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अदालत: दलित महिला से छेड़छाड़ में तीन को चार-चार साल की सजा
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:17 AM IST
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दलित महिला से छेड़छाड़ में तीन को चार-चार साल की सजा
ललितपुर। जाखलौन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने और मारपीट करते हुए तोड़फोड़ करने के पांच साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने तीन आरोपियों को चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जाखलौन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला ने 16 जनवरी 2016 को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 जनवरी को जब वह घर पर थी। इसी दौरान चौसा गांव निवासी विक्रम सिंह, रचपाल सिंह पुत्रगण बालकिशन लोधी और सुम्मेर सिंह पुत्र रगवीर सिंह ठाकुर शाम शाम साढ़े सात बजे घर में घुस आए और छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने कपड़े फाड़ दिए। चीखपुकार सुन बचाने दौड़े परिजनों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर दी, इससे उन्हें चोटे आई हैं। इसी दौरान आरोपियों ने पीड़िता के सास-ससुर से भी मारपीट कर दी। इसके साथ ही आरोपियों ने घर में रखे वर्तन और खपरों में तोड़फोड़ कर दी और जमकर उत्पात मचाया।
बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने साक्ष्यों और रिपोर्टों के आधार पर फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को घर में घुसकर मारपीट और छेड़छ़ाड की धारा में चार-चार साल की सजा और चार-चार हजार का जुर्माना, जुर्माना न देने पर चार महीने का अतिरिक्त कारावास, गाली-गलौज व तोड़फोड़ की धारा में एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास, दलित उत्पीड़न की धारा में तीन-तीन साल की सजा और तीन-तीन हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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ललितपुर। जाखलौन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने और मारपीट करते हुए तोड़फोड़ करने के पांच साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने तीन आरोपियों को चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जाखलौन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला ने 16 जनवरी 2016 को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 जनवरी को जब वह घर पर थी। इसी दौरान चौसा गांव निवासी विक्रम सिंह, रचपाल सिंह पुत्रगण बालकिशन लोधी और सुम्मेर सिंह पुत्र रगवीर सिंह ठाकुर शाम शाम साढ़े सात बजे घर में घुस आए और छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने कपड़े फाड़ दिए। चीखपुकार सुन बचाने दौड़े परिजनों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर दी, इससे उन्हें चोटे आई हैं। इसी दौरान आरोपियों ने पीड़िता के सास-ससुर से भी मारपीट कर दी। इसके साथ ही आरोपियों ने घर में रखे वर्तन और खपरों में तोड़फोड़ कर दी और जमकर उत्पात मचाया।
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बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने साक्ष्यों और रिपोर्टों के आधार पर फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को घर में घुसकर मारपीट और छेड़छ़ाड की धारा में चार-चार साल की सजा और चार-चार हजार का जुर्माना, जुर्माना न देने पर चार महीने का अतिरिक्त कारावास, गाली-गलौज व तोड़फोड़ की धारा में एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास, दलित उत्पीड़न की धारा में तीन-तीन साल की सजा और तीन-तीन हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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