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न्यायालय

Fri, 04 Aug 2017 03:22 AM IST
Updated Fri, 04 Aug 2017 03:22 AM IST
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न्यायालय
दुष्कर्मी को सात वर्ष का कठोर कारावास
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम हरकेश कुमार की अदालत ने सात वर्ष पूर्व थाना पूराकलां क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाए जाने पर एक अभियुक्त को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि सात वर्ष पूर्व थाना पूराकलां अंतर्गत एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 17 वर्षीय नातिन जो कक्षा नौंवी तक ही पढ़ी है, 17 फरवरी 2010 को शाम पांच बजे अपने कुएं के खेत पर अकेले खेती का काम कर रही थी, कि मौका पाकर उसके गांव के ही गोपालदास जो उसके ही घर के सामने चाट का ठेला लगाता था, उसकी नातिन को जबरन फुसलाकर कुछ प्रलोभन देकर ले गया। पीड़िता को ले जाने में संदीप व गोपाल के पिता ने सहयोग भी किया। हार खेत में काम कर रहे तमाम लोगों ने उसकी नातिन को उक्त लोगों के साथ जाते देखा। उसने अपनी नातिन की काफी खोजबीन की, लेकिन नातिन का कोई पता नहीं चला। पीड़ित व्यक्ति ने थाना पूराकलां में तहरीर देकर नातिन की खोजबीन करने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस द्वारा उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ 23 फरवरी 2010 को रिपोर्ट पंजीकृत कर विवेचना शुरु कर दी। इस पर कुछ ही दिनों में नाबालिग अपहृता को बरामद किया और उसका शारीरिक चिकित्सीय परीक्षण कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पूराकलां निवासी एक अभियुक्त मौसम उर्फ गोपालदास को नाबालिग के अपहरण और बलात्कार का जुर्म सिद्घ होने पर सात वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की वसूली गई धनराशि पीड़ित पक्ष को प्रतिकर के रुप में प्रदान करने के आदेेश भी दिए।
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