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खेतों में फसल चरने के लिए छोड़ रहे जानवर
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ग्राम कारीटोरन में किसानों ने खेतों में छोड़े जानवर
- फोटो : LALITPUR
खेतों में फसल चरने के लिए छोड़ रहे जानवर
कारीटोरन/ललितपुर। खेतों में खराब हुई फसल से ना उम्मीद किसानों ने अपने जानवरों को चराने के लिए छोड़ दिया है। किसानों का कहना है कि खेतों में फसल कम घास ज्यादा दिखाई दे रही है। इसमें लागत निकलना भी मुश्किल हो गई थी। जिस कारण जानवरों को छोड़ा है।
जिले में करीब एक सप्ताह तक लगातार बारिश हुई है। इस दौरान खेतों में पानी भरा रहा। इससे खेतों में खड़ी फसल सड़ गई, साथ ही जो बची रही, उसे घास ने घेर लिया। वर्तमान में खेतों में इक्का-दुक्का फसल के पौधे दिख रहे हैं तो वहीं घास बड़ी-बड़ी नजर आ रही है। ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन में बारिश से खेतों में उड़द की फसल खराब हो गई है। इससे किसानों ने फसल की उम्मीद छोड़ दी है।
कुछ किसान खुद ही खेतों में खराब फसल को चरा रहे हैं तो कुछ दूसरे गांव के लोग अपने जानवरों को चरा रहे हैं। अभी भी खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि करीब पंद्रह दिन तक आसमान साफ नहीं हुआ, जिससे खेतों में भरा पानी सूख नहीं पाया। यही नुकसान की वजह बनी। कुछ किसानों का कहना है कि यदि खेतों में भरे पानी के बीच जानवर आते-जाते रहे तो इससे खेत खराब हो जाएंगे और रबी सीजन में इनकी जुताई भी मुश्किल हो जाएगी।
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कारीटोरन/ललितपुर। खेतों में खराब हुई फसल से ना उम्मीद किसानों ने अपने जानवरों को चराने के लिए छोड़ दिया है। किसानों का कहना है कि खेतों में फसल कम घास ज्यादा दिखाई दे रही है। इसमें लागत निकलना भी मुश्किल हो गई थी। जिस कारण जानवरों को छोड़ा है।
जिले में करीब एक सप्ताह तक लगातार बारिश हुई है। इस दौरान खेतों में पानी भरा रहा। इससे खेतों में खड़ी फसल सड़ गई, साथ ही जो बची रही, उसे घास ने घेर लिया। वर्तमान में खेतों में इक्का-दुक्का फसल के पौधे दिख रहे हैं तो वहीं घास बड़ी-बड़ी नजर आ रही है। ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन में बारिश से खेतों में उड़द की फसल खराब हो गई है। इससे किसानों ने फसल की उम्मीद छोड़ दी है।
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कुछ किसान खुद ही खेतों में खराब फसल को चरा रहे हैं तो कुछ दूसरे गांव के लोग अपने जानवरों को चरा रहे हैं। अभी भी खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि करीब पंद्रह दिन तक आसमान साफ नहीं हुआ, जिससे खेतों में भरा पानी सूख नहीं पाया। यही नुकसान की वजह बनी। कुछ किसानों का कहना है कि यदि खेतों में भरे पानी के बीच जानवर आते-जाते रहे तो इससे खेत खराब हो जाएंगे और रबी सीजन में इनकी जुताई भी मुश्किल हो जाएगी।
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