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Lalitpur News: फसलों पर मंडरा रहा खतरा... आग बुझाने के नहीं इंतजाम

Sun, 23 Mar 2025 12:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Mar 2025 12:21 AM IST
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Danger looms over crops... no arrangements to extinguish the fire
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। गेहूं की फसलें पक कर तैयार हैं। कई जगह कटाई-मड़ाई चल रही है। इस बीच माचिस की जलती तीली या बीड़ी-सिगरेट पीकर इसे फेंकने या बिजली के जर्जर तारों के टकराने से निकलने वाली चिनगारी से फसलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसा बीते सालों में होता भी रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी अग्निशमन केंद्र न होने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर जाता है। आग लगने की सूचना पर जब तक जिला मुख्यालय से दमकल की गाड़ियां पहुंचती हैं, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका होता है। हालांकि, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने थाना और चौकी स्तर पर पानी से भरे टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश डीपीआरओ को दिए हैं।
इस समय दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तेज हवाएं भी चल रही हैं। ऐसे में खेतों में पक कर तैयार फसलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। कारण, खेतों के ऊपर से निकली हाईटेंशन तारों के आपस में टकराने पर चिंगारी फसल पर गिरती है, जिससे आग लगने में देर नहीं लगती। बीते सालों की घटनाओं से सबक लेते हुए विभाग ने पहले से तैयारी शुरू की है।
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जिला मुख्यालय के अलावा तहसील महरौनी और तालबेहट में भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां खड़ी करा दी गई हैं। अग्निकांड की सूचना पर ये गाड़ियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेंगी, लेकिन आग विकराल होने पर पानी की समस्या का जरूर सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन केंद्र न होने से पर्याप्त पानी भरने की व्यवस्था नहीं है।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि तालबेहट की गाड़ी आसपास के 20 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य करेगी। वहीं, महरौनी की गाड़ी तहसील महरौनी के साथ मड़ावरा में भी पहुंचेगी। इसी तरह पाली क्षेत्र में आग लगने की घटना पर जिला मुख्यालय से गाड़ी भेजी जाएगी।
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मड़ावरा में घटना हुई तो होगी दिक्कत
मड़ावरा। जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर मड़ावरा तहसील पर आग बुझाने का कोई साधन नहीं है। आपात स्थिति में जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी जाती हैं, लेकिन वहां पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लग जाता है। प्रशासन ने मड़ावरा में अग्निशमन केंद्र बनाने के लिए जमीन तो एक साल पहले ही चिह्नित कर ली थी, लेकिन बजट के अभाव में निर्माण अब तक लंबित है।
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अग्निकांड रोकने के लिए किया जा रहा जागरूक
अग्निशमन विभाग के कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्हें सहायता के लिए टोल फ्री नंबर के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही खेतों में खड़ी या रखी फसल को बिजली के तार व ट्रांसफार्मर से अलग रखने की सलाह दी जा रही है।
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जल संस्थान को किया अलर्ट
दमकल की गाड़ियों को आपात स्थिति में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए अग्निशमन विभाग ने जल संस्थान को पत्राचार कर अलर्ट किया है, जिससे पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

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ये है अग्निशमन विभाग में संसाधन
- छह पहिया दमकल वाहन - तीन
- चार पहिया दमकल वाहन - तीन
- दो पहिया दमकल वाहन - दो
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यह अधिकारी व सिपाही हैं तैनात
पदनाम - संख्या
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सीएफओ - 01
ड्राइवर - 04
लीडिंग फायरमैन- 03
सिपाही - 28
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वर्जन
आग लगने की घटनाएं रोकने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तालबेहट और महरौनी में गाड़ियां लगाई गई हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।- डॉ. मतलूब हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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