फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   dead body refered

शव को रेफर करने का आरोप, हंगामा

Fri, 08 Apr 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर Updated Fri, 08 Apr 2016 01:37 AM IST
विज्ञापन
dead body refered
अस्‍पताल - फोटो : amar ujala
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की दोपहर प्रसव के लिए भर्ती महिला को गंभीर बताकर महिला चिकित्सक ने उसे झांसी रेफर कर दिया। इस मामले में महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला की मौत आपरेशन के दौरान हुई है और लापरवाही छिपाने के लिए उसके शव को झांसी रेफर कर दिया। परिवारीजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम डा. रूपेश कुमार ने मजिस्ट्रीयल जांच करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


बार थाना क्षेत्र के ग्राम टौरिया निवासी सुनील कुमार पुरोहित की पत्नी अर्चना को जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की दोपहर लाया गया। अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने हालत गंभीर बताते हुए आपरेशन करने की बात कही। ऑपरेशन के बाद बताया गया कि बालक हुआ है। वहीं, सुनील ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से ही वहां उसे वहां का माहौल गड़बड़ लग रहा था। परिजनों ने चिकित्सक से पूछा तो उन्होंने बताया कि सब कुछ नॉर्मल है, बस खून की जरूरत है। पति को ब्लड बैंक भेज दिया गया। इसी बीच अस्पताल में प्रसूता को झांसी रेफर करने की तैयारी होने लगी। सरकारी एंबुलेंस के जरिये प्रसूता को झांसी रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन


रेफर करते समय महिला के परिजनों ने उसके मरने की आशंका जताई, इस पर चिकित्सक ने फटकार लगाते हुए झांसी ले जाने की बात कही। परिजन प्रसूता को लेकर झांसी रवाना हो गए। अस्पताल से पांच किमी जाने पर परिजनों ने उसकी जांच की । उनके अनुसार महिला की मौत हो चुकी थी। इस पर परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने महिला चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाए और हंगामा करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर रमेश चंद्र व एसडीएम पाली प्रियंका सिंह मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी की। एसडीएम ने परिजनों से बात करने के बाद जांच कमेटी बनाने का फैसला लिया है। वहीं, पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने मना कर दिया। जिलाधिकारी को जानकारी मिलने पर उन्होंने मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश दे दिए हैं।

बाक्स
विवादित है चिकित्सक
बृहस्पतिवार को जिस महिला चिकित्सक पर ऑपरेशन में लापरवाही व शव को रेफर करने के आरोप लगे हैं। वह महिला चिकित्सक लंबे समय से विवादों के घेरे में है। कई मामलों में लापरवाही के आरोप महिला चिकित्सक पर लगते रहे हैं, लेकिन हर बार जांच कमेटी बनाकर क्लीन चिट दे दी जाती है। अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं के परिजनों से वसूली के आरोप भी महिला चिकित्सक पर लगते रहे हैं। बृहस्पतिवार का प्रसव के दौरान हुई मौत के मामले में भी मृतका अर्चना के परिजनों ने बताया कि महिला चिकित्सक ने पांच हजार रुपये की मांग की थी, जो कि आपरेशन के बाद देने थे। लेकिन, मौत हो जाने के कारण पैसों की मांग नहीं की गई।

एंबुलेंस चालक को मिलते रहे निर्देश
जिला महिला अस्पताल से अर्चना को जिस सरकारी एंबुलेंस से रेफर किया गया, उसके चालक से महिला अस्पताल के कुछ चिकित्सक लगातार संपर्क में बने रहे। एंबुलेंस चालक ने महिला के मरने की जानकारी मोबाइल फोन पर दी, जिसके बाद चालक ने परिजनों पर शव को गांव ले जाने का दबाव बनाया। पति सुनील का आरोप है परिजनों के मना करने पर चालक ने तमाम तरह के भय दिखाते हुए जिला अस्पताल की बजाय गांव जाने का दबाव बनाया। इसके बाद उसने अपनी मोटरसाइकिल जिला अस्पताल से उठाने का बहाना बनाकर चालक को वापस चलने के लिए मनाया, तब जाकर एंबुलेंस वापस आई।

पूरा घटनाक्रम रहा संदिग्ध
महिला चिकित्सालय में प्रसूता की मौत के बाद हुए पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। प्रसूता को आपरेशन के लिए जिस ऑपरेशन थियेटर में भर्ती किया गया था, वहां से जिला अस्पताल का मुख्य दरवाजा नजदीक है, लेकिन इसके बावजूद महिला चिकित्सक ने अपने स्टाफ को एंबुलेंस को पिछले गेट पर लगाने को कहा। जिस एंबुलेंस से महिला को झांसी भेजा गया, उस एंबुलेंस का बहुत कम उपयोग होता है। परिजनों द्वारा प्रसूता की मौत की बात कहने पर महिला चिकित्सक ने ऑक्सीजन लगाकर पंप करते समय ही परिजनों को जांच करने दी। परिजनों ने बिना ऑक्सीजन के जांच करने की बात कहने पर उन्हें डांट दिया गया। एंबुलेंस चालक से लगातार मोबाइल पर संपर्क करना और शव को किसी तरह गांव ले जाने का निर्देश देना भी घटनाक्रम को संदिग्ध बना रहा है।


हर बार मिली क्लीन चिट
बृहस्पतिवार को जिला महिला चिकित्सालय की जिस महिला चिकित्सक पर शव को रेफर करने के आरोप लग रहे है। पुराने मामलों में महिला अस्पताल की सीएमएस की तरफ से महिला चिकित्सक को हर बार क्लीन चिट दे गई। बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर के सामने सीएमएस ने महिला चिकित्सक का पक्ष लेते हुए पूरे मामले को झूठा करार दिया। हालांकि, एसडीएम सदर के कड़े रुख के बाद उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही।

शव को रेफर करने का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच की जाएगी, आरोपों में सच्चाई पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- रमेश चंद्र, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed