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स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू पर पाया काबू, सभी मरीज हुए डिस्चार्ज
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ललितपुर। जनपद में डेंगू को लेकर राहत बनी हुई है। अब डेंगूू के सभी मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। 16 में एक मरीज की मौत हो चुकी, जो लंबे समय से श्वास की बीमारी जूझ रहा था। अब एक भी मरीज एक्टिव नहीं है। जांच में लार्वा मिलने पर विभाग ने 79 लोगों को नोटिस जारी किए हैं।
तीन सप्ताह पहले डेंगू के दस्तक देते ही कहर अधिक हो गया था। मरीजों की संख्या लगातार बढ़कर 16 पहुंच गई थी। बढ़ती संख्या को नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने तमाम जरूरी उपाय किए। इनमें पायरेथ्रम दो प्रतिशत का छिड़काव 386 घरों में किया गया। साथ ही अब तक अभियान चलाकर 7011 व्यक्तियों के घरों पर जांच की गई। जांच के दौरान 164 जगहों पर पॉजिटिव लार्वा पाया गया, जिसे नष्ट करने के लिए कराया गया। विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से अब एक भी डेंगू का मरीज नहीं है। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पहले मिले डेंगू के 15 मरीजों में सभी दवा लेकर ठीक हो गए हैं। एक वृद्घ व्यक्ति जो श्वास की बीमारी से ग्रसित था, उसकी मौत हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह ने बताया की नालियों में लार्वासाइट का स्प्रे कराया जा रहा है। मोहल्ला नेहरू नगर, एआरटीओ कार्यालय के पीछे व सरकारी कार्यालय परिसरों में दवा का छिड़काव किया गया।
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79 व्यक्तियों को जारी किए गए नोटिस
वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जलभराव व घरों में भी डेंगू के लार्वा खोजने का अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मलेरिया विभाग द्वारा मोहल्लों में घर-घर में कूलर, छत पर रखे बर्तन, पुराने टायर, गमला आदि में डेंगू के लार्वा की जांच की। इस दौरान अब तक लार्वा पाए जाने पर 79 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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दिन में काटते हैं डेंगू मच्छर
डेंगू मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। गड्ढे, नाली, कूलर, पुराने टायर, बोतल, डिब्बा आदि में रहते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। घर के अंदर मच्छर से बचाव के लिए खिड़कियों व दरवाजों में जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
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यह हैं डेंगू के लक्षण।
- तेज बुखार आना।
- खांसी आना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- मुंह, होंठ और जीभ का सूखना।
- सुस्ती, कमजोरी और चिड़चिड़ापन होना।
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तीन सप्ताह पहले डेंगू के दस्तक देते ही कहर अधिक हो गया था। मरीजों की संख्या लगातार बढ़कर 16 पहुंच गई थी। बढ़ती संख्या को नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने तमाम जरूरी उपाय किए। इनमें पायरेथ्रम दो प्रतिशत का छिड़काव 386 घरों में किया गया। साथ ही अब तक अभियान चलाकर 7011 व्यक्तियों के घरों पर जांच की गई। जांच के दौरान 164 जगहों पर पॉजिटिव लार्वा पाया गया, जिसे नष्ट करने के लिए कराया गया। विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से अब एक भी डेंगू का मरीज नहीं है। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पहले मिले डेंगू के 15 मरीजों में सभी दवा लेकर ठीक हो गए हैं। एक वृद्घ व्यक्ति जो श्वास की बीमारी से ग्रसित था, उसकी मौत हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह ने बताया की नालियों में लार्वासाइट का स्प्रे कराया जा रहा है। मोहल्ला नेहरू नगर, एआरटीओ कार्यालय के पीछे व सरकारी कार्यालय परिसरों में दवा का छिड़काव किया गया।
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79 व्यक्तियों को जारी किए गए नोटिस
वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जलभराव व घरों में भी डेंगू के लार्वा खोजने का अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मलेरिया विभाग द्वारा मोहल्लों में घर-घर में कूलर, छत पर रखे बर्तन, पुराने टायर, गमला आदि में डेंगू के लार्वा की जांच की। इस दौरान अब तक लार्वा पाए जाने पर 79 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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दिन में काटते हैं डेंगू मच्छर
डेंगू मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। गड्ढे, नाली, कूलर, पुराने टायर, बोतल, डिब्बा आदि में रहते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। घर के अंदर मच्छर से बचाव के लिए खिड़कियों व दरवाजों में जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
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यह हैं डेंगू के लक्षण।
- तेज बुखार आना।
- खांसी आना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- मुंह, होंठ और जीभ का सूखना।
- सुस्ती, कमजोरी और चिड़चिड़ापन होना।