फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Malefactor sentenced to seven years

दुष्कर्मी को सात साल की सजा

Sun, 17 Jul 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 17 Jul 2016 01:50 AM IST
विज्ञापन
Malefactor sentenced to seven years
court disitoin, jhnasi news - फोटो : demo
ललितपुर। छह वर्ष पूर्व थाना बानपुर के ग्राम उदयपुरा में नाबालिग बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट हरकेश कुुमार की अदालत ने आरोपी को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पैंतीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
विज्ञापन


थाना महरौनी क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति ने छह वर्ष पूर्व सिविल जज जूनियर डिवीजन महरौनी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह 21 जून 2010 को अपनी पुत्री के साथ रिश्तेदार की शादी में शामिल होने ग्राम उदयपुरा गया था। उसके गांव के अभय यादव पुत्र अनंतराम यादव व प्रीतम प्रजापति बाइक से उदयपुरा आए उसकी पुत्री को बाइक पर ले गए थे। लड़की के चीखने पर उसने व अन्य रिश्तेदारों ने पीछा किया, लेकिन आरोपियों को पकड़ नहीं पाए।
विज्ञापन


छानबीन करने पर पता चला कि अभय उसकी पुत्री को भोपाल में बंधक बनाए हुए है, तब वह अपने रिश्तेदारों के साथ 29 जून 2010 को सुबह ग्यारह बजे भोपाल स्टेशन पहुंचा तो उसकी लड़की भोपाल स्टेशन के बाहर टैक्सी स्टैंड के पास खड़ी मिली। उसने बताया कि अभय और प्रदीप ने देवामाता मंदिर के पास खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विरोध करने पर तमंचा निकालकर जान से मारने की धमकी दी और अगले दिन सुबह पांच बजे झांसी ले गए, जहां से ट्रेन में बिठाकर भोपाल ले जाकर एक कमरे में रखा और रोजाना बलात्कार करते रहे। विरोध करने पर अभय कट्टा निकालकर और तेजाब से मुंह जलाने की धमकी देता था।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि अभय और प्रदीप उसकी पुत्री को बेचने के इरादे से बाहर ले जा रहे थे। पीड़िता के पिता ने बानपुर थाने में इसकी सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।


शनिवार को न्यायालय ने अभियुक्त अभय यादव को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरे आरोपी प्रदीप के नाबालिग होने के कारण उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed