फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   demonetrization

नोटबंदी के 50 दिन हुए पूरे, हालात हुए सामान्य

Sat, 31 Dec 2016 01:59 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sat, 31 Dec 2016 01:59 AM IST
विज्ञापन
demonetrization
administration - फोटो : demo pic
ललितपुर। नोटबंदी हुए पूरे 50 दिन बीत गए हैं, वर्तमान में जिला मुख्यालय पर बैंकों और एटीएम में हालात सामान्य हो गए हैं। केवल दो हजार रुपये के नोट को खुल्ले कराने की समस्या बनी हुई है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लोगों को वर्तमान में भी बैंकों से लेन-देन करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


आठ नवंबर की शाम आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। रातोरात लोगों ने अपने पुराने नोटों वाली धनराशि को सोने व अन्य सामानों में खपाना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर में जब तक भारत सरकार ने बैंकों से पुराने नोट एक्सचेंज करने की सुविधा दे रखी थी, तब तक लोगों ने कई घंटों लाइन में खड़े रहकर इन दिनों अधिक से अधिक रुपये एक्सचेंज कराने की हर रोज मेहनत की। जब नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में नोट एक्सचेंज की सुविधा खत्म हो गई तो फिर इसके बाद अधिकतर लोगों ने अपने खातों में रुपये जमा कराने का काम शुरू किया। दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह तक स्थानीय बैंकों में लेन-देन करने वालों की भीड़ घटकर सामान्य हो गई थी। इस बीच जनता को बैंकों में चल रही कैश की कमी का सामना करना पड़ा। रिजर्व बैंक द्वारा स्थानीय बैंकों में करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई थी और एटीएम मशीनों में भी सौ रुपये के नोट के अलावा अन्य नोटों की निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया, हालातों में भी सुधार आता रहा। वर्तमान में जिला मुख्यालय पर तो हालात पूरी तरह सामान्य हो गए हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बैंकों में पर्याप्त करेंसी नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों को अभी भी बैंकों के बाहर सुबह से कतार लगाकर खड़ा होना पड़ रहा है।
विज्ञापन


खुल्ले की समस्या जारी
करेंसी की समस्या तो दूर हो गई है, लेकिन अब भी लोगों के बीच एक ही समस्या बनी है, वह है दो हजार रुपये के नोट को खुल्ला कराने की। बीते कुछ दिनों में शहर के कई बैंकों में आई पांच सौ रुपये की नई करेंसी लोगों को उपलब्ध तो कराई गई है, लेकिन जिन लोगों को पांच सौ रुपये की नई करेंसी मिली है, उन्होंने उसको दबा कर रख लिया है। इससे लोगों को दो हजार रुपये का नोट खुल्ला कराने के लिए अभी भी पसीना निकल रहा है। शहर में एक  दर्जन से अधिक बैंकों के एटीएम संचालित है, लेकिन अब तक किसी भी बैंक के एटीएम में पांच सौ रुपये का नोट नहीं पहुंचा है और लगभग सभी एटीएम मशीनों से  भी केवल दो हजार रुपये का ही नोट निकल रहा है। वर्तमान में लोगों का सबसे  ज्यादा समस्या खुल्ले रुपयों की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब तक नहीं हुई कोई गड़बड़ी उजागर
स्थानीय बैंकों में हुए पुराने नोटों के एक्सचेंज को लेकर अब तक कोई गड़बड़ी उजागर नहीं हुई है। इसके अलावा अभी तक जनपद का कोई भी बेईमान व्यापारी या भ्रष्ट अधिकारी आयकर विभाग के अधिकारियों की पकड़ में नहीं आया है। इससे दो स्थिति पैदा होता होती है, या तो जनपद में कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है या फिर खुफिया विभाग व आयकर विभाग के अधिकारियों का तंत्र कमजोर है। इस संबंध में मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक एके मित्तल का कहना है कि अभी तक उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है, जिसमें कोई गड़बड़ी या घोटाला उजागर हुआ हो। अभी तक किसी उच्चाधिकारी ने ना तो उनसे इस बीच बैंकों में हुए लेन-देन की जानकारी मांगी हैं और न ही कोई आयकर विभाग के अधिकारियों ने किसी बैंक अधिकारी को नोटिस जारी किए हैं।

खर्चों में हुए कमी
इस संबंध में स्थानीय मुहल्ला रावतयाना में रहने वाले शिक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि नोटबंदी का यह फैसला बहुत अच्छा है। कैश लेस योजना से खर्चों में कमी आ गई है, इससे रुपयों की बजट अधिक हो सकेगी। हर रोज बढ़ती महंगाई से भी जनता को निजाद मिल सकेगी।

रघुवीर सिंह, शिक्षक

समय के साथ सब सीख जाएगी जनता
मुहल्ला सिविल लाइन निवासी विकास दुबे कहते हैं कि जनता को डिजिटल पेमेंट व कैस लेस प्रणाली स्वीकार करने में शुरुआती दिक्कत आएगी। पूर्व में लोगों को एटीएम का उपयोग करना भी मुश्किल लगाता था, लेकिन अब हर तरह के लोगों के पास एटीएम हैं, जिनका वह उपयोग करते हैं। इसी तरह समय के साथ-साथ ऑन लाइन बैकिंग व डिजिटल पेमेंट के बारे में जनता सीख जाएगी।
विकास दुबे
सिविल लाइन निवासी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed