फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   kansiram morder

आशिक से कराई थी पति की हत्या

Thu, 21 Jan 2016 01:55 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Thu, 21 Jan 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
kansiram morder
ललितपुर। अवैध संबंधों में बाधक बन रहे पति को पत्नी ने ही अपने आशिक के माध्यम से मौत के घाट उतरवाया था। बुधवार को पुलिस अधीक्षक ने शहजाद बांध में मिले शव का खुलासा कर दिया। साथ ही पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन


पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने पत्रकारों को बताया कि तालबेहट थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा मजरा कुडारई निवासी मृतक कांशीराम की पत्नी के अवैध संबंध गांव के युवक से थे। इसी को लेकर पत्नी ने आशिक के हाथों पति की हत्या करा दी।
विज्ञापन


साथ ही हत्या कर शव को तालबेहट थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव में शहजाद बांध के डूब क्षेत्र में फेंक दिया। इस मामले में तालबेहट पुलिस ने ग्राम पिपरा मजरा कुडारई निवासी राकेश, बल्लू और शिवचरन को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार मृतक कांशीराम की पत्नी गिरिजा के गांव के युवक राकेश से संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी पर कांशीराम ने विरोध जताया। इस पर गिरिजा ने प्रेमी राकेश से पति की हत्या करने की बात कही। राकेश ने हत्या की साजिश में अपने दो दोस्तों बल्लू व शिवचरन को शामिल किया।

घटना वाले दिन राकेश ने कांशीराम को फोन कर बाजार चलने को कहा। राकेश अपने साथियों के साथ कांशीराम को ग्राम गुलेंदा के पास मिला और वह मोटरसाइकिल से लेकर जमालपुर गांव के नजदीक पहुंचे। ग्राम जमालपुर के पास पहुंचने पर कांशीराम को आरोपियों पर शक हुआ तो उसने भागने की कोशिश की।

लेकिन, आरोपियों ने उसे बांध की पिचिंग पर गिरा दिया, जिससे वह अर्द्ध बेहोश हो गया। इसी हालत में पत्थरों से उसका सिर कुचल कर तीनों ने हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि महिला गिरिजा को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया जाएगा।  

टीम को किया पुरस्कृत
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। कांशीराम हत्याकांड का खुलासा व आरोपियों की गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक तालबेहट हाकिम सिंह, एसएसआई विनोद कुमार, स्वॉट प्रभारी जितेंद्र सिंह चंदेल, सर्विलांस प्रभारी देवी सिंह, संजीव शर्मा, शफीक, देवराज, मनोज कुमार, दीपक सिंह, कप्तान सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

जिसने अपनाया, उसी को धोखा
कांशीराम के परिजनों की मानें तो गिरिजा की कांशीराम से दूसरी शादी थी। गिरिजा की पहली शादी बालाबेहट में हुई थी। पहले पति से अनबन होने के बाद वह अपने मायके मध्यप्रदेश के ग्राम करोंदा में रहने लगी थी। कांशीराम मजदूरी के सिलसिले में करोंदा गांव आता-जाता था। जहां पर गिरिजा से मुलाकात होने के बाद कांशीराम ने उससे शादी कर ली। कांशीराम के चार बच्चे हैं इसमें दो लड़कियां व दो लड़के शामिल हैं।


दो महीने पहले हुई थी पंचायत
हत्यारोपी राकेश और गिरिजा के बीच अवैध संबंधों की जानकारी दो महीने पहले परिजनों को हो गई थी। इसको लेकर गांव में पंचायत भी हुई थी। पंचायत के दौरान गिरिजा को अपनी उम्र से आधे राकेश से दूर रहकर अपने परिवार पर ध्यान देने की नसीहत दी गई थी। बच्चों की खातिर कांशीराम ने गिरिजा को माफ कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed