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जलविहार पर बनारस की तर्ज पर हुई विमानों की भव्य महाआरती
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:06 AM IST
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मंदिरों के गर्भगृह से निकलकर भक्तों के बीच आए भगवान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में डोल ग्यारस यानि जलविहार का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया गया। इस बार सुम्मेरा तालाब के घाटों पर विभिन्न मंदिरों के विमानों में विराजे भगवान के विग्रहों को मंत्रोच्चार के साथ जलविहार कराया और यहां बारह बुर्जों से घाटों पर विमानों में विराजमान भगवान की भव्य महाआरती का आयोजन बनानस में गंगाआरती की तर्ज पर किया गया। भगवान के जल विहार के लिए बारह बुुर्जों से एक साथ 21 पंडितों के मंत्रोच्चार से सुम्मेरा तालाब गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा मार्ग पर भगवान के विमानों की पांच विभिन्न धार्मिक स्थलों श्रीजगदीश मंदिर, सुम्मेरा तालाब, श्रीनृसिंह रामलीला मैदान, श्रीगणेश पांडाल, थानेश्चर मंदिर के पास भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक उत्सव को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे और विमानों की भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पबारिश के साथ स्वागत किया गया।
बुंदेलखंड में मऊरानीपुर के बाद ललितपुर जिले में जलविहार का पर्व बड़े ही श्रद्घा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहरवासियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य जनपदों के लोगों को भी जलविहार के इस पर्व का बड़ा ही बेसब्री के साथ इंतजार रहता है। बृहस्पतिवार को जलविहार का पर्व धार्मिक महोत्सव के रुप में मनाया गया। विमानों की शोभायात्रा का शुभारंभ मुहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथ के मंदिर से हुआ, जब भगवान रघुनाथजी मंदिर के गर्भग्रह से बाहर आए और विमानों में विराजमान होकर जलविहार करने के लिए नगर भ्रमण को निकले। भगवान रघुनाथजी के विमान के साथ आसपास स्थित अन्य मंदिरों के विमान भी उनके साथ शोभायात्रा में शामिल हो गए। जैसे-जैसे भगवान के विमान आगे बढ़ते रहे अन्य कई और मंदिरों के विमान भी शोभायात्रा में शामिल होते गए। शोभायात्रा चौबयाना से शुरु होकर रावरपुरा, महावीरपुरा होते हुए घंटाघर पहुंची, जहां पूरे शहर के करीब आधा दर्जन से अधिक विमान एकत्रित हुए, जहां भगवान का भव्य स्वागत किया गया। यहां से भगवान के विमानों की विशाल शोभायात्रा अब सावरकर चौक की ओर जैसे ही बढ़ी, हजारों की संख्या में मौजूद लोग भी शोभायात्रा में विमानों के साथ चल लिए। सावरकर चौक पर सड़क के चारों ओर श्रद्घालुओं के कंधों पर विराजमान विमानों की भव्य महाआरती का आयोजन ढोल नगाड़े व बैंडबाजों की धुन पर किया गया। यहां विमानों के आगे राइ सैरा नृत्य करती पाटियां भी चल रही थीं। विमानों के आगे सैकड़ों भक्त पीले चंदन का तिलक लगाकर, भगवा कपड़ों में धार्मिक धुनों पर नाचते गाते चल रहे थे। मौनिया नृत्य की टोलियां भी मोरपंख के साथ नृत्य गायन करते हुए चल रही थीं। विमान यात्रा के मार्गों में जगह-जगह विभिन्न संगठनों व स्थानीय लोगों ने अपने-अपने घरों के सामने तालाब पहुंचने से पहले भगवान का भव्यता के साथ पुष्प बारिश व आरती पूजन करते हुए स्वागत किया। जैसे ही भगवान सुम्मेरा तालाब के घाटों पर पहुंचे, यहां पहले से मौजूद 21 पंडितों द्वारा विमानों में विराजे भगवान के विग्रहों को गंगाजल के साथ मंत्रोच्चार के बीच जलविहार कराया गया। यह भव्य दृश्य देखने के लिए तालाब के घाटों पर लोगों का बड़ी संख्या में तांता लगा रहा। जलविहार करते ही बारह बुर्जों से पंडितों के द्वारा बनारस की तर्ज पर विमानों में विराजमान भगवान के विग्रहों की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। यहां ड्रोन के माध्यम से विमानों पर पुष्प बारिश भी की गई। जलविहार पर्व के दिन तालाब पर हुई महाआरती का पहली बार बड़ी एलईडी टीवी लगाकर लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, ताकि विमानों के नजदीक नहीं पहुंचने वाले लोग महाआरती का आनंद ले सकें। महाआरती के बाद भगवान के विमानों को श्रीनृसिंह रामलीला मैदान में भक्तों के दर्शनार्थ विराजमान किया गया। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्घालुओं ने मंच पर आसीन भगवान के विमानों की परिक्रमा की। यहां मंच पर विराजमान भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरुप भी आकर्षक श्रंगार कर घूमते हुए मुख्य आकर्षक का केंद्र रहे।फिर रात्रि करीब आठ बजे यहां सभी विमानों की आरती की गई और फिर यहां से भगवान परंपरा अनुसार श्रीगणेश पांडाल पहुंचे, जहां भगवान के पहुंचते ही एक साथ सैकड़ों घंटा घड़ियाल, शंख, झालरों बीच बांके बिहारी की जय, ठाकुरजी भगवान की जय के नारों से पूरा पांडाल गुुंजायमान हो उठा। इसके बाद यहां भक्तों के दर्शनों को भगवान के विमानों को विशेष मंच बनाकर स्थापित किया गया। फिर रात्रि में करीब साढ़े आठ बजे यहां भगवान श्रीगणेश और विभिन्न मंदिरों के विमानों की एक साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। श्रीगणेश पांडाल में श्रीगणेश और विमानों की यह आरती का दृश्य देखने को लोग आतुर दिखाई दिए। अब यहां से भगवान श्रीजगदीश मंदिर और फिर श्रीथानेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां महाआरती के बाद भगवान मुहल्लों में भक्तों को दर्शन देने के लिए घर-घर गए, जहां परंपरा अनुसार भक्तों ने भी अपने द्वार पर आए भगवान की विधि विधान के साथ पूजन आरती की और विमानों की परिक्रमा की। लोगों ने अपने घर के दरवाजे पर पधारे विमानों के लिए घरों के द्वार पर दीप प्रज्जवलित किए। ऐसे में यह त्यौहार दीपावली जैसा ही प्रतीत हो रहा था। इस मौके पर प्रमुख रुप से राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू, घनश्याम साहू, जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा.ओपी सिंह, श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, श्रीनृसिंह रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कड़ंकी, भवानी यादव, कैलाश यादव, प्रभाकर शर्मा, संजय ड्योडिया, रमेश रावत, श्यामाकांत चौबे, राजेश दुबे, अमित तिवारी, रत्नेश तिवारी, हरविंदर सिंह सलूजा, रविंद्र पाठक, भरत रिछारिया, हरिमोहन चैरसिया, शिवकुमार शर्मा, ललित कौशिक, अवधेश कौशिक, चंद्रशेखर राठौर, राजेंद्र ताम्रकार, धर्मेंद्र चौबे , डा. प्रबल सक्सेना , राकेश तामियां, राजीप हुंडैत, इंदर राजा, ध्रुरव राजा, रुपेश साहू, नीेतेश संज्ञा, पार्थ चौबे, राहुल चौबे, मनु चतुर्वेदी, विजय साहू, विक्की तिवारी, विक्की कौशिक, शिवम कौशिक, संदर्भ पटसारिया , अभिषेक पटैरिया, साहिल गौतम आदि उपस्थित रहे।
इन मंदिरों के विमान रहे शामिल
श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के सभी पदाधिकारी कई दिनों से इस जलविहार पर्व की तैयारियों में लगे रहे। इस अवसर पर नगर के सभी देवालयों से भगवान के श्रीविग्रह जिनमें श्रीरघुनाथ जी मंदिर चौबयाना, बनखंडी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, मुरलीमनोहर मंदिर रावरपुरा, मदनमोहनजी मंदिर, महावीरपुरा, महावीरपुरा मंदिर, श्रीथानेश्वर मंदिर घंटाघर, तुवन मंदिर, रामजानकी मंदिर, चंडी मंदिर गांधीनगर, राधाकृष्ण मंदिर साहू समाज नईबस्ती, देवी मंदिर जुगपुरा, सिद्धन मंदिर, शिव मंदिर शनि मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर, बिहारीजी मंदिर आजादचौक, रामराजा मंदिर नदीपुरा, कुशकुटी मंदिर नदीपार, गोविंद नगर काली माता मंदिर, जगदीश मंदिर घंटाघर, परमहंस मंदिर तालाबपुरा, धनुषधारी मंदिर तालाबपुरा, जुगलकिशोर बालाजी मंदिर हवालदार तालाबपुरा, सर्वेश्वर धाम मंदिर बंध कालोनी, तखत घाट मंदिर तालाब के ऊपर, राम मंदिर बांध रोड, रिसाला मंदिर, रामजानकी मंदिर, पटऊआ मंदिर नेहरु नगर, टंकी के पास लेड़ियापुरा, सिवनी मंदिर हवाई पट्टी, गणेश मंदिर सीतापाठ, नामदेवजी गणेश मंदिर आजादचौक प्रमुख रुप से शामिल रहे ।
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सावरकर चौक पर हुई महाआरती
योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उनका प्रथम यमुनाजी में स्नान का पर्व जलविहार पर्व माना जाता है। इस पर्व में निकली भव्य शोभायात्रा में नगर के सभी मंदिरों के विग्रह अपने-अपने विमानों में आरुढ़ होकर अपने भक्तों को दर्शन को नगर भ्रमण पर निकले, तो श्रीरामराजा व्यापार मंदिरसमिति के सदस्यों एवं दुर्गा वाहिनी रेजीमेंट की सदस्यों द्वारा सावरकर चौक पर एकत्रित सभी विमानों का मंच पर सजाई गई आकर्षक झांकियों के मध्य विमानों पर लगातार भारी पुष्प बारिश की। यहां मंच से विमानों की भव्य आरती स्त्रत्त्का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष मनीष जैन, उपाध्यक्ष हेमंत नामदेव, संरक्षक चंद्र विनोद हुंडैत, सुनील शर्मा, सरदार वीके सिंह, रामगोपाल नामदेव, रामेश्वर सड़ैया, भरत पुरोहित, संजय जैन, दीपक साहू, खुशीलाल कुशवाहा, ब्रदीसेन, गुरु संतोष सोनी, राजू सेठ, राजेश सेन, मनमोहन जड़िया, कैलाश शर्मा, प्रशांत शुक्ला, भावना सिंमह, पूजा कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
युवा ब्राह्मण महामंडल ने किया स्वागत
जलविहार पर्व पर विमानों की यात्रा निकलने पर युवा ब्राह्मण महामंडल ने घंटाघर चौराहा पर नगर भ्रमण को निकले विमानों पर पुष्प बारिश व आरती कर स्वागत किया। इस मौके पर ललित कौशिक, रत्नेश तिवारी, रविकांत तिवारी, प्रशांत, अमित नायक, अमिताभ रिछारिया, गुड्डू तिवारी, दीपक पाराशर, रामेश्वर मालवीय, नितिन पाराशर, बद्रीनारायण पाठक, राहुल चौबे, विनोद मिश्रा, अक्षय किलेदार, विक्की कौशिक, राजेश मिश्रा, भूरे, नीतेश संज्ञा आदि उपस्थित रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में डोल ग्यारस यानि जलविहार का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया गया। इस बार सुम्मेरा तालाब के घाटों पर विभिन्न मंदिरों के विमानों में विराजे भगवान के विग्रहों को मंत्रोच्चार के साथ जलविहार कराया और यहां बारह बुर्जों से घाटों पर विमानों में विराजमान भगवान की भव्य महाआरती का आयोजन बनानस में गंगाआरती की तर्ज पर किया गया। भगवान के जल विहार के लिए बारह बुुर्जों से एक साथ 21 पंडितों के मंत्रोच्चार से सुम्मेरा तालाब गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा मार्ग पर भगवान के विमानों की पांच विभिन्न धार्मिक स्थलों श्रीजगदीश मंदिर, सुम्मेरा तालाब, श्रीनृसिंह रामलीला मैदान, श्रीगणेश पांडाल, थानेश्चर मंदिर के पास भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक उत्सव को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे और विमानों की भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पबारिश के साथ स्वागत किया गया।
बुंदेलखंड में मऊरानीपुर के बाद ललितपुर जिले में जलविहार का पर्व बड़े ही श्रद्घा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहरवासियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य जनपदों के लोगों को भी जलविहार के इस पर्व का बड़ा ही बेसब्री के साथ इंतजार रहता है। बृहस्पतिवार को जलविहार का पर्व धार्मिक महोत्सव के रुप में मनाया गया। विमानों की शोभायात्रा का शुभारंभ मुहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथ के मंदिर से हुआ, जब भगवान रघुनाथजी मंदिर के गर्भग्रह से बाहर आए और विमानों में विराजमान होकर जलविहार करने के लिए नगर भ्रमण को निकले। भगवान रघुनाथजी के विमान के साथ आसपास स्थित अन्य मंदिरों के विमान भी उनके साथ शोभायात्रा में शामिल हो गए। जैसे-जैसे भगवान के विमान आगे बढ़ते रहे अन्य कई और मंदिरों के विमान भी शोभायात्रा में शामिल होते गए। शोभायात्रा चौबयाना से शुरु होकर रावरपुरा, महावीरपुरा होते हुए घंटाघर पहुंची, जहां पूरे शहर के करीब आधा दर्जन से अधिक विमान एकत्रित हुए, जहां भगवान का भव्य स्वागत किया गया। यहां से भगवान के विमानों की विशाल शोभायात्रा अब सावरकर चौक की ओर जैसे ही बढ़ी, हजारों की संख्या में मौजूद लोग भी शोभायात्रा में विमानों के साथ चल लिए। सावरकर चौक पर सड़क के चारों ओर श्रद्घालुओं के कंधों पर विराजमान विमानों की भव्य महाआरती का आयोजन ढोल नगाड़े व बैंडबाजों की धुन पर किया गया। यहां विमानों के आगे राइ सैरा नृत्य करती पाटियां भी चल रही थीं। विमानों के आगे सैकड़ों भक्त पीले चंदन का तिलक लगाकर, भगवा कपड़ों में धार्मिक धुनों पर नाचते गाते चल रहे थे। मौनिया नृत्य की टोलियां भी मोरपंख के साथ नृत्य गायन करते हुए चल रही थीं। विमान यात्रा के मार्गों में जगह-जगह विभिन्न संगठनों व स्थानीय लोगों ने अपने-अपने घरों के सामने तालाब पहुंचने से पहले भगवान का भव्यता के साथ पुष्प बारिश व आरती पूजन करते हुए स्वागत किया। जैसे ही भगवान सुम्मेरा तालाब के घाटों पर पहुंचे, यहां पहले से मौजूद 21 पंडितों द्वारा विमानों में विराजे भगवान के विग्रहों को गंगाजल के साथ मंत्रोच्चार के बीच जलविहार कराया गया। यह भव्य दृश्य देखने के लिए तालाब के घाटों पर लोगों का बड़ी संख्या में तांता लगा रहा। जलविहार करते ही बारह बुर्जों से पंडितों के द्वारा बनारस की तर्ज पर विमानों में विराजमान भगवान के विग्रहों की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। यहां ड्रोन के माध्यम से विमानों पर पुष्प बारिश भी की गई। जलविहार पर्व के दिन तालाब पर हुई महाआरती का पहली बार बड़ी एलईडी टीवी लगाकर लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, ताकि विमानों के नजदीक नहीं पहुंचने वाले लोग महाआरती का आनंद ले सकें। महाआरती के बाद भगवान के विमानों को श्रीनृसिंह रामलीला मैदान में भक्तों के दर्शनार्थ विराजमान किया गया। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्घालुओं ने मंच पर आसीन भगवान के विमानों की परिक्रमा की। यहां मंच पर विराजमान भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरुप भी आकर्षक श्रंगार कर घूमते हुए मुख्य आकर्षक का केंद्र रहे।फिर रात्रि करीब आठ बजे यहां सभी विमानों की आरती की गई और फिर यहां से भगवान परंपरा अनुसार श्रीगणेश पांडाल पहुंचे, जहां भगवान के पहुंचते ही एक साथ सैकड़ों घंटा घड़ियाल, शंख, झालरों बीच बांके बिहारी की जय, ठाकुरजी भगवान की जय के नारों से पूरा पांडाल गुुंजायमान हो उठा। इसके बाद यहां भक्तों के दर्शनों को भगवान के विमानों को विशेष मंच बनाकर स्थापित किया गया। फिर रात्रि में करीब साढ़े आठ बजे यहां भगवान श्रीगणेश और विभिन्न मंदिरों के विमानों की एक साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। श्रीगणेश पांडाल में श्रीगणेश और विमानों की यह आरती का दृश्य देखने को लोग आतुर दिखाई दिए। अब यहां से भगवान श्रीजगदीश मंदिर और फिर श्रीथानेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां महाआरती के बाद भगवान मुहल्लों में भक्तों को दर्शन देने के लिए घर-घर गए, जहां परंपरा अनुसार भक्तों ने भी अपने द्वार पर आए भगवान की विधि विधान के साथ पूजन आरती की और विमानों की परिक्रमा की। लोगों ने अपने घर के दरवाजे पर पधारे विमानों के लिए घरों के द्वार पर दीप प्रज्जवलित किए। ऐसे में यह त्यौहार दीपावली जैसा ही प्रतीत हो रहा था। इस मौके पर प्रमुख रुप से राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू, घनश्याम साहू, जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा.ओपी सिंह, श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, श्रीनृसिंह रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कड़ंकी, भवानी यादव, कैलाश यादव, प्रभाकर शर्मा, संजय ड्योडिया, रमेश रावत, श्यामाकांत चौबे, राजेश दुबे, अमित तिवारी, रत्नेश तिवारी, हरविंदर सिंह सलूजा, रविंद्र पाठक, भरत रिछारिया, हरिमोहन चैरसिया, शिवकुमार शर्मा, ललित कौशिक, अवधेश कौशिक, चंद्रशेखर राठौर, राजेंद्र ताम्रकार, धर्मेंद्र चौबे , डा. प्रबल सक्सेना , राकेश तामियां, राजीप हुंडैत, इंदर राजा, ध्रुरव राजा, रुपेश साहू, नीेतेश संज्ञा, पार्थ चौबे, राहुल चौबे, मनु चतुर्वेदी, विजय साहू, विक्की तिवारी, विक्की कौशिक, शिवम कौशिक, संदर्भ पटसारिया , अभिषेक पटैरिया, साहिल गौतम आदि उपस्थित रहे।
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इन मंदिरों के विमान रहे शामिल
श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के सभी पदाधिकारी कई दिनों से इस जलविहार पर्व की तैयारियों में लगे रहे। इस अवसर पर नगर के सभी देवालयों से भगवान के श्रीविग्रह जिनमें श्रीरघुनाथ जी मंदिर चौबयाना, बनखंडी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, मुरलीमनोहर मंदिर रावरपुरा, मदनमोहनजी मंदिर, महावीरपुरा, महावीरपुरा मंदिर, श्रीथानेश्वर मंदिर घंटाघर, तुवन मंदिर, रामजानकी मंदिर, चंडी मंदिर गांधीनगर, राधाकृष्ण मंदिर साहू समाज नईबस्ती, देवी मंदिर जुगपुरा, सिद्धन मंदिर, शिव मंदिर शनि मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर, बिहारीजी मंदिर आजादचौक, रामराजा मंदिर नदीपुरा, कुशकुटी मंदिर नदीपार, गोविंद नगर काली माता मंदिर, जगदीश मंदिर घंटाघर, परमहंस मंदिर तालाबपुरा, धनुषधारी मंदिर तालाबपुरा, जुगलकिशोर बालाजी मंदिर हवालदार तालाबपुरा, सर्वेश्वर धाम मंदिर बंध कालोनी, तखत घाट मंदिर तालाब के ऊपर, राम मंदिर बांध रोड, रिसाला मंदिर, रामजानकी मंदिर, पटऊआ मंदिर नेहरु नगर, टंकी के पास लेड़ियापुरा, सिवनी मंदिर हवाई पट्टी, गणेश मंदिर सीतापाठ, नामदेवजी गणेश मंदिर आजादचौक प्रमुख रुप से शामिल रहे ।
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योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उनका प्रथम यमुनाजी में स्नान का पर्व जलविहार पर्व माना जाता है। इस पर्व में निकली भव्य शोभायात्रा में नगर के सभी मंदिरों के विग्रह अपने-अपने विमानों में आरुढ़ होकर अपने भक्तों को दर्शन को नगर भ्रमण पर निकले, तो श्रीरामराजा व्यापार मंदिरसमिति के सदस्यों एवं दुर्गा वाहिनी रेजीमेंट की सदस्यों द्वारा सावरकर चौक पर एकत्रित सभी विमानों का मंच पर सजाई गई आकर्षक झांकियों के मध्य विमानों पर लगातार भारी पुष्प बारिश की। यहां मंच से विमानों की भव्य आरती स्त्रत्त्का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष मनीष जैन, उपाध्यक्ष हेमंत नामदेव, संरक्षक चंद्र विनोद हुंडैत, सुनील शर्मा, सरदार वीके सिंह, रामगोपाल नामदेव, रामेश्वर सड़ैया, भरत पुरोहित, संजय जैन, दीपक साहू, खुशीलाल कुशवाहा, ब्रदीसेन, गुरु संतोष सोनी, राजू सेठ, राजेश सेन, मनमोहन जड़िया, कैलाश शर्मा, प्रशांत शुक्ला, भावना सिंमह, पूजा कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
युवा ब्राह्मण महामंडल ने किया स्वागत
जलविहार पर्व पर विमानों की यात्रा निकलने पर युवा ब्राह्मण महामंडल ने घंटाघर चौराहा पर नगर भ्रमण को निकले विमानों पर पुष्प बारिश व आरती कर स्वागत किया। इस मौके पर ललित कौशिक, रत्नेश तिवारी, रविकांत तिवारी, प्रशांत, अमित नायक, अमिताभ रिछारिया, गुड्डू तिवारी, दीपक पाराशर, रामेश्वर मालवीय, नितिन पाराशर, बद्रीनारायण पाठक, राहुल चौबे, विनोद मिश्रा, अक्षय किलेदार, विक्की कौशिक, राजेश मिश्रा, भूरे, नीतेश संज्ञा आदि उपस्थित रहे।