{"_id":"682e299aae93f1c19200e090","slug":"destitute-children-will-be-given-a-new-identity-through-saathi-abhiyan-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-135538-2025-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: साथी अभियान से निराश्रित बच्चों को दिलाई जाएगी नई पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: साथी अभियान से निराश्रित बच्चों को दिलाई जाएगी नई पहचान
विज्ञापन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया कमेटी का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब निराश्रित बच्चों को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराकर उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला साथी कमेटी का गठन किया है। इसमें एक समन्वयक, 12 अधिकारी सदस्य, पैनल अधिवक्ता और पैरालीगल वालंटियर्स को शामिल किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निराश्रित बच्चों को पहचान दिलाने के लिए साथी (सर्वे फॉर आधार एंड एक्सेस टू ट्रेकिंग एंड हाेलिस्टिक इनक्लूजन) अभियान के तहत साथी कमेटी का गठन किया गया है। इस अभियान के तहत निराश्रित बच्चों की पहचान, आधार नामांकन, विधिक सहायता और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी कानूनी पहचान एवं अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
इसमें पहले निराश्रित बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, इसके बाद उन बच्चों को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें पहचान दिलाई जाएगी। इस कमेटी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव समन्वयक होंगे, जबकि जिला बाल संरक्षण अधिकारी, यूआईडीएआई प्रतिनिधि यानि सभी पांचों तहसीलों के तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक को शामिल किया गया है। इसके अलावा अनाथालयों, बाल देखभाल संस्थानों के पांच प्रतिनिधि जिला प्रोबेशन अधिकारी, राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व प्रभारी परियोजना समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन और पैनल अधिवक्ताओं में पुष्पेंद्र सिंह चौहान, निधि सहरिया, शशिकांत आकाश एवं पैरालीगल वालंटियर में रीना परमार, मुकेश कुमार, गनेशराम रजक व राजेश कुमार राठौर को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
यह होंगे कमेटी के कर्तव्य
साथी अभियान के दस्तावेजों का सभी संबंधित हितधारकों, जिला प्रशासन, स्कूल, अस्पताल, एनजीओ तक मीडिया के माध्यम से प्रसार करना, निराश्रित बच्चों की पहचान एवं सर्वेक्षण के लिए पराविधिक स्वयं सेवक, कॉलेज छात्र, आशा, आंगनबाड़ी, गैर सरकारी संगठनों की सहायता ली जा सकेगी। निराश्रित बच्चों के लिए लिखित अभिलेख, पहचान पत्र जारी करने में आने वाली कठिनाइयां पहचान करना, साथी कमेटी संबंधित विभागों से नियोजन कर निराश्रित बच्चों की जन्मतिथि प्राप्त करने संबंधी कार्य करने होंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब निराश्रित बच्चों को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराकर उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला साथी कमेटी का गठन किया है। इसमें एक समन्वयक, 12 अधिकारी सदस्य, पैनल अधिवक्ता और पैरालीगल वालंटियर्स को शामिल किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निराश्रित बच्चों को पहचान दिलाने के लिए साथी (सर्वे फॉर आधार एंड एक्सेस टू ट्रेकिंग एंड हाेलिस्टिक इनक्लूजन) अभियान के तहत साथी कमेटी का गठन किया गया है। इस अभियान के तहत निराश्रित बच्चों की पहचान, आधार नामांकन, विधिक सहायता और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी कानूनी पहचान एवं अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
विज्ञापन
इसमें पहले निराश्रित बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, इसके बाद उन बच्चों को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें पहचान दिलाई जाएगी। इस कमेटी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव समन्वयक होंगे, जबकि जिला बाल संरक्षण अधिकारी, यूआईडीएआई प्रतिनिधि यानि सभी पांचों तहसीलों के तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक को शामिल किया गया है। इसके अलावा अनाथालयों, बाल देखभाल संस्थानों के पांच प्रतिनिधि जिला प्रोबेशन अधिकारी, राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व प्रभारी परियोजना समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन और पैनल अधिवक्ताओं में पुष्पेंद्र सिंह चौहान, निधि सहरिया, शशिकांत आकाश एवं पैरालीगल वालंटियर में रीना परमार, मुकेश कुमार, गनेशराम रजक व राजेश कुमार राठौर को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
यह होंगे कमेटी के कर्तव्य
साथी अभियान के दस्तावेजों का सभी संबंधित हितधारकों, जिला प्रशासन, स्कूल, अस्पताल, एनजीओ तक मीडिया के माध्यम से प्रसार करना, निराश्रित बच्चों की पहचान एवं सर्वेक्षण के लिए पराविधिक स्वयं सेवक, कॉलेज छात्र, आशा, आंगनबाड़ी, गैर सरकारी संगठनों की सहायता ली जा सकेगी। निराश्रित बच्चों के लिए लिखित अभिलेख, पहचान पत्र जारी करने में आने वाली कठिनाइयां पहचान करना, साथी कमेटी संबंधित विभागों से नियोजन कर निराश्रित बच्चों की जन्मतिथि प्राप्त करने संबंधी कार्य करने होंगे।