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रेलवे स्टाफ को देना होगा अपनी जेब में रखे रुपयों का हिसाब
Updated Fri, 22 Sep 2017 03:19 AM IST
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रेलवे कर्मियोंको देना होगा जेब में रखे रुपयों का हिसाब
ललितपुर।
अब ट्रेेनों में चलने वाले रेलवे कर्मचारियों के साथ ही कामर्शियल स्टाफ व आरपीएफ जवानों को भी अपनी जेब में रखे रुपयों की स्पष्ट जानकारी देनी होगी। इसका सर्कुलर रेलवे बोर्ड ने जारी कर दिया है। यह आदेश रेल यात्रियों के साथ होने वाली अवैध वसूली व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लागू किया गया है।
रेलवे के नये आदेश के अंतर्गत अब ट्रेन में टीटीई, स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान कामर्शियल स्टाफ व ट्रेनों में चल रहे अन्य सभी रेलवे कर्मचारियों को भी अपने प्राइवेट कैश रखने की जानकारी रेलवे को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए उक्त रेलवे कर्मचारियों के लिए अपने पास मौजूद प्राइवेट कैश रखने की जानकारी और उसका उद्देश्य एक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। रेलवे में अभी तक बुकिंग क्लर्क, रिजर्वेशन क्लर्क के अलावा पार्सल व मालगोदाम के कर्मचारियों को पैसों का लेन-देन करने वाले सभी कर्मचारियों को अपने पास रखे रुपये की जानकारी एक रजिस्टर में लिखनी होती है। वहीं, प्लेटफार्म पर चेक करने वाले टीटीई व ट्रेन में ड्यूटी पर जाने से पहले अपनी जेब में रखे रुपयों की जानकारी देनी होती थी। लेकिन अब कॉमर्शियल स्टाफ के अलावा अन्य सभी प्रकार के रेलवे स्टाफ कर्मचारियों को चाहे वह किसी भी श्रेणी का कर्मचारी हो उसे अपनी जेब में रखे रुपया का पूरा हिसाब देने के साथ ही रुपये रखने का प्रयोजन भी एक रजिस्टर में अंकित करना पड़ेगा। इसके साथ ही रेलवे द्वारा अब ट्रेनों में टीटीई के अलावा अन्य कर्मचारियों सफाई कर्मचारियों, कोच अटेंडेंट, ऐसी मैकेनिक और एसएंडटी के कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसा है। अब तक कोई नियम नहीं होने के कारण इन कर्मचारियों के पास रुपये बरामद होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं होती थी। लेकिन अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए रेलवे इन कर्मचारियों को भी अपनी जेब में रखे पैसों का हिसाब देने का खाका तैयार कर रहा है। ऐसे में ट्रेनों में यात्रियों से होने वाली अवैध वसूली पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही ऐसे कर्मचारियों में कार्रवाई का भय बना रहेगा। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर द्वारा सभी जोन के जनरल मैैनेजर और संबंधित रेलवे के सभी जनरल सेक्रेटरी को इस आदेश की कॉपी मुहैया करा दी गई है।
इसलिए पड़ी आवश्यकता
जानकारों के अनुसार लंबे समय से यात्रियों के साथ अवैध वसूली की शिकायतें रेलवे को लगातार मिल रही थीं। कई टीटीई द्वारा यात्रियों से वसूली जाने वाली अवैध रकम सफाई कर्मचारियों या उपस्थित अन्य स्टाफ को थमा देते थे और चेकिंग के दौरान इन टीटीई या अन्य कामर्शियल स्टाफ से कोई अलग राशि बरामद नहीं होती थी। लेकिन सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ पर अधिक राशि बरामद होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती थी। रेलवे बोर्ड के पैसेंजर मार्केटिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
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रेलवे में भ्रष्टाचार रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक कामर्शियल सर्कुलर जारी किया हैं, इसमें कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से पहले अपने पास रखे रुपये की जानकारी के साथ ही इसका उद्देश्य भी स्पष्ट करना होगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे, झांसी।
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ललितपुर।
अब ट्रेेनों में चलने वाले रेलवे कर्मचारियों के साथ ही कामर्शियल स्टाफ व आरपीएफ जवानों को भी अपनी जेब में रखे रुपयों की स्पष्ट जानकारी देनी होगी। इसका सर्कुलर रेलवे बोर्ड ने जारी कर दिया है। यह आदेश रेल यात्रियों के साथ होने वाली अवैध वसूली व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लागू किया गया है।
रेलवे के नये आदेश के अंतर्गत अब ट्रेन में टीटीई, स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान कामर्शियल स्टाफ व ट्रेनों में चल रहे अन्य सभी रेलवे कर्मचारियों को भी अपने प्राइवेट कैश रखने की जानकारी रेलवे को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए उक्त रेलवे कर्मचारियों के लिए अपने पास मौजूद प्राइवेट कैश रखने की जानकारी और उसका उद्देश्य एक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। रेलवे में अभी तक बुकिंग क्लर्क, रिजर्वेशन क्लर्क के अलावा पार्सल व मालगोदाम के कर्मचारियों को पैसों का लेन-देन करने वाले सभी कर्मचारियों को अपने पास रखे रुपये की जानकारी एक रजिस्टर में लिखनी होती है। वहीं, प्लेटफार्म पर चेक करने वाले टीटीई व ट्रेन में ड्यूटी पर जाने से पहले अपनी जेब में रखे रुपयों की जानकारी देनी होती थी। लेकिन अब कॉमर्शियल स्टाफ के अलावा अन्य सभी प्रकार के रेलवे स्टाफ कर्मचारियों को चाहे वह किसी भी श्रेणी का कर्मचारी हो उसे अपनी जेब में रखे रुपया का पूरा हिसाब देने के साथ ही रुपये रखने का प्रयोजन भी एक रजिस्टर में अंकित करना पड़ेगा। इसके साथ ही रेलवे द्वारा अब ट्रेनों में टीटीई के अलावा अन्य कर्मचारियों सफाई कर्मचारियों, कोच अटेंडेंट, ऐसी मैकेनिक और एसएंडटी के कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसा है। अब तक कोई नियम नहीं होने के कारण इन कर्मचारियों के पास रुपये बरामद होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं होती थी। लेकिन अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए रेलवे इन कर्मचारियों को भी अपनी जेब में रखे पैसों का हिसाब देने का खाका तैयार कर रहा है। ऐसे में ट्रेनों में यात्रियों से होने वाली अवैध वसूली पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही ऐसे कर्मचारियों में कार्रवाई का भय बना रहेगा। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर द्वारा सभी जोन के जनरल मैैनेजर और संबंधित रेलवे के सभी जनरल सेक्रेटरी को इस आदेश की कॉपी मुहैया करा दी गई है।
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इसलिए पड़ी आवश्यकता
जानकारों के अनुसार लंबे समय से यात्रियों के साथ अवैध वसूली की शिकायतें रेलवे को लगातार मिल रही थीं। कई टीटीई द्वारा यात्रियों से वसूली जाने वाली अवैध रकम सफाई कर्मचारियों या उपस्थित अन्य स्टाफ को थमा देते थे और चेकिंग के दौरान इन टीटीई या अन्य कामर्शियल स्टाफ से कोई अलग राशि बरामद नहीं होती थी। लेकिन सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ पर अधिक राशि बरामद होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती थी। रेलवे बोर्ड के पैसेंजर मार्केटिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
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रेलवे में भ्रष्टाचार रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक कामर्शियल सर्कुलर जारी किया हैं, इसमें कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से पहले अपने पास रखे रुपये की जानकारी के साथ ही इसका उद्देश्य भी स्पष्ट करना होगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे, झांसी।