखी एक बात शिव के गुणातीत स्वरूप को उजागर भी करती है, जिसके मुताबिक अगर पर्वत जितना काजल लेकर उसे समुद्र जैसी दवात में भरकर कल्पवृक्ष रूपी कलम से पृथ्वी रूपी कागज पर स्वयं ज्ञान की देवी सरस्वती शिव के गुणों को लिखना शुरू करें तो शिव के गुण व शक्तियों का वर्णन खत्म नहीं होगा।
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भगवान शिव के ऐसे ही गुण व शक्तियों से जुड़ा है एक नाम, जिसे खासतौर पर सावन में हर शिव भक्त की कंठ में बसता है। यह नाम है हर। खासतौर पर हर-हर महादेव का जयकारा हर शिव भक्त बोलता है। शिव नाम की दिव्य शक्ति से ही शिव अन्य देवों से सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं और वह महादेव भी पुकारे जाते हैं। शिवभक्तों द्वारा भी पापनाश और शिव की प्रसन्नता के लिए ही हर-हर महादेव का जयकारा लगाया जाता है।
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वहीं, रामराजा मंदिर में भी असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण चल रहे हैं, जिसकी शुरुआत सावन माह के पहले दिन शुक्रवार को की गई। शनिवार को दूसरे दिन भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पार्थिव शिवलिंग निर्माण बनाना शुरू किया, जो शाम पांच बजे तक किया गया। इसके बनाए गए पार्थिव शिवलिंग का विधि विधान के साथ पूजन अर्चन और आरती का आयोजन किया गया। फिर पार्थिव शिवलिंग विसर्जन के लिए ले जाए गए। शनिवार को वृंदावन से भी संत पधारे, जिन्होंने पार्थिव शिवलिंग निर्माण में मंत्रोच्चार किया।