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मंदिर की जमीन हड़पने का आरोप
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:16 AM IST
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मंदिर की जमीन हड़पने का आरोप
ललितपुर। तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम कुरौरा व भौंरट के ग्रामीणों ने शंकरजी महाराज मंदिर की जमीन फर्जी समिति बनाकर हड़पने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि ग्राम कुरौरा भौंरट में अत्यंत प्राचीन मंदिर स्थित है, जबकि एक सार्वजनिक मंदिर हैं कि ग्राम में कुछ लोगों द्वारा एक फर्जी समिति का निर्माण करके मंदिर की जमीन जो कई रकवों में स्थित है, को करोड़ों का गबन करना चाहते हैं। जबकि मंदिर की भूमि समिति में कभी नहीं रही है और न ही उक्त संपत्ति के द्वारा मंदिर में लगाई गई है। इस सबंध मं तहसीलदार महरौनी के द्वारा राजस्व संहिता की धारा 111 में मंदिर की संपित्त का दाखिल खारिज रोका गया है और मंदिर के प्रबंधन के संबंध में घोषणा करने का एक मात्र अधिकार सिविल कोर्ट को है। इसके चलते मंदिर की भूमि को माफियाओं द्वारा फर्जी समिति बनाकर मंदिरों की भूमि हड़पी जा रही है। इस मंदिर की जमीन भौंरट बांध के डूब क्षेत्र में है, इसकी जानकारी होने पर भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और ग्राम के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बंदरबांट करना चाहते हैं, जिसे रोका जाना जरुरी है। ग्रामीणों ने सिंचाई खंड द्वितीय के अधिकारियों से इस मंदिर की जमीन का मुआवजा रोके जाने की मांग की है। ज्ञापन पर डग्गी राजा, मोहन, संतोष कुमार, सुनील, प्रदीप कुमार, मुन्ना, रामस्वरुप, बद्री, सुखलाल, उदयभान सिंह, जगदीश, हरलाल, यादवेंद्र सिं,ह जितेंद्र सिंह, अजुद्दी, कीरत, बाबूलाल, राजू, अरविंद, दरयाव, लेख सिंह, उम्मेद आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ललितपुर। तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम कुरौरा व भौंरट के ग्रामीणों ने शंकरजी महाराज मंदिर की जमीन फर्जी समिति बनाकर हड़पने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि ग्राम कुरौरा भौंरट में अत्यंत प्राचीन मंदिर स्थित है, जबकि एक सार्वजनिक मंदिर हैं कि ग्राम में कुछ लोगों द्वारा एक फर्जी समिति का निर्माण करके मंदिर की जमीन जो कई रकवों में स्थित है, को करोड़ों का गबन करना चाहते हैं। जबकि मंदिर की भूमि समिति में कभी नहीं रही है और न ही उक्त संपत्ति के द्वारा मंदिर में लगाई गई है। इस सबंध मं तहसीलदार महरौनी के द्वारा राजस्व संहिता की धारा 111 में मंदिर की संपित्त का दाखिल खारिज रोका गया है और मंदिर के प्रबंधन के संबंध में घोषणा करने का एक मात्र अधिकार सिविल कोर्ट को है। इसके चलते मंदिर की भूमि को माफियाओं द्वारा फर्जी समिति बनाकर मंदिरों की भूमि हड़पी जा रही है। इस मंदिर की जमीन भौंरट बांध के डूब क्षेत्र में है, इसकी जानकारी होने पर भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और ग्राम के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बंदरबांट करना चाहते हैं, जिसे रोका जाना जरुरी है। ग्रामीणों ने सिंचाई खंड द्वितीय के अधिकारियों से इस मंदिर की जमीन का मुआवजा रोके जाने की मांग की है। ज्ञापन पर डग्गी राजा, मोहन, संतोष कुमार, सुनील, प्रदीप कुमार, मुन्ना, रामस्वरुप, बद्री, सुखलाल, उदयभान सिंह, जगदीश, हरलाल, यादवेंद्र सिं,ह जितेंद्र सिंह, अजुद्दी, कीरत, बाबूलाल, राजू, अरविंद, दरयाव, लेख सिंह, उम्मेद आदि के हस्ताक्षर हैं।