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बच्चे की मौत पर स्वास्थ्य विभाग ने रखा तर्क
Updated Sat, 14 Oct 2017 04:06 AM IST
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टीके से बच्चे की मौत के आरोप निराधार: सीएमओ
ललितपुर।
गत दो दिन पहले ग्राम मैलवारा कलां में टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत पर परिजनों के आरोपों को स्वास्थ्य विभाग ने निराधार बताया है। स्वास्थ्य टीम ने एसडीएम सदर के सामने गांव में ही टीके वाली सिरिंज का उपयोग करके लोगों को बताया कि यह टीके की सिरिंज से एक ही बार टीका लगाया जा सकता है और इसके बाद यह सिरिंज ऑटोमैटिक लॉक हो जाती है। जबकि मृतक बच्चे के परिजनों से एक ही सिरिंज से कई बच्चों को टीके लगाने का आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत के लिए टीका लगाने वाली एएनएम को जिम्मेदार ठहराया था।
थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम मैलवारा कलां में विगत 11 तारीख को सघन मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत होने वाले नियमित टीकाकरण के दौरान गांव के ही आकाश पुत्र प्रभु कुशवाहा का टीकाकरण किया गया था, इसके बाद बच्चे को उसी शाम बुखार आया और अगले दिन 12 अक्तूबर को सुबह साढ़े चार बजे उसकी मृत्यु हो गई। इस पर मृृतक बच्चे के परिजनों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे के टीकाकरण में एएनएम द्वारा एक ही निडिल सिरिंज से कई बच्चों को टीके लगाने का आरोप लगाया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उक्त टीकाकरण के मामले में अपना तर्क रखते हुए उक्त आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को जो टीके लगाए जाते हैं, वह टीके विशेष प्रकार की सिरिंज से लगाए जाते हैं, जिसे एडी (ऑटो डिसेएवल्ड) सिरिंज कहते हैं। इन सिरिंजों की विशेषता होती है कि एक बार टीका लगने के बाद यह सिरिंज अपने आप लॉक हो जाती है और फिर इसे कितना भी प्रयास कर लिया जाए दोबारा खोला नहीं जा सकता है। इस सिरिंज का डिमोस्ट्रेशन गत दिवस बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी सदर के सामने गांव के लोगों की उपस्थिति में किया गया था। नियमित टीकाकरण के लिए इस सिरिंज के अलावा कोई दूसरी सिरिंज का उपयोग नहीं किया जाता है।
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ललितपुर।
गत दो दिन पहले ग्राम मैलवारा कलां में टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत पर परिजनों के आरोपों को स्वास्थ्य विभाग ने निराधार बताया है। स्वास्थ्य टीम ने एसडीएम सदर के सामने गांव में ही टीके वाली सिरिंज का उपयोग करके लोगों को बताया कि यह टीके की सिरिंज से एक ही बार टीका लगाया जा सकता है और इसके बाद यह सिरिंज ऑटोमैटिक लॉक हो जाती है। जबकि मृतक बच्चे के परिजनों से एक ही सिरिंज से कई बच्चों को टीके लगाने का आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत के लिए टीका लगाने वाली एएनएम को जिम्मेदार ठहराया था।
थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम मैलवारा कलां में विगत 11 तारीख को सघन मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत होने वाले नियमित टीकाकरण के दौरान गांव के ही आकाश पुत्र प्रभु कुशवाहा का टीकाकरण किया गया था, इसके बाद बच्चे को उसी शाम बुखार आया और अगले दिन 12 अक्तूबर को सुबह साढ़े चार बजे उसकी मृत्यु हो गई। इस पर मृृतक बच्चे के परिजनों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे के टीकाकरण में एएनएम द्वारा एक ही निडिल सिरिंज से कई बच्चों को टीके लगाने का आरोप लगाया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उक्त टीकाकरण के मामले में अपना तर्क रखते हुए उक्त आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को जो टीके लगाए जाते हैं, वह टीके विशेष प्रकार की सिरिंज से लगाए जाते हैं, जिसे एडी (ऑटो डिसेएवल्ड) सिरिंज कहते हैं। इन सिरिंजों की विशेषता होती है कि एक बार टीका लगने के बाद यह सिरिंज अपने आप लॉक हो जाती है और फिर इसे कितना भी प्रयास कर लिया जाए दोबारा खोला नहीं जा सकता है। इस सिरिंज का डिमोस्ट्रेशन गत दिवस बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी सदर के सामने गांव के लोगों की उपस्थिति में किया गया था। नियमित टीकाकरण के लिए इस सिरिंज के अलावा कोई दूसरी सिरिंज का उपयोग नहीं किया जाता है।
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