{"_id":"617074961e194d77c22acfbc","slug":"dap-blackmarketing-border-sealed-dm-intruction-lalitpur-news-jhs2070713189","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएपी के अवैध आयात-निर्यात को जिले की सीमाओं को किया सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएपी के अवैध आयात-निर्यात को जिले की सीमाओं को किया सील
विज्ञापन
police new car.jpg
- फोटो : police new car.jpg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। जनपद में खाद की कालाबाजारी व पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में खाद ऊंचे दरों पर बेचने की शिकायतें मिलने के बाद जिला मजिस्ट्रेट अन्नावि दिनेश कुमार ने डीएपी के अवैध आयात-निर्यात को प्रतिबंधित करते हुए जिले की सीमाओं को सील करा दिया है। उन्होंने निर्धारित मूल्य से अधिक रेट पर डीएपी बेचने पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने कहा कि वितरक कृषकों को उर्वरकों की बिक्री करते समय जोत-बही/खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुतियों के अनुसार (एक एकड़ पर अधिकतम एक बोरी डीएपी व एक बोरी यूरिया) पीएस मशीन के माध्यम से बिक्री सुनिश्चित की जाएगी। उर्वरक विक्रेताओं द्वारा विक्रय रजिस्टर पर कृषक के विवरण के साथ उसकी जोत-वही/खतौनी पर बोयी जाने वाली फसल का विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। विक्रेता डीएपी का विक्रय निर्धारित दर पर करना सुनिश्चित कराया जाए और 1200 रुपये से अधिक पर विक्रय न किया जाए।
इसका सत्यापन मंडलायुक्त की टीम द्वारा कराया जाएगा। यदि कोई उर्वरक विक्रेता अधिक मूल्य पर विक्रय करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधनियम, 1955 के प्राविधान के अनुसार प्रभावी र्कावाई की जाएगी। उर्वरक विक्रय के लिए विक्रेता सुबह से सायं तक दुकानें खोलेंगे। इसके साथ ही बार्डर भी सील किए जाएंगे, जिससे अवैध रूप से उर्वरकों का अन्य राज्यों से आवागमन बंद हो सके। इसके लिए पुलिस अधीक्षक, ललितपुर को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया है कि जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है।
विज्ञापन
किसानों की समस्या निदान के लिए अधिकारियों के नंबर जारी
जिलाधिकारी ने किसानों की डीएपी संबंधी समस्या के निराकरण के लिए अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं। जिसके तहत मंडलायुक्त झांसी का नंबर 0510-2443313, अपर जिलाधिकारी ललितपुर का नंबर 9454417620, उप कृषि निदेशक का नंबर 7839882804 एवं जिला कृषि अधिकारी ललितपुर का नंबर 7839882805 है। इन नंबरों से संपर्क कर किसान डीएपी से संबंधित अपनी समस्या रख सकेंगे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने कहा कि वितरक कृषकों को उर्वरकों की बिक्री करते समय जोत-बही/खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुतियों के अनुसार (एक एकड़ पर अधिकतम एक बोरी डीएपी व एक बोरी यूरिया) पीएस मशीन के माध्यम से बिक्री सुनिश्चित की जाएगी। उर्वरक विक्रेताओं द्वारा विक्रय रजिस्टर पर कृषक के विवरण के साथ उसकी जोत-वही/खतौनी पर बोयी जाने वाली फसल का विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। विक्रेता डीएपी का विक्रय निर्धारित दर पर करना सुनिश्चित कराया जाए और 1200 रुपये से अधिक पर विक्रय न किया जाए।
विज्ञापन
इसका सत्यापन मंडलायुक्त की टीम द्वारा कराया जाएगा। यदि कोई उर्वरक विक्रेता अधिक मूल्य पर विक्रय करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधनियम, 1955 के प्राविधान के अनुसार प्रभावी र्कावाई की जाएगी। उर्वरक विक्रय के लिए विक्रेता सुबह से सायं तक दुकानें खोलेंगे। इसके साथ ही बार्डर भी सील किए जाएंगे, जिससे अवैध रूप से उर्वरकों का अन्य राज्यों से आवागमन बंद हो सके। इसके लिए पुलिस अधीक्षक, ललितपुर को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया है कि जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है।
विज्ञापन
किसानों की समस्या निदान के लिए अधिकारियों के नंबर जारी
जिलाधिकारी ने किसानों की डीएपी संबंधी समस्या के निराकरण के लिए अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं। जिसके तहत मंडलायुक्त झांसी का नंबर 0510-2443313, अपर जिलाधिकारी ललितपुर का नंबर 9454417620, उप कृषि निदेशक का नंबर 7839882804 एवं जिला कृषि अधिकारी ललितपुर का नंबर 7839882805 है। इन नंबरों से संपर्क कर किसान डीएपी से संबंधित अपनी समस्या रख सकेंगे।